भोपाल में टैक्सी चालकों का बड़ा ऐलान: 18 से 20 अगस्त के बीच CM हाउस घेराव की तैयारी, मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
किराया बढ़ाने और एग्रीगेटर कंपनियों की मनमानी रोकने की मांग, भोपाल की बैठक में प्रदेशव्यापी आंदोलन का फैसला
भोपाल में टैक्सी चालकों का एग्रीगेटर कंपनियों के खिलाफ चल रहा विरोध अब बड़े आंदोलन की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। शनिवार को लिंक रोड-1 स्थित चेनार पार्क में भोपाल टैक्सी चालक संघ की महाबैठक हुई। बैठक में चालकों की समस्याओं और लंबे समय से चली आ रही मांगों को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। संघ की ओर से 18 से 20 अगस्त के बीच मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की तैयारी का ऐलान किया गया है।
टैक्सी चालक संघ का कहना है कि मौजूदा किराया व्यवस्था में ड्राइवरों को पर्याप्त भुगतान नहीं मिल रहा है। चालकों का आरोप है कि एग्रीगेटर कंपनियां अपनी सुविधा के अनुसार किराया तय कर रही हैं, जबकि वाहन चलाने वाले ड्राइवरों को ईंधन, मेंटेनेंस, बीमा और वाहन से जुड़े दूसरे खर्च लगातार उठाने पड़ते हैं। ऐसे में मौजूदा किराया व्यवस्था में काम करना उनके लिए मुश्किल होता जा रहा है।
संघ इससे पहले भी किराया बढ़ाने की मांग को लेकर विरोध दर्ज करा चुका है। 6 अगस्त को संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने परिवहन मंत्री को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया था। संघ का कहना है कि सरकार और संबंधित कंपनियों की ओर से मांगों पर ठोस समाधान नहीं मिलने की स्थिति में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
महाबैठक में टैक्सी चालकों ने प्रदेश स्तर पर आंदोलन की संभावना पर भी चर्चा की। संघ का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। इसके लिए 18 से 20 अगस्त के बीच कार्यक्रम की तैयारी की जा रही है। संगठन ने संकेत दिया है कि मांगों का समाधान होने तक आंदोलन जारी रखा जा सकता है।
टैक्सी चालकों की प्रमुख मांग किराया व्यवस्था को लेकर है। उनका कहना है कि सिर्फ किराए में मामूली प्रतिशत की बढ़ोतरी पर्याप्त नहीं होगी। ड्राइवरों के लिए ऐसी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, जिसमें बेस फेयर, यात्रा के समय का शुल्क और प्रति किलोमीटर भुगतान का स्पष्ट प्रावधान हो। इससे ड्राइवरों को यात्रा के दौरान होने वाले खर्च के अनुरूप भुगतान मिल सकेगा।
संघ का आरोप है कि पहले की तुलना में वर्तमान किराया व्यवस्था में ड्राइवरों की आय प्रभावित हुई है। उनका कहना है कि कई छोटी दूरी की राइड में मिलने वाली रकम इतनी कम होती है कि ईंधन और वाहन संचालन का खर्च निकालना भी चुनौती बन जाता है। इसी वजह से संगठन सरकार से स्पष्ट और स्थायी किराया नीति लागू करने की मांग कर रहा है।
टैक्सी चालक संघ का कहना है कि सरकार को एग्रीगेटर कंपनियों के लिए भी स्पष्ट नियम तय करने चाहिए। ड्राइवरों के मुताबिक, किराया तय करने की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और कंपनियों की ओर से मनमाने तरीके से किराए में बदलाव पर रोक लगनी चाहिए। उनका कहना है कि ड्राइवरों की रोजाना की कमाई और वाहन संचालन की लागत को ध्यान में रखकर किराया तय किया जाना जरूरी है।
शनिवार की बैठक में भोपाल के अलग-अलग क्षेत्रों से टैक्सी चालकों ने हिस्सा लिया और अपनी समस्याएं संगठन के सामने रखीं। बैठक के दौरान आंदोलन को आगे बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई। संघ का कहना है कि यदि सरकार की ओर से सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है तो विरोध को प्रदेश के दूसरे शहरों तक ले जाने की तैयारी की जाएगी।
फिलहाल टैक्सी चालकों की नजर सरकार की ओर से मिलने वाले जवाब पर है। संगठन ने साफ किया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द समाधान नहीं हुआ तो अगस्त में मुख्यमंत्री आवास के घेराव के साथ आंदोलन को नया रूप दिया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में टैक्सी चालकों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
टैक्सी चालक संघ की मांगों और प्रस्तावित आंदोलन को लेकर आने वाले दिनों में प्रशासन और सरकार की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी। यदि बातचीत के जरिए समाधान नहीं निकलता है तो राजधानी भोपाल में टैक्सी सेवाओं से जुड़े इस विवाद का असर व्यापक स्तर पर देखने को मिल सकता है।
news desk MPcg