सागर में 400 रुपए किलो बिक रहा था मिलावटी घी, डॉक्टरों ने पकड़ा; खाद्य विभाग ने सैंपल लैब भेजे

सागर में 400 रुपए किलो बिक रहा था मिलावटी घी, डॉक्टरों ने पकड़ा; खाद्य विभाग ने सैंपल लैब भेजे

सागर में कम कीमत पर घी बेचने का मामला सामने आने के बाद मचा हड़कंप, डॉक्टरों को गुणवत्ता पर हुआ संदेह; खाद्य विभाग की टीम ने मौके से सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे

मध्यप्रदेश के सागर में मिलावटी घी बेचने का मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति करीब 400 रुपए प्रति किलो के भाव से घी बेच रहा था। घी की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने के बाद डॉक्टरों ने मामले को पकड़ा और इसकी सूचना खाद्य विभाग को दी। सूचना मिलने के बाद खाद्य विभाग की टीम सक्रिय हुई और मौके पर पहुंचकर घी के सैंपल लिए गए।

मामले में सबसे अहम बात यह है कि जिस घी को 400 रुपए किलो की दर से बेचा जा रहा था, उसकी गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे हैं। डॉक्टरों को घी संदिग्ध लगने के बाद इसकी जानकारी संबंधित विभाग तक पहुंचाई गई। इसके बाद खाद्य विभाग ने पूरे मामले की जांच शुरू की।

400 रुपए किलो में बेचा जा रहा था घी

जानकारी के अनुसार, संबंधित व्यक्ति द्वारा घी को करीब 400 रुपए प्रति किलो की कीमत पर बेचा जा रहा था। घी की कीमत और उसकी गुणवत्ता को लेकर संदेह पैदा होने के बाद डॉक्टरों ने मामले को गंभीरता से लिया। इसके बाद घी की जांच कराने के लिए खाद्य विभाग को सूचना दी गई।

मामले की जानकारी मिलते ही खाद्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। टीम ने वहां मौजूद घी के सैंपल लिए और उन्हें परीक्षण के लिए लैब भेज दिया। अब लैब की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घी में किसी तरह की मिलावट है या नहीं।

डॉक्टरों ने पकड़ा संदिग्ध घी

घी की गुणवत्ता को लेकर डॉक्टरों को संदेह हुआ था। इसके बाद उन्होंने मामले की जानकारी खाद्य विभाग को दी। डॉक्टरों की सूचना के बाद विभाग ने सैंपलिंग की प्रक्रिया शुरू की। इस कार्रवाई के बाद अब घी की गुणवत्ता जांच के दायरे में आ गई है।

खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर इस तरह के मामलों में सैंपल की वैज्ञानिक जांच महत्वपूर्ण होती है। यही वजह है कि खाद्य विभाग ने मौके से लिए गए घी के नमूनों को लैब भेजा है। जांच के बाद ही यह पता चल पाएगा कि घी खाद्य मानकों के अनुरूप है या नहीं।

खाद्य विभाग ने लिए घी के सैंपल

खाद्य विभाग की टीम ने मौके से घी के नमूने लिए हैं। इन सैंपलों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। लैब में घी की गुणवत्ता और उसमें संभावित मिलावट की जांच की जाएगी।

फिलहाल विभाग की ओर से घी को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ होगा कि घी में वास्तव में मिलावट पाई गई है या नहीं। रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

रिपोर्ट आने के बाद होगी कार्रवाई

इस पूरे मामले में अब खाद्य विभाग की लैब रिपोर्ट अहम मानी जा रही है। यदि जांच में घी के सैंपल निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरते हैं और मिलावट की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल खाद्य विभाग ने सैंपल लेकर जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है। अधिकारियों की ओर से रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी और यह भी तय होगा कि संबंधित व्यक्ति के खिलाफ किस तरह की कार्रवाई की जाएगी।

मामले के सामने आने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। खासतौर पर कम कीमत पर बेचे जा रहे घी की गुणवत्ता को लेकर लोगों में चिंता बढ़ सकती है। हालांकि, इस मामले में अंतिम स्थिति लैब रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।