OSCAR 2026: ऑस्कर वोटिंग पैनल में बढ़ी भारत की भागीदारी, विशाल भारद्वाज समेत 6 भारतीय हस्तियों को मिला सदस्यता का न्योता
भारतीय सिनेमा की वैश्विक पहचान लगातार मजबूत होती जा रही है। इसका ताजा उदाहरण तब देखने को मिला जब एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज (AMPAS) ने वर्ष 2026 के लिए दुनिया भर के 529 कलाकारों, फिल्म निर्माताओं और तकनीकी विशेषज्ञों को अपनी प्रतिष्ठित सदस्यता के लिए आमंत्रित किया। इस सूची में भारतीय फिल्म उद्योग की छह प्रमुख हस्तियों को भी शामिल किया गया है।
ऑस्कर पुरस्कारों का आयोजन करने वाली यह संस्था दुनिया की सबसे प्रभावशाली फिल्म संस्थाओं में गिनी जाती है। इसके सदस्य ही विभिन्न श्रेणियों में ऑस्कर पुरस्कारों के लिए मतदान करते हैं। ऐसे में किसी कलाकार या तकनीकी विशेषज्ञ को अकादमी की सदस्यता का निमंत्रण मिलना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी उपलब्धियों और योगदान की मान्यता माना जाता है।
इस वर्ष जिन भारतीयों को आमंत्रित किया गया है उनमें फिल्म निर्देशक और संगीतकार विशाल भारद्वाज, फिल्म संपादक दीपा भाटिया, वरिष्ठ संपादक ए. श्रीकर प्रसाद, कॉस्ट्यूम डिजाइनर एकता लखानी, कास्टिंग डायरेक्टर दिलीप शंकर और एनिमेशन विशेषज्ञ अवनीत कौर शामिल हैं।
529 नए सदस्यों को भेजा गया निमंत्रण
ऑस्कर अकादमी ने अपने आधिकारिक मंच पर "क्लास ऑफ 2026" की घोषणा करते हुए बताया कि इस वर्ष 529 कलाकारों और तकनीकी विशेषज्ञों को सदस्यता के लिए आमंत्रित किया गया है। ये सदस्य अभिनय, निर्देशन, संगीत, संपादन, कॉस्ट्यूम डिजाइन, कास्टिंग, एनीमेशन, लेखन और अन्य फिल्मी क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
यदि सभी आमंत्रित सदस्य सदस्यता स्वीकार करते हैं तो अकादमी की वैश्विक सदस्य संख्या और अधिक बढ़ जाएगी। अकादमी का उद्देश्य विभिन्न देशों, संस्कृतियों और फिल्म परंपराओं से जुड़े प्रतिभाशाली लोगों को निर्णय प्रक्रिया में शामिल करना है।
विशाल भारद्वाज को मिला वैश्विक सम्मान
भारतीय सिनेमा के बहुमुखी प्रतिभा के धनी विशाल भारद्वाज को म्यूजिक ब्रांच में शामिल होने का निमंत्रण मिला है। विशाल भारद्वाज न केवल एक सफल निर्देशक हैं, बल्कि संगीतकार, लेखक और निर्माता के रूप में भी उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है।
उन्होंने शेक्सपियर की रचनाओं पर आधारित मकबूल, ओमकारा और हैदर जैसी फिल्मों के जरिए भारतीय सिनेमा को नई दिशा दी। उनकी फिल्मों को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के अलावा कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी सराहना मिली है।
विशाल भारद्वाज के संगीत और फिल्म निर्माण शैली को भारतीय सिनेमा में प्रयोगधर्मी और प्रभावशाली माना जाता है। ऑस्कर अकादमी का निमंत्रण उनके लंबे और सफल करियर की वैश्विक मान्यता के रूप में देखा जा रहा है।
दीपा भाटिया: संपादन जगत का प्रतिष्ठित नाम
दीपा भाटिया भारतीय फिल्म उद्योग की जानी-मानी फिल्म संपादक हैं। उन्होंने तारे ज़मीन पर, काई पो चे, रॉक ऑन, केदारनाथ और कई अन्य फिल्मों में संपादन का कार्य किया है।
फिल्मों की भावनात्मक और कथात्मक संरचना को प्रभावी बनाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है। फिल्म संपादन के क्षेत्र में उनके योगदान को लंबे समय से सराहा जाता रहा है।
ए. श्रीकर प्रसाद की उपलब्धियों को मिली नई पहचान
भारतीय सिनेमा के सबसे सम्मानित संपादकों में गिने जाने वाले ए. श्रीकर प्रसाद को भी ऑस्कर अकादमी ने आमंत्रित किया है। चार दशक से अधिक लंबे करियर में उन्होंने हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम और अन्य भाषाओं की सैकड़ों फिल्मों में काम किया है।
उन्होंने आरआरआर, शेरशाह, तलवार, साथिया, स्काई फोर्स और कई चर्चित फिल्मों का संपादन किया है। वे भारत के सबसे अधिक राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीतने वाले फिल्म संपादकों में शामिल हैं।
फिल्म उद्योग में उनकी तकनीकी दक्षता और रचनात्मक दृष्टिकोण को अत्यंत सम्मान के साथ देखा जाता है।
एकता लखानी ने कॉस्ट्यूम डिजाइन में बनाई पहचान
कॉस्ट्यूम डिजाइनर एकता लखानी को भी इस वर्ष अकादमी ने सदस्यता का निमंत्रण दिया है। उन्होंने रॉकी और रानी की प्रेम कहानी समेत कई फिल्मों में अपने कॉस्ट्यूम डिजाइनों के जरिए दर्शकों और समीक्षकों का ध्यान आकर्षित किया।
फिल्मों में किरदारों की पहचान और दृश्यात्मक प्रभाव को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।
दिलीप शंकर और अवनीत कौर भी सूची में शामिल
भारतीय कास्टिंग इंडस्ट्री का प्रतिनिधित्व करते हुए दिलीप शंकर को ऑस्कर अकादमी की सदस्यता का निमंत्रण मिला है। कास्टिंग डायरेक्टर के रूप में उन्होंने कई फिल्मों और परियोजनाओं के लिए कलाकारों के चयन में अहम भूमिका निभाई है।
वहीं अवनीत कौर को एनीमेशन क्षेत्र में उनके योगदान के लिए आमंत्रित किया गया है। डिज्नी से जुड़े विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स में उनके काम ने भारतीय प्रतिभा को वैश्विक मंच तक पहुंचाने में मदद की है।
ऑस्कर वोटिंग पैनल में शामिल होने का क्या महत्व है?
ऑस्कर अकादमी के सदस्य बनने के बाद ये सभी भारतीय फिल्म विशेषज्ञ ऑस्कर पुरस्कारों के लिए मतदान करने के पात्र होंगे। सदस्य अपने-अपने क्षेत्र से जुड़ी श्रेणियों में नामांकनों और विजेताओं के चयन में भाग लेते हैं।
यह सदस्यता केवल सम्मान नहीं बल्कि वैश्विक फिल्म उद्योग की निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर भी प्रदान करती है। इससे भारतीय सिनेमा की आवाज और प्रतिनिधित्व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होता है।
पिछले वर्षों में भी बढ़ा भारतीय प्रतिनिधित्व
हाल के वर्षों में ऑस्कर अकादमी ने भारतीय कलाकारों और फिल्मकारों को लगातार सदस्यता के लिए आमंत्रित किया है। पिछले वर्ष कमल हासन, आयुष्मान खुराना और पायल कपाड़िया को यह सम्मान मिला था।
इसके अलावा आरआरआर के ऑस्कर जीतने, ऑल वी इमेजिन ऐज़ लाइट जैसी फिल्मों की अंतरराष्ट्रीय सफलता और भारतीय कलाकारों की वैश्विक उपलब्धियों ने दुनिया का ध्यान भारतीय सिनेमा की ओर आकर्षित किया है।
भारतीय सिनेमा के लिए गर्व का क्षण
विशेषज्ञों का मानना है कि ऑस्कर अकादमी में भारतीय सदस्यों की बढ़ती संख्या आने वाले वर्षों में भारतीय फिल्मों और प्रतिभाओं के लिए नए अवसर पैदा करेगी। यह उपलब्धि दर्शाती है कि भारतीय सिनेमा अब केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्व सिनेमा की दिशा तय करने वाली संस्थाओं में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
विशाल भारद्वाज, दीपा भाटिया, ए. श्रीकर प्रसाद, एकता लखानी, दिलीप शंकर और अवनीत कौर का ऑस्कर वोटिंग पैनल में शामिल होना भारतीय फिल्म उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो देश की रचनात्मक प्रतिभा को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने का काम करेगा।
news desk MPcg