लुधियाना की निटवेयर फैक्ट्री में भीषण आग: 35 दमकल गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद पाया काबू, करोड़ों का नुकसान
पंजाब के औद्योगिक शहर लुधियाना में बुधवार देर रात एक बड़ी औद्योगिक दुर्घटना सामने आई, जब केशव नगर स्थित श्रीयांश निटवेयर फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते तीन मंजिला फैक्ट्री पूरी तरह उसकी चपेट में आ गई। घटना में तैयार माल, कच्चा माल और महंगी मशीनें जलकर राख हो गईं। हालांकि राहत की बात यह रही कि समय रहते कर्मचारियों और आसपास के लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
देर रात फैक्ट्री से उठीं आग की लपटें
जानकारी के अनुसार, कैंसर अस्पताल के निकट स्थित श्रीयांश निटवेयर फैक्ट्री में बुधवार रात करीब 11:15 बजे आग लगने की सूचना मिली। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग सबसे पहले ग्राउंड फ्लोर से शुरू हुई और कुछ ही मिनटों में ऊपरी मंजिलों तक फैल गई। फैक्ट्री के अंदर बड़ी मात्रा में कपड़ा, धागा और अन्य ज्वलनशील सामग्री मौजूद थी, जिसके कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
आग की ऊंची लपटें और धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आसपास रहने वाले लोग घरों से बाहर निकल आए।
कर्मचारियों ने समय रहते बचाई जान
फैक्ट्री में मौजूद कर्मचारियों ने आग लगते ही स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। कर्मचारियों ने तुरंत फैक्ट्री मालिक और फायर ब्रिगेड को सूचना दी, जिसके बाद राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।
अधिकारियों के अनुसार आग लगने के समय फैक्ट्री में सीमित संख्या में कर्मचारी मौजूद थे, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसी वजह से किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
35 से अधिक दमकल गाड़ियों को बुलाना पड़ा
आग की भयावहता को देखते हुए लुधियाना फायर ब्रिगेड ने शहर और आसपास के क्षेत्रों से अतिरिक्त फायर टेंडर मौके पर बुलाए। कुल 35 से अधिक दमकल गाड़ियों को आग बुझाने के अभियान में लगाया गया।
दमकल कर्मियों ने रातभर लगातार पानी और फोम की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास किया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सका। आग बुझाने के दौरान दमकल कर्मियों को फैक्ट्री के अंदर घने धुएं, अत्यधिक गर्मी और सीमित पहुंच जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
आसपास के इलाकों को कराया गया खाली
प्रशासन ने एहतियात के तौर पर फैक्ट्री के आसपास स्थित इमारतों और मकानों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। अधिकारियों को आशंका थी कि आग आसपास की इमारतों तक फैल सकती है, इसलिए पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया।
राहत दल और पुलिसकर्मी पूरी रात मौके पर मौजूद रहे और स्थिति पर नजर बनाए रखी।
करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका
फैक्ट्री मालिक विनय जैन ने बताया कि आग से भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में तैयार कपड़ा, कच्चा माल और उत्पादन में इस्तेमाल होने वाली मशीनें मौजूद थीं, जो आग की चपेट में आ गईं।
उन्होंने कहा कि नुकसान का सटीक आकलन अभी नहीं किया जा सका है, लेकिन प्रारंभिक अनुमान के अनुसार करोड़ों रुपये की संपत्ति नष्ट हुई है। फैक्ट्री प्रबंधन अब नुकसान का विस्तृत मूल्यांकन करने में जुटा है।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच जारी
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि फायर विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां मामले की विस्तृत जांच कर रही हैं।
अधिकारियों का कहना है कि विद्युत प्रणाली, मशीनरी और सुरक्षा मानकों की जांच के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
औद्योगिक सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कपड़ा और निटवेयर उद्योगों में बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री होने के कारण नियमित फायर सेफ्टी ऑडिट और आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता बेहद जरूरी है।
फिलहाल प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है और नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। राहत की बात यह है कि इस बड़े हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन आर्थिक नुकसान काफी बड़ा माना जा रहा है।
news desk MPcg