बिहार बंद हिंसा: सिवान में AK-47 से फायरिंग करने वाला सिपाही निलंबित, विभागीय जांच शुरू; पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

बिहार बंद हिंसा: सिवान में AK-47 से फायरिंग करने वाला सिपाही निलंबित, विभागीय जांच शुरू; पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

भीड़ नियंत्रण के दौरान AK-47 से फायरिंग का वीडियो हुआ था वायरल, पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर कार्रवाई

बिहार बंद के दौरान सिवान में हुई हिंसा और पुलिस फायरिंग मामले में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। भीड़ नियंत्रण के दौरान AK-47 से फायरिंग करने वाले सिपाही अभिषेक कुमार पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

यह मामला तब सुर्खियों में आया जब बिहार बंद के दौरान सिवान में पुलिसकर्मी द्वारा AK-47 से हवा में गोली चलाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने घटना की रिपोर्ट मांगी थी और प्रारंभिक जांच के बाद सिपाही के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।

जेपी चौक पर बिगड़ी थी स्थिति, पुलिस ने की थी हवाई फायरिंग

बिहार बंद के दौरान सिवान शहर के जेपी चौक इलाके में प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। पुलिस के अनुसार, बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़क पर उतर आए थे और नारेबाजी के बीच पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई थीं।

पुलिस का दावा है कि प्रदर्शनकारियों की ओर से पत्थरबाजी में कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। हालात को नियंत्रित करने के लिए पहले आंसू गैस के गोले छोड़े गए, लेकिन जब भीड़ नहीं हटी तो पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी।

पुलिस के अनुसार, भीड़ को तितर-बितर करने के उद्देश्य से सिपाही अभिषेक कुमार पटेल ने हवा में चार राउंड फायर किए। पुलिस का कहना है कि फायरिंग के बाद भीड़ पीछे हटने लगी और स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आई।

पुलिस एफआईआर में दोनों तरफ से फायरिंग का दावा

मामले में दर्ज प्राथमिकी में पुलिस ने दावा किया है कि प्रदर्शनकारियों की ओर से भी फायरिंग की गई थी।

नगर थाना में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, जेपी चौक पर तैनात पुलिस बल पर प्रदर्शनकारियों ने हमला किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि भीड़ लगातार पत्थरबाजी कर रही थी और स्थिति बिगड़ती जा रही थी।

वहीं मुफस्सिल थाना की प्राथमिकी में पुलिस ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शनकारियों में शामिल कुछ लोगों ने करीब 20 से 25 फीट की दूरी से पुलिस बल पर फायरिंग की।

एफआईआर के मुताबिक, पुलिस ने आत्मरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियंत्रित तरीके से जवाबी कार्रवाई की।

पुलिस मुख्यालय ने मांगी थी रिपोर्ट

AK-47 से फायरिंग का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस मुख्यालय ने पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की थी। अधिकारियों ने घटना की परिस्थितियों, फायरिंग की जरूरत और पुलिसकर्मी की कार्रवाई की समीक्षा शुरू की।

प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर सिपाही अभिषेक कुमार पटेल को निलंबित किया गया है। पुलिस विभाग का कहना है कि विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

बिहार बंद के दौरान सिवान में हुई थी हिंसा

बिहार बंद के दौरान सिवान सहित कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन हुए थे। सिवान में प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई थी।

पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने जेपी चौक और आसपास के क्षेत्रों में हंगामा किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी।

इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसमें कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात सामने आई। प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए।

सिवान में इंटरनेट सेवा बंद, कई लोग हिरासत में

हिंसा के बाद प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए सिवान में इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी थी। अधिकारियों का कहना था कि अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया।

इसके अलावा पुलिस ने मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया है। प्रशासन का कहना है कि हिंसा में शामिल लोगों की पहचान वीडियो फुटेज और अन्य माध्यमों से की जा रही है।

पुलिस कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

AK-47 से फायरिंग का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठे हैं। कई लोगों ने पूछा है कि भीड़ नियंत्रण के दौरान अत्याधुनिक हथियार से फायरिंग की जरूरत क्यों पड़ी।

वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जवानों ने गंभीर स्थिति में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की थी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।

जांच के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई

फिलहाल सिपाही अभिषेक कुमार पटेल निलंबित हैं और उनके खिलाफ विभागीय जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि फायरिंग नियमों के अनुसार थी या नहीं और क्या इसमें किसी तरह की प्रक्रिया संबंधी चूक हुई।

सिवान हिंसा मामले में पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर अब सभी की नजर है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ होगा कि इस मामले में आगे कौन-कौन से कदम उठाए जाएंगे।