NEET पेपर लीक विवाद के बीच लोकसभा में परीक्षा संशोधन बिल पेश, विपक्ष का हंगामा; धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफे के बाद संसद में पहला दिन

NEET पेपर लीक विवाद के बीच लोकसभा में परीक्षा संशोधन बिल पेश, विपक्ष का हंगामा; धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफे के बाद संसद में पहला दिन

NEET-UG पेपर लीक विवाद और छात्रों के प्रदर्शन के बीच सोमवार को संसद के मानसून सत्र में परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़ा अहम विधेयक लोकसभा में पेश किया गया। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पेश किया। सरकार का कहना है कि इस संशोधन का उद्देश्य देश में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और परीक्षा माफिया जैसी गतिविधियों पर सख्ती करना है।

हालांकि, बिल पेश होते ही विपक्ष ने सदन में जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। विपक्षी सांसदों ने NEET पेपर लीक और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हंगामे के चलते लोकसभा और राज्यसभा दोनों की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।

लोकसभा में बिल पेश होते ही विपक्ष का प्रदर्शन

सोमवार सुबह संसद की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद विपक्षी सांसदों ने NEET विवाद को लेकर सरकार को घेरना शुरू कर दिया। विपक्ष ने मांग की कि छात्रों पर हुई कार्रवाई, कथित पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था की खामियों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह संसद में जवाब दें।

हंगामे के बीच केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने परीक्षा सुधार से जुड़े संशोधन विधेयक को लोकसभा में पेश किया। बिल को ध्वनि मत से पेश किया गया।

विपक्षी सांसद लगातार “मोदी-शाह छात्रों से माफी मांगें” जैसे नारे लगाते रहे, जिसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।

धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफे के बाद पहली बार संसद पहुंचे

NEET पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान सोमवार को पहली बार संसद पहुंचे। संसद पहुंचने पर NDA सांसदों ने उनका स्वागत किया।

NDA नेताओं ने धर्मेंद्र प्रधान को शॉल और मिथिला पाग पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान कई सांसदों ने उनके समर्थन में नारे लगाए।

धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। NEET विवाद के बाद विपक्ष लगातार उनकी जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहा था।

विपक्ष का मकर द्वार पर प्रदर्शन

संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर के मकर द्वार पर प्रदर्शन किया। कांग्रेस सहित INDIA ब्लॉक के नेताओं ने NEET पेपर लीक और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया।

विपक्ष का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रही गड़बड़ियों से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया।

राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों पर कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज दबाने के लिए सरकार बल प्रयोग कर रही है।

राहुल गांधी ने बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों में छात्रों के साथ एक जैसा व्यवहार किया जा रहा है।

उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग करते हुए सरकार पर निशाना साधा।

अखिलेश यादव बोले- टास्क फोर्स पहले बननी चाहिए थी

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने परीक्षा सुधार के लिए सरकार द्वारा हाई पावर टास्क फोर्स बनाए जाने के फैसले का स्वागत किया, लेकिन सवाल उठाया कि यह कदम पहले क्यों नहीं उठाया गया।

उन्होंने कहा कि परीक्षा सुधार देश के करोड़ों युवाओं से जुड़ा मुद्दा है और सरकार को पहले ही इस दिशा में कदम उठाने चाहिए थे।

क्या है परीक्षा संशोधन बिल का उद्देश्य?

सरकार द्वारा पेश किए गए संशोधन विधेयक का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाली अनियमितताओं पर रोक लगाना है।

मौजूदा कानून के तहत पेपर लीक, नकल और परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है। केंद्र सरकार ने जून 2024 में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम लागू किया था।

इस कानून में पेपर लीक, परीक्षा से जुड़ी धोखाधड़ी, फर्जी वेबसाइट बनाना, OMR शीट में छेड़छाड़ और परीक्षार्थियों को अनुचित मदद पहुंचाने जैसी गतिविधियों को अपराध माना गया है।

कानून के तहत:

पेपर लीक और अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर 3 से 5 साल तक की सजा का प्रावधान है।
10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था के अधिकारियों की संलिप्तता मिलने पर 3 से 10 साल तक की सजा और 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
NEET पेपर लीक विवाद: अब तक क्या हुआ?

NEET-UG परीक्षा को लेकर विवाद मई 2026 में सामने आया, जब पेपर लीक के आरोप लगाए गए। इसके बाद परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर देशभर में सवाल उठे।

विवाद के बाद:

परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठे।
छात्रों ने देशभर में विरोध प्रदर्शन किए।
कई जगहों पर जांच शुरू हुई।
मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों द्वारा की जा रही है।

जांच एजेंसियों ने पेपर लीक मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और अलग-अलग राज्यों में जांच जारी है।

संसद में सरकार और विपक्ष आमने-सामने

सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए सख्त कानून जरूरी है। केंद्रीय मंत्री और NDA नेताओं ने विपक्ष से अपील की है कि वह छात्रों के हित से जुड़े इस बिल पर चर्चा में सहयोग करे।

वहीं विपक्ष का कहना है कि केवल कानून बनाने से समस्या खत्म नहीं होगी। सरकार को उन अधिकारियों और संस्थाओं की जवाबदेही तय करनी होगी जिनकी लापरवाही से पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आईं।

संसद सत्र में आगे भी जारी रह सकता है NEET मुद्दा

NEET विवाद को लेकर विपक्ष ने साफ संकेत दिए हैं कि वह संसद में इस मुद्दे को लगातार उठाएगा। विपक्ष प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से सदन में बयान की मांग कर रहा है।

दूसरी ओर सरकार परीक्षा सुधारों से जुड़े विधेयक को जल्द पारित कराकर परीक्षा व्यवस्था में बदलाव का संदेश देना चाहती है।

अब सभी की नजर इस बात पर है कि लोकसभा में चर्चा के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच किस तरह की बहस होती है और संशोधन विधेयक में कौन-कौन से बदलाव किए जाते हैं।