MP Weather Update: शहडोल में आकाशीय बिजली गिरने से 3 लोगों की मौत, 5 घायल; अगले 4 दिन भारी बारिश का अलर्ट, इटारसी में बारिश के लिए शिवलिंग को जल में डुबोकर पूजा
मानसूनी सिस्टम सक्रिय, पूर्वी मध्य प्रदेश में तेज बारिश की संभावना; IMD ने 6 जिलों के लिए जारी किया हैवी रेन अलर्ट
मध्य प्रदेश में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। प्रदेश में बने मजबूत मानसूनी सिस्टम के कारण कई जिलों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है।
इसी बीच शहडोल जिले में तेज बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा हादसा सामने आया है। रविवार को अलग-अलग घटनाओं में बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में एक 11 वर्षीय बच्चा भी शामिल है।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है। सोमवार को उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
शहडोल में बिजली गिरने से तीन की मौत, खेतों में हुआ हादसा
शहडोल जिले में रविवार को बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की जान चली गई। हादसे की सभी घटनाएं खुले स्थानों और खेतों में हुईं।
पहली घटना जैतपुर थाना क्षेत्र के झींक बिजुरी चौकी अंतर्गत ग्राम झींक में हुई। यहां धान की रोपाई के दौरान अचानक बिजली गिर गई। हादसे में कई लोग इसकी चपेट में आ गए।
घटना में किशन (28) की पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें पहले झींक बिजुरी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल शहडोल रेफर किया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
इस हादसे में दो अन्य लोग भी घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है। पुलिस ने सभी मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
11 साल के बच्चे की भी मौत
शहडोल में आकाशीय बिजली गिरने की दूसरी घटनाओं में एक 11 वर्षीय बच्चे की भी मौत हुई है। बारिश के दौरान खुले स्थान पर मौजूद लोग अचानक बिजली गिरने की चपेट में आ गए।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे और खेतों में जाने से बचें।
प्रदेश में मजबूत हुआ मानसून सिस्टम
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मध्य प्रदेश के ऊपर इस समय कई मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं। प्रदेश से मानसून ट्रफ गुजर रही है। इसके अलावा लो प्रेशर एरिया और डिप्रेशन का असर भी बना हुआ है।
मौसम विभाग ने बताया कि आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) भी सक्रिय हो सकता है। इन सभी सिस्टम के प्रभाव से 27 जुलाई से 30 जुलाई के बीच प्रदेश के कई जिलों में भारी और अति भारी बारिश की संभावना है।
इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए इन जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताया है:
उमरिया
शहडोल
अनूपपुर
डिंडौरी
मंडला
बालाघाट
इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी तेज बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
MP में अब तक 15% कम बारिश दर्ज
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है।
प्रदेश में अब तक औसतन 13.2 इंच (334.9 मिमी) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक करीब 15.5 इंच (395.2 मिमी) बारिश होनी चाहिए थी।
इस हिसाब से प्रदेश में करीब 2.3 इंच यानी 15 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी करीब 18 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में करीब 13 प्रतिशत दर्ज की गई है।
इटारसी में अच्छी बारिश के लिए शिवलिंग को जल में डुबोकर पूजा
वहीं दूसरी ओर नर्मदापुरम जिले के इटारसी में बारिश के लिए धार्मिक अनुष्ठान किया गया।
बारिश की कमी से परेशान किसानों और ग्रामीणों ने प्राचीन तिलक सिंदूर मंदिर में भगवान भोलेनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की।
बम बाबा समिति की ओर से आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में शिवलिंग को पूरी तरह जल में डुबो दिया गया। श्रद्धालुओं ने अच्छी बारिश, किसानों की समृद्धि और क्षेत्र में खुशहाली की कामना की।
इस दौरान रुद्राभिषेक और जलाभिषेक किया गया। श्रद्धालुओं का मानना है कि भगवान शिव को जल में विराजमान करने से इंद्रदेव प्रसन्न होते हैं और अच्छी वर्षा होती है।
14 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से ज्यादा
प्रदेश में जहां कई जिले बारिश की कमी से जूझ रहे हैं, वहीं कुछ जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
बारिश के मामले में बेहतर स्थिति वाले जिलों में शामिल हैं:
मंदसौर
दमोह
सिवनी
निवाड़ी
आगर-मालवा
भिंड
भोपाल
बुरहानपुर
देवास
हरदा
इंदौर
नीमच
राजगढ़
सीहोर
वहीं करीब 41 जिलों में बारिश सामान्य से कम दर्ज की गई है।
जुलाई में होती है मानसून की सबसे ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश में मानसून की कुल बारिश का बड़ा हिस्सा जुलाई महीने में ही पूरा होता है।
प्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश करीब 37.3 इंच मानी जाती है। जुलाई में कई जिलों में पूरे मानसून की करीब 40 प्रतिशत तक बारिश हो जाती है।
भोपाल में जुलाई महीने की औसत बारिश करीब 14.4 इंच है, जबकि इंदौर में यह आंकड़ा करीब 12 इंच है।
बड़े शहरों में बारिश के पुराने रिकॉर्ड
भोपाल
राजधानी भोपाल में जुलाई महीने में भारी बारिश के कई रिकॉर्ड दर्ज हैं। वर्ष 1986 में जुलाई महीने में करीब 41 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई थी।
22 जुलाई 1973 को एक ही दिन में करीब 11 इंच बारिश हुई थी, जो अब तक के बड़े रिकॉर्ड में शामिल है।
इंदौर
इंदौर में 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड 27 जुलाई 1913 का है। उस दिन करीब 11.5 इंच बारिश दर्ज की गई थी।
जबलपुर
जबलपुर प्रदेश के सबसे ज्यादा बारिश वाले बड़े शहरों में शामिल है। यहां 30 जुलाई 1915 को 24 घंटे में करीब 13.5 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई थी।
ग्वालियर
ग्वालियर में प्रदेश के अन्य बड़े शहरों की तुलना में कम बारिश होती है। यहां जुलाई महीने में औसतन करीब 9 इंच बारिश होती है।
उज्जैन
उज्जैन में भी जुलाई महीने में मानसून सक्रिय रहता है और पूरे सीजन की करीब 40 प्रतिशत बारिश इसी महीने में होती है।
प्रशासन और मौसम विभाग की लोगों से अपील
लगातार बारिश और आकाशीय बिजली की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बिजली चमकने के दौरान:
खुले मैदान में जाने से बचें
पेड़ के नीचे खड़े न हों
खेतों में काम कर रहे लोग सुरक्षित स्थान पर पहुंचें
मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखें
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। किसानों और आम लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखें।
news desk MPcg