शिवधाम में इंदौर का स्वच्छता संदेश
कैलास यात्रा में इंदौर का स्वच्छता मॉडल दिखा, 5 यात्रियों ने कठिन रास्तों पर चलाया सफाई अभियान
इंदौर। स्वच्छता के लिए देशभर में अपनी अलग पहचान बना चुका इंदौर अब विदेशों और धार्मिक यात्राओं में भी सफाई का संदेश पहुंचा रहा है। इंदौर के पांच यात्रियों ने कैलास मानसरोवर यात्रा के दौरान स्वच्छता अभियान चलाकर एक मिसाल पेश की। कठिन पहाड़ी रास्तों और विपरीत परिस्थितियों के बीच यात्रियों ने न सिर्फ लोगों को जागरूक किया, बल्कि यात्रा मार्ग पर फैले कचरे को भी एकत्रित कर साफ-सफाई का संदेश दिया।
इंदौर निवासी कमलेश गुप्ता ने 1 जुलाई से 16 जुलाई तक काठमांडू मार्ग से कैलास मानसरोवर यात्रा पूरी की। इस दौरान उनके साथ उनकी पत्नी सुषमा गुप्ता और महू के तीन साथी नेहल अग्रवाल, वंशिका अग्रवाल और पीयूषा अग्रवाल भी मौजूद रहे।
यात्रा के दौरान इस समूह ने महसूस किया कि धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों पर बढ़ता कचरा पर्यावरण के लिए बड़ी चुनौती बन रहा है। इसी को देखते हुए उन्होंने यात्रा शुरू होने से पहले स्वच्छता जागरूकता के लिए विशेष बैनर भी तैयार करवाए और लोगों को सफाई के प्रति प्रेरित किया।
भगवान शिव की धरती पर दिया स्वच्छता का संदेश
कैलास मानसरोवर को भगवान शिव का पवित्र धाम माना जाता है। यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। यात्रियों के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में लोगों के आने से कई जगहों पर प्लास्टिक और अन्य कचरा दिखाई देता है।
इंदौर के यात्रियों ने यात्रा मार्ग पर पड़े कचरे को उठाकर न सिर्फ सफाई की, बल्कि यह संदेश भी दिया कि धार्मिक स्थानों की पवित्रता बनाए रखना हर श्रद्धालु की जिम्मेदारी है।
भारत की छवि को लेकर जताई चिंता
यात्रियों ने बताया कि तिब्बत क्षेत्र में कई बार यह शिकायत सामने आती है कि कुछ भारतीय यात्री यात्रा के दौरान कचरा छोड़ जाते हैं। इससे भारत की छवि प्रभावित होती है। इसी सोच के साथ समूह ने स्वच्छता अभियान को अपनी यात्रा का हिस्सा बनाया।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता सिर्फ अपने शहर तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि जहां भी जाएं वहां सफाई बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है।
इंदौर की सोच पहुंची कैलास तक
इंदौर लंबे समय से स्वच्छता के क्षेत्र में देशभर में चर्चा में रहा है। शहर में कचरा प्रबंधन, नागरिक भागीदारी और सफाई अभियानों के कारण इसकी पहचान बनी है।
अब इंदौर के नागरिकों ने इसी सोच को हजारों किलोमीटर दूर कैलास मानसरोवर तक पहुंचाने का काम किया है। यात्रियों की यह पहल धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दे रही है।
news desk MPcg