पीएम मोदी का नए सांसदों को संदेश, सदन में सक्रिय रहने की दी सलाह

पीएम मोदी का नए सांसदों को संदेश, सदन में सक्रिय रहने की दी सलाह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपने आवास पर भाजपा के नए सांसदों के साथ मुलाकात की। नाश्ते पर हुई इस बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने नए सांसदों को संसदीय जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाने और सदन में सक्रिय भूमिका निभाने की सलाह दी।

सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों से कहा कि वे संसद की कार्यवाही में नियमित रूप से हिस्सा लें और सदन की गतिविधियों को समझने के लिए ज्यादा समय दें। उन्होंने नए सांसदों को वरिष्ठ नेताओं से सीखने और संसदीय परंपराओं को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।

नए सांसदों को दी संसदीय कामकाज की सीख

बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि सांसदों को जनता की उम्मीदों को ध्यान में रखते हुए काम करना चाहिए। उन्होंने सांसदों को अपने क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने और देशहित से जुड़े विषयों पर सकारात्मक भूमिका निभाने की सलाह दी।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि संसद केवल बहस का मंच नहीं बल्कि देश की नीतियों और विकास की दिशा तय करने वाली महत्वपूर्ण संस्था है। इसलिए सांसदों को इसकी गरिमा बनाए रखते हुए अपनी जिम्मेदारियां निभानी चाहिए।

कई सांसद बैठक में रहे मौजूद

प्रधानमंत्री के साथ हुई इस मुलाकात में कई नए सांसद शामिल हुए। इनमें नितिन नवीन, सुष्मिता देव, राजेंद्र गुप्ता, राहुल सिंह, स्वाति मालीवाल, राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक समेत कई सांसद मौजूद रहे।

इस मुलाकात को नए सांसदों के लिए प्रधानमंत्री से सीधे मार्गदर्शन लेने और संसदीय अनुभव समझने का अहम अवसर माना जा रहा है।

NDA संसदीय दल की बैठक भी हुई

इससे पहले NDA संसदीय दल की बैठक आयोजित की गई थी। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

बैठक का उद्देश्य संसद के अंदर बेहतर तालमेल बनाए रखना और गठबंधन की एकजुटता को मजबूत करना था।

संसद में सक्रिय भूमिका पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने नए सांसदों को सलाह दी कि वे सदन में सक्रिय रहें और विपक्ष समेत सभी सदस्यों के विचारों को समझने की कोशिश करें। उन्होंने सांसदों से मिलकर काम करने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने का आह्वान किया।

इस मुलाकात को आगामी संसदीय कार्यवाही और नए सांसदों की भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।