MP में बस सफर हुआ महंगा: सरकार ने बढ़ाया किराया, लंबी दूरी की यात्राओं पर 60% तक बढ़ सकता है खर्च
परिवहन विभाग ने जारी किया नया किराया नोटिफिकेशन, 75 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी; बस ऑपरेटर अब अधिकतम 2 रुपए प्रति किलोमीटर तक वसूल सकेंगे किराया
मध्य प्रदेश में बस से सफर करने वाले यात्रियों को अब अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी होगी। राज्य सरकार के परिवहन विभाग ने बस किराए में बढ़ोतरी का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है और नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। किराया बढ़ने का सबसे ज्यादा असर लंबी दूरी की यात्राओं पर पड़ेगा, जहां यात्रियों को पहले की तुलना में 55 से 60 प्रतिशत तक ज्यादा भुगतान करना पड़ सकता है।
मध्य प्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार, किराया बढ़ने के बाद लंबी दूरी के रूटों पर 400 रुपए का किराया बढ़कर करीब 600 से 700 रुपए तक पहुंच सकता है। हालांकि वास्तविक किराया बस के प्रकार, रूट और दूरी के हिसाब से तय होगा।
75 पैसे प्रति किलोमीटर बढ़ाया गया किराया
परिवहन विभाग की ओर से जारी नई व्यवस्था के तहत बस किराए में 75 पैसे प्रति किलोमीटर की वृद्धि की गई है। इसके बाद बस ऑपरेटर यात्रियों से अधिकतम 2 रुपए प्रति किलोमीटर तक किराया वसूल सकेंगे।
सरकार की ओर से बढ़े हुए किराए का आदेश जारी होने के बाद निजी बस संचालकों ने नई दरों के अनुसार टिकट लेना शुरू कर दिया है।
100 किलोमीटर की यात्रा पर 75 रुपए तक बढ़ सकता है खर्च
नई किराया व्यवस्था का असर छोटे और लंबे दोनों रूटों पर दिखाई देगा। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई यात्री पहले 100 किलोमीटर की यात्रा के लिए करीब 125 रुपए किराया देता था, तो नई दरों के बाद यह खर्च बढ़कर लगभग 200 रुपए तक पहुंच सकता है।
यानी 100 किलोमीटर की यात्रा पर यात्रियों को करीब 75 रुपए अतिरिक्त देने पड़ सकते हैं।
लंबी दूरी के यात्रियों पर इसका असर और ज्यादा दिखाई देगा, क्योंकि दूरी बढ़ने के साथ किराए में बढ़ोतरी का अंतर भी बढ़ जाएगा।
बस ऑपरेटरों की मांग के बाद सरकार ने लिया फैसला
बस किराया बढ़ाने का फैसला उस समय आया है, जब मध्य प्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन और हड़ताल की चेतावनी दी थी।
एसोसिएशन ने 7 अगस्त से बस संचालन प्रभावित करने की चेतावनी दी थी। इसके बाद परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह और विभागीय अधिकारियों ने बस संचालकों के साथ बैठक की थी।
बैठक में बस ऑपरेटरों ने डीजल की बढ़ती कीमतों, रखरखाव खर्च और संचालन लागत बढ़ने का हवाला देते हुए किराया बढ़ाने की मांग रखी थी। इसके बाद सरकार ने किराया संशोधन को मंजूरी दी।
बस संचालकों का दावा- पांच साल बाद बढ़ा किराया
मध्य प्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संतोष पांडेय का कहना है कि राज्य में पिछले करीब पांच वर्षों से बस किराए में संशोधन नहीं किया गया था।
उन्होंने कहा कि इस दौरान डीजल, स्पेयर पार्ट्स, बीमा, टैक्स और कर्मचारियों के वेतन सहित बस संचालन से जुड़े सभी खर्चों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में पुराने किराए पर बस संचालन करना मुश्किल हो रहा था।
एसोसिएशन का कहना है कि किराया बढ़ोतरी से बस ऑपरेटरों को राहत मिलेगी और परिवहन व्यवस्था सुचारू रूप से चलाने में मदद मिलेगी।
एसोसिएशन की अन्य मांगों पर अभी फैसला नहीं
बस किराया बढ़ाने के फैसले के बावजूद बस ऑपरेटरों की अन्य मांगों पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
एसोसिएशन ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं, जिनमें निजी बसों को अधिक रूटों पर संचालन की अनुमति देना और बसों की संचालन अवधि बढ़ाना प्रमुख हैं।
40 रूटों पर निजी बसों को परमिट देने की मांग
बस ऑपरेटरों की प्रमुख मांगों में मुख्यमंत्री सुगम बस परिवहन सेवा के लिए आरक्षित 40 रूटों पर निजी बसों को भी संचालन की अनुमति देना शामिल है।
एसोसिएशन का कहना है कि इन रूटों पर निजी बस संचालकों को परमिट नहीं मिलने से छोटे ऑपरेटर प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से संबंधित नोटिफिकेशन को वापस लेने या इसमें बदलाव करने की मांग की है।
बस संचालकों ने चेतावनी दी है कि यदि इस मांग पर निर्णय नहीं लिया गया तो भविष्य में आंदोलन किया जा सकता है।
बसों की उम्र 15 से बढ़ाकर 20 साल करने की मांग
बस ओनर्स एसोसिएशन ने बसों की वैध संचालन अवधि बढ़ाने की मांग भी रखी है। वर्तमान में कई बसों के संचालन की अधिकतम अवधि 15 साल है।
ऑपरेटरों का कहना है कि कई राज्यों में बसों की उम्र सीमा 20 साल तक निर्धारित है। इसलिए मध्य प्रदेश में भी इसे बढ़ाकर 20 साल किया जाना चाहिए।
उनका तर्क है कि इससे बस मालिकों पर नई बस खरीदने का आर्थिक दबाव कम होगा और परिवहन व्यवस्था को बनाए रखने में मदद मिलेगी।
यात्रियों पर बढ़ेगा महंगाई का बोझ
किराया बढ़ने के बाद रोजाना बस से सफर करने वाले यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। खासकर नौकरी, पढ़ाई और व्यापार के लिए लंबी दूरी तय करने वाले लोगों को अब अधिक खर्च करना होगा।
यात्रियों का कहना है कि किराया बढ़ाने के साथ सरकार को बसों की सुविधा, समय पर संचालन, सुरक्षा और यात्रियों की सुविधाओं पर भी ध्यान देना चाहिए।
अब आगे क्या?
फिलहाल परिवहन विभाग की नई किराया दरें लागू हो चुकी हैं। बस संचालक नई दरों के अनुसार किराया लेना शुरू कर चुके हैं। वहीं, बस ऑपरेटरों की अन्य मांगों पर सरकार के अगले फैसले का इंतजार है।
यदि लंबित मांगों पर सहमति नहीं बनती है तो बस एसोसिएशन आने वाले दिनों में आंदोलन का रास्ता अपना सकता है। दूसरी ओर यात्रियों की नजर अब इस बात पर है कि किराया बढ़ने के बाद उन्हें परिवहन सेवाओं में कितना सुधार देखने को मिलता है।
news desk MPcg