इंदौर में कनाड़िया जंक्शन डबल डेकर ब्रिज प्रोजेक्ट रद्द: 150 करोड़ की योजना की जगह बनेगा 6-लेन अंडरपास, ट्रैफिक दबाव को देखते हुए बदली रणनीति

इंदौर में कनाड़िया जंक्शन डबल डेकर ब्रिज प्रोजेक्ट रद्द: 150 करोड़ की योजना की जगह बनेगा 6-लेन अंडरपास, ट्रैफिक दबाव को देखते हुए बदली रणनीति

आईडीए ने NHAI को भेजा नया प्रस्ताव; अगले 5 साल में वाहनों की संख्या बढ़ने का अनुमान, 1000 एकड़ की नई टाउनशिप से बढ़ेगा दबाव

 मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए कनाड़िया जंक्शन पर प्रस्तावित डबल डेकर ब्रिज परियोजना को रद्द कर दिया गया है। इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) ने अब इस स्थान पर 6-लेन अंडरपास बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है।

आईडीए ने नगरीय विकास एवं आवास विभाग के माध्यम से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को प्रस्ताव भेजकर इस काम को जल्द शुरू कराने का आग्रह किया है। अधिकारियों का मानना है कि भविष्य में बढ़ने वाले ट्रैफिक दबाव को देखते हुए अंडरपास और फ्री-फ्लो ट्रैफिक व्यवस्था ज्यादा प्रभावी विकल्प साबित होगी।

150 करोड़ की डबल डेकर ब्रिज योजना क्यों हुई रद्द?

कनाड़िया रोड जंक्शन पर बायपास के ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए करीब 150 करोड़ रुपए की लागत से डबल डेकर ब्रिज बनाने की योजना तैयार की गई थी।

इस योजना में मल्टीलेवल ट्रैफिक सिस्टम विकसित करने का प्रस्ताव था, लेकिन तकनीकी जांच के दौरान कई चुनौतियां सामने आईं।

आईडीए अधिकारियों के अनुसार:

प्रस्तावित स्ट्रक्चर तकनीकी रूप से काफी जटिल था।
करीब 108 मीटर लंबे मल्टीलेवल स्ट्रक्चर के निर्माण में परेशानी आ रही थी।
कनाड़िया रोड से फ्रंट रैंप तैयार करना आसान नहीं था।
इतनी बड़ी लागत के बावजूद इसका फायदा केवल एक जंक्शन तक सीमित रहता।

इन कारणों को देखते हुए डबल डेकर ब्रिज की जगह अंडरपास बनाने का विकल्प चुना गया है।

अब बनेगा 6-लेन अंडरपास

आईडीए की नई योजना के अनुसार कनाड़िया जंक्शन पर 6-लेन अंडरपास तैयार किया जाएगा।

अधिकारियों का कहना है कि अंडरपास बनने से बायपास पर चलने वाले वाहनों को ज्यादा सुगम आवाजाही मिलेगी और जंक्शन पर रुकने वाले ट्रैफिक का दबाव कम होगा।

इसके साथ ही पूरे क्षेत्र में फ्री-फ्लो ट्रैफिक सिस्टम विकसित करने की दिशा में भी काम किया जाएगा।

अगले 5 वर्षों में तीन गुना बढ़ सकता है ट्रैफिक

आईडीए की रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले वर्षों में इंदौर बायपास क्षेत्र में ट्रैफिक दबाव तेजी से बढ़ने की संभावना है।

इसके पीछे प्रमुख कारण हैं:

नई टाउनशिप का विकास
बढ़ती व्यावसायिक गतिविधियां
सड़कों का विस्तार
नए आवासीय क्षेत्रों का निर्माण

आईडीए के अनुसार, करीब 1000 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रही टीपीएस-4, टीपीएस-5 और टीपीएस-9 टाउनशिप के कारण आने वाले समय में बड़ी संख्या में नए वाहन सड़क पर आएंगे।

50 हजार अतिरिक्त वाहनों का अनुमान

वर्तमान में एमआर-9, कनाड़िया और बिचौली हप्सी जंक्शन से करीब 1 लाख वाहन प्रतिदिन गुजरते हैं।

आईडीए के अनुमान के अनुसार, नई टाउनशिप और विकास परियोजनाओं के शुरू होने के बाद यहां करीब 50 हजार अतिरिक्त वाहनों का दबाव बढ़ सकता है।

अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा सड़क व्यवस्था इस बढ़ते ट्रैफिक को लंबे समय तक संभालने में सक्षम नहीं होगी।

पुराने फ्लाईओवर भी पड़ रहे छोटे

एनएचएआई द्वारा कनाड़िया और बिचौली हप्सी क्षेत्र में बनाए गए दो-लेन बॉक्स टाइप फ्लाईओवर अब बढ़ते ट्रैफिक के हिसाब से छोटे पड़ने लगे हैं।

इन फ्लाईओवर की उम्र करीब 8 से 10 साल हो चुकी है। दो लेन होने के कारण सामान्य समय में भी यहां वाहनों की कतार लग जाती है।

इसके अलावा मांगलिया और देवगुराड़िया की ओर से आने वाले वाहनों के कारण सर्विस रोड पर भी जाम की स्थिति बनी रहती है।

एमआर-10 जैसी व्यवस्था बनाने की तैयारी

आईडीए का मानना है कि केवल एक जंक्शन का समाधान करने से समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होगी।

इसके लिए एमआर-10 की तरह फ्री-फ्लो ट्रैफिक सिस्टम विकसित करने का सुझाव दिया गया है, जिसमें वाहनों को बार-बार रुकना न पड़े।

योजना के तहत:

पुराने स्ट्रक्चर में सुधार
नए कनेक्टिंग रोड का विकास
सर्विस रोड का विस्तार
अंडरग्राउंड यूटिलिटी शिफ्टिंग

जैसे काम किए जाएंगे।

कनाड़िया और बिचौली हप्सी रोड का होगा विस्तार

मास्टर प्लान के अनुसार कनाड़िया और बिचौली हप्सी रोड को चौड़ा करने की तैयारी भी चल रही है।

नई कॉलोनियों और टाउनशिप से आने वाला ट्रैफिक इन्हीं मार्गों से होकर बायपास तक पहुंचेगा। ऐसे में सड़क चौड़ीकरण को भी भविष्य की जरूरतों के हिसाब से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्रशासन ने शुरू की आगे की प्रक्रिया

आईडीए ने नए प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित विभागों को भेज दिया है। अब NHAI और राज्य सरकार के स्तर पर इसकी समीक्षा के बाद आगे की प्रक्रिया तय होगी।

इंदौर में लगातार बढ़ते शहरी विस्तार और वाहनों की संख्या को देखते हुए कनाड़िया जंक्शन का नया ट्रैफिक प्लान शहर के भविष्य के यातायात प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।