मैहर में बीच सड़क पर स्कूल बस का डीजल खत्म, सुनसान रास्ते पर खड़े रहे विद्यार्थी

मैहर में बीच सड़क पर स्कूल बस का डीजल खत्म, सुनसान रास्ते पर खड़े रहे विद्यार्थी

सांदीपनि विद्यालय की बस अचानक हुई बंद, दर्जनों छात्र-छात्राएं मदद का करते रहे इंतजार; परिवहन व्यवस्था पर उठे सवाल

मैहर। जिले में स्कूल बसों की सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। शुक्रवार को शासकीय संदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, रामनगर की बस बीच रास्ते में डीजल खत्म होने के कारण अचानक बंद हो गई। बस में सवार दर्जनों छात्र-छात्राओं को सुनसान सड़क पर उतरना पड़ा और वे काफी देर तक मदद का इंतजार करते रहे।

घटना देवरी कलां–मसमासी मार्ग की बताई जा रही है। बस में मौजूद विद्यार्थियों को अचानक आई इस परेशानी के बाद सड़क किनारे और पुलिया के आसपास खड़ा होना पड़ा। इस दौरान बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता की स्थिति बन गई।

डीजल खत्म होने से बीच रास्ते में रुकी बस

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कूल बस क्रमांक MP41ZE1761 देवरी कलां क्षेत्र से विद्यार्थियों को लेकर विद्यालय जा रही थी। रास्ते में अचानक बस का डीजल खत्म हो गया, जिसके बाद चालक बस को आगे नहीं ले जा सका।

बस रुकने के बाद छात्र-छात्राएं सड़क किनारे उतर गए। ग्रामीण क्षेत्र होने के बावजूद इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बनी रहती है, ऐसे में बच्चों का काफी देर तक खुले में खड़ा रहना किसी भी अनहोनी की आशंका को बढ़ा रहा था।

स्कूल बसों की व्यवस्था पर उठे सवाल

घटना के बाद स्कूल बसों की नियमित जांच और संचालन व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि बच्चों को लेकर चलने वाली बसों में ईंधन, तकनीकी स्थिति और सुरक्षा मानकों की पहले से जांच होनी चाहिए।

यदि बस किसी व्यस्त मार्ग या खराब मौसम के दौरान बंद हो जाती और बच्चों के साथ कोई हादसा हो जाता, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता। अभिभावकों ने भी मांग की है कि स्कूल बसों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता जरूरी

स्कूल बसों में सफर करने वाले बच्चों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। परिवहन विभाग और स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि बसों की फिटनेस, ईंधन व्यवस्था और अन्य तकनीकी पहलुओं की समय-समय पर जांच की जाए, ताकि ऐसी स्थिति दोबारा न बने।

फिलहाल घटना के बाद स्कूल बस संचालन व्यवस्था पर चर्चा शुरू हो गई है और जिम्मेदारों से जवाब मांगे जाने की उम्मीद है।