Rules for Citizenship Act Ready: लोकसभा चुनाव से पहले लागू हो सकता है CAA, जानिए किन लोगों को मिलेगी नागरिकता
Rules for Citizenship Act Ready: लोकसभा चुनाव से पहले लागू हो सकता है CAA, जानिए किन लोगों को मिलेगी नागरिकता
Rules for Citizenship Act Ready: नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के संबंध में बड़ी खबरें सामने आ रही हैं। मोदी सरकार लोकसभा चुनाव 2024 से पहले इस मुद्दे पर एक बड़ा कदम उठाने का प्रयास कर रही है। गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इस कानून के नियम-कायदों को जल्दी ही लागू किया जाएगा, और संभावना है कि जनवरी या फरवरी में CAA के नियमों को लागू किया जा सकता है।
इस नई विकसित खबर के अनुसार, मोदी सरकार लोकसभा चुनाव से पहले नागरिकता संशोधन अधिनियम को लागू करने का इरादा रख रही है। इसके लिए गृह मंत्रालय द्वारा तैयार किए गए नियमों को जल्दी ही लागू किया जा सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया में जनवरी या फरवरी के महीने तक का समय लग सकता है।
इस नए कदम का मुख्य उद्देश्य विशेषता से पाकिस्तान, बांग्लादेश, और अफगानिस्तान से आए हुए (हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई) को भारत में नागरिकता प्रदान करना है।
2019 में नागरिकता संशोधन विधेयक को विरोध के बाद, केंद्र सरकार ने मंजूरी दी थी। इस विधेयक, जिसे सीएए कहा जाता है, को लेकर इस्लामिक संगठनों ने देशभर में विरोध प्रदर्शन किया था। अब खबर है, कि केंद्र सरकार लोकसभा चुनाव से पहले इस कानून को लेकर आ सकती है। TOI की रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी अधिकारियों से पूछा गया कि क्या CAA नियमों को लोकसभा चुनावों की घोषणा से पहले अधिसूचित किया जाएगा, तो उन्होंने इसका जवाब हां दिया और बताया, "हां, उससे बहुत पहले।"
एक अधिकारी ने यह भी बताया कि "हम जल्द ही CAA के नियम जारी करने जा रहे हैं। नियम जारी होने के बाद, कानून लागू किया जा सकता है और पात्र लोगों को भारतीय नागरिकता दी जा सकती है। कानून में चार साल से अधिक की देरी हो चुकी है, और कानून लागू होने के लिए नियम जरूरी हैं।"
हाल ही में, गृह मंत्री अमित शाह ने देश में चर्चित नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के बारे में एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि CAA को कोई नहीं रोक सकता, क्योंकि यह देश का कानून है, और सरकार इसे लागू करके रहेगी। इसका पारित होना दिसंबर 2019 में संसद में हुआ था। आपको बता दें कि यह फैसला राजनीतिक हलचल में भी बदलाव ला सकता है और आगामी चुनावों में एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकता है।
Newsdesk