छत्तीसगढ़ में ग्रीन बिज़नेस को बढ़ावा, साय सरकार दे रही आकर्षक प्रोत्साहन योजनाएं

छत्तीसगढ़ में ग्रीन बिज़नेस को बढ़ावा, साय सरकार दे रही आकर्षक प्रोत्साहन योजनाएं

छत्तीसगढ़: ग्रीन स्टील व ग्रीन इंडस्ट्री को मिलेगा प्रोत्साहन, साय सरकार दे रही विशेष पैकेज – उद्योग मंत्री देवांगन

"औद्योगिक विकास नीति 2024–30" में ग्रीन टेक्नोलॉजी अपनाने पर विशेष फोकस

रायपुर, 29 जुलाई 2025
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने आज कनफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) द्वारा आयोजित “ग्रीन स्टील एवं माइनिंग समिट 2025” में भाग लेते हुए छत्तीसगढ़ को ग्रीन इंडस्ट्रियल डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की प्रतिबद्धता दोहराई। देशभर से आए उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में 1 नवम्बर 2024 से "औद्योगिक विकास नीति 2024–30" लागू की गई है, जिसे देश की सबसे आधुनिक और प्रगतिशील नीति माना जा रहा है।

"ग्रीन उद्यम" की अवधारणा हो रही साकार

मंत्री देवांगन ने कहा कि पारंपरिक स्टील उत्पादन में भारी मात्रा में कार्बन उत्सर्जन होता है, जो जलवायु परिवर्तन का मुख्य कारण है। इसी चुनौती से निपटने के लिए राज्य सरकार ने अपनी नई नीति में "ग्रीन उद्यम" (Green Enterprise) की अवधारणा को लागू किया है। इसके तहत:

  • पर्यावरणीय प्रबंधन परियोजनाओं हेतु विशेष अनुदान,

  • ऊर्जा दक्षता (Energy Audit) व्यय की प्रतिपूर्ति,

  • ग्रीन हाइड्रोजन एवं बायोगैस आधारित इकाइयों हेतु प्रोत्साहन,

  • गैर-काष्ठ वनोपज के प्रसंस्करण को बढ़ावा,
    जैसे प्रावधान किए गए हैं।

बस्तर के कोर सेक्टर को मिलेगा अतिरिक्त प्रोत्साहन

बस्तर अंचल में आयरन ओर के बड़े भंडारों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने कोर सेक्टर की इकाइयों के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन भी घोषित किया है, जिसमें शामिल हैं:

  • 50% तक आयरन ओर रॉयल्टी की प्रतिपूर्ति,

  • 100% कोल रॉयल्टी व सेस की प्रतिपूर्ति,

  • 150% तक की प्रतिपूर्ति की व्यवस्था,
    जो उन्हें प्रतिस्पर्धात्मक रूप से सशक्त बनाएगा।

विशेष प्रोत्साहन पैकेज और बी-स्पोक योजना

राज्य की औद्योगिक नीति में निम्नलिखित प्रतिपूर्ति और छूट शामिल हैं:

  • नेट SGST प्रतिपूर्ति,

  • विद्युत शुल्क में छूट,

  • स्टॉम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क में छूट,

  • जल उपयोग शुल्क प्रतिपूर्ति,

  • रॉयल्टी व ईपीएफ प्रतिपूर्ति,

  • रोजगार व प्रशिक्षण व्यय पर सहायता,

  • 1000 करोड़ से अधिक निवेश या 1000 से अधिक रोजगार देने वाले निवेशकों के लिए "बी-स्पोक योजना",

ये सभी प्रावधान राज्य में ग्रीन और टिकाऊ औद्योगिक निवेश को साकार करने की दिशा में निर्णायक कदम हैं।

“छत्तीसगढ़ बना रहा है ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर का नया मॉडल”

मंत्री देवांगन ने उद्योगपतियों को राज्य में निवेश हेतु आमंत्रित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ न केवल खनिज संसाधनों से समृद्ध है, बल्कि यहाँ की औद्योगिक नीति, सिंगल विंडो क्लियरेंस, और इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस में किए गए 350+ सुधार इसे निवेश के लिए भारत के अग्रणी राज्यों में स्थान दिलाते हैं।

प्रमुख उद्योगपतियों की उपस्थिति

कार्यक्रम में उद्योग सचिव श्री रजत कुमार, CII ईस्टर्न रीजन के चेयरमैन श्री शास्वत गोयनका, सिद्धार्थ अग्रवाल सहित देशभर के प्रमुख स्टील और माइनिंग उद्योगपति उपस्थित रहे। सभी ने ग्रीन स्टील तकनीक, हाइड्रोजन-आधारित उत्पादन तथा कम कार्बन उत्सर्जन तकनीकों पर राज्य सरकार के सहयोग की सराहना की।