बद्रीनाथ धाम चढ़ावा गिनती मामला: आरोपी प्रमोद नौटियाल पुलिस हिरासत में, SIT की पूछताछ तेज; तीन स्तरों पर चल रही जांच

बद्रीनाथ धाम चढ़ावा गिनती मामला: आरोपी प्रमोद नौटियाल पुलिस हिरासत में, SIT की पूछताछ तेज; तीन स्तरों पर चल रही जांच

उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की गणना के दौरान कथित हेराफेरी के मामले में जांच लगातार तेज होती जा रही है। मामले में नामजद आरोपी और बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) के निलंबित वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल को चमोली पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उनसे विशेष जांच दल (SIT) लगातार पूछताछ कर रहा है।

एसआईटी की जांच का पर्यवेक्षण कर रहे डीएसपी मदन सिंह बिष्ट ने प्रमोद नौटियाल को हिरासत में लिए जाने की पुष्टि की है। हालांकि, जांच एजेंसियों ने अभी तक पूछताछ से जुड़े किसी निष्कर्ष या आरोपों की पुष्टि सार्वजनिक नहीं की है।

क्या है पूरा मामला?

बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं द्वारा प्रतिदिन बड़ी मात्रा में नकद और अन्य प्रकार का चढ़ावा अर्पित किया जाता है। कुछ समय पहले चढ़ावे की गणना के दौरान कथित अनियमितताओं और धन की हेराफेरी के आरोप सामने आए थे। आरोपों के बाद मामला गंभीर होने पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और राज्य सरकार ने विस्तृत जांच के लिए एसआईटी गठित की।

मामले के सामने आने के बाद बदरी-केदार मंदिर समिति ने भी संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू की थी।

तीन स्तरों पर चल रही है जांच

फिलहाल इस पूरे प्रकरण की जांच तीन अलग-अलग स्तरों पर जारी है—

एसआईटी द्वारा दर्ज आपराधिक मामले की जांच।
बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) द्वारा विभागीय जांच।
गढ़वाल मंडल आयुक्त की अध्यक्षता में व्यवस्थागत और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की अलग समीक्षा।

इन तीनों जांचों का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि चढ़ावे की गणना, रिकॉर्डिंग, सुरक्षा और जमा करने की प्रक्रिया में कहीं कोई वित्तीय या प्रशासनिक चूक हुई या नहीं।

कई कर्मचारियों से भी पूछताछ

एसआईटी ने प्रमोद नौटियाल के अलावा मंदिर समिति के चार अन्य कर्मचारियों को भी पूछताछ के लिए बुलाया है। इनमें—

सीसीटीवी निगरानी से जुड़े कर्मचारी
एक प्रशासनिक अधिकारी
सहायक लेखाकार
अन्य संबंधित कर्मचारी

से विस्तृत पूछताछ की जा रही है।

पूछताछ के दौरान सभी कर्मचारियों से उनकी जिम्मेदारियों, चढ़ावा गणना की प्रक्रिया, रिकॉर्ड संधारण और सुरक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी ली जा रही है।

CCTV रिकॉर्ड बना बड़ी चुनौती

जांच के दौरान एसआईटी के सामने सबसे बड़ी चुनौती सीसीटीवी रिकॉर्ड को लेकर सामने आई है।

मंदिर समिति के अनुसार—

धाम में केवल लगभग डेढ़ महीने का सीसीटीवी डेटा सुरक्षित उपलब्ध है।
पुराने डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) से डेटा रिकवर करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
जांच एजेंसी तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

यदि आवश्यक हुआ तो डिजिटल फॉरेंसिक विशेषज्ञों की सहायता से डेटा रिकवरी की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है।

तीन वर्षों का रिकॉर्ड भी मांगा

एसआईटी ने मंदिर समिति से चढ़ावा गणना में शामिल कर्मचारियों का पिछले तीन वर्षों का रिकॉर्ड, ड्यूटी विवरण, दस्तावेज, वित्तीय अभिलेख और अन्य प्रशासनिक रिकॉर्ड भी मांगे हैं।

बताया गया है कि कुछ आवश्यक दस्तावेज अभी तक जांच एजेंसी को उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इनके मिलने के बाद जांच आगे बढ़ाई जाएगी।

देहरादून से पूछताछ के लिए ले जाए गए प्रमोद नौटियाल

परिजनों के अनुसार, कुछ पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में देहरादून स्थित प्रमोद नौटियाल के आवास पहुंचे और उन्हें पूछताछ के लिए अपने साथ ले गए।

परिवार का कहना है कि काफी समय तक संपर्क नहीं होने पर उन्होंने स्थानीय पुलिस चौकी में तहरीर देकर चिंता जताई। बाद में पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मामला कर्णप्रयाग थाना क्षेत्र में दर्ज है और संभवतः संबंधित जांच टीम ही पूछताछ के लिए उन्हें लेकर गई थी।

हाईकोर्ट के आदेश का भी आया उल्लेख

परिजनों ने अपनी शिकायत में कहा है कि उत्तराखंड हाईकोर्ट ने प्रमोद नौटियाल की गिरफ्तारी पर 16 जुलाई 2026 तक अंतरिम रोक लगाई है। इसी आधार पर उन्होंने उन्हें घर से ले जाए जाने पर चिंता व्यक्त की।

हालांकि पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि उनसे पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियों की ओर से हिरासत और पूछताछ की प्रक्रिया कानून के अनुसार संचालित की जा रही है।

पहले ही किया जा चुका है निलंबन

मामले के सामने आने के बाद बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) ने प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। उनके विरुद्ध आपराधिक मामला भी दर्ज किया गया है।

समिति ने विभागीय जांच शुरू कर संबंधित दस्तावेजों की समीक्षा भी प्रारंभ कर दी है।

जांच अभी जारी, अंतिम निष्कर्ष बाकी

जांच एजेंसियां फिलहाल कर्मचारियों के बयान, वित्तीय रिकॉर्ड, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, दस्तावेजों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण कर रही हैं। एसआईटी ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी भी व्यक्ति की भूमिका और जिम्मेदारी पर अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।

वर्तमान में प्रमोद नौटियाल से पूछताछ जारी है, जबकि मामले से जुड़े अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। अदालत में आरोप सिद्ध होने तक सभी आरोप केवल जांच के दायरे में हैं और अंतिम कानूनी निर्णय न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।