अंबाजी मंदिर दान चोरी मामले के बाद सख्त SOP लागू, अब CCTV निगरानी में होगी दान की गिनती; लाइव प्रसारण की भी तैयारी

 गुजरात के प्रसिद्ध तीर्थस्थल अंबाजी मंदिर में दान राशि की चोरी के मामले के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। भक्तों की ओर से चढ़ाए जाने वाले दान की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनासकांठा जिला प्रशासन ने नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी की है।

नई व्यवस्था के तहत अब मंदिर में दान की गिनती प्रक्रिया पहले से ज्यादा सख्त निगरानी में होगी। दान गिनने वाले कर्मचारियों की पुलिस जांच की जाएगी, पूरी प्रक्रिया CCTV कैमरों की निगरानी में होगी और आने वाले समय में दान गिनती का सीधा प्रसारण (Live Streaming) करने की भी योजना बनाई जा रही है।

दान चोरी का मामला सामने आने के बाद प्रशासन का बड़ा कदम

अंबाजी मंदिर में दान राशि चोरी का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की थी। आरोप है कि मंदिर के दान की गिनती के दौरान एक कर्मचारी ने नोटों के बंडल को छिपाने की कोशिश की थी।

इस घटना का CCTV फुटेज सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया। प्रशासन के अनुसार, मामले में तीन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई और संबंधित कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया गया।

पुलिस ने इस मामले में चिराग ठाकोर, विवेक शर्मा और निकुल पटेल के खिलाफ कार्रवाई की है। प्रशासन ने कहा कि मंदिर में आने वाले भक्तों की आस्था और दान की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

अब दान गिनती प्रक्रिया होगी पूरी तरह निगरानी में

बनासकांठा कलेक्टर मिहिर पटेल ने दान राशि की सुरक्षा को लेकर नई SOP जारी की है।

नई व्यवस्था के प्रमुख बिंदु:

दान गिनती में शामिल सभी कर्मचारियों की पुलिस जांच होगी।
गिनती स्थल पर प्रवेश से पहले मेटल डिटेक्टर से जांच की जाएगी।
दान गिनती वाले स्थान पर लगभग 20 CCTV कैमरे लगाए जाएंगे।
CCTV फुटेज को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जाएगा।
पूरी प्रक्रिया की निगरानी प्रशासन और मंदिर प्रबंधन द्वारा की जाएगी।

प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था से दान राशि की चोरी और किसी भी तरह की अनियमितता पर रोक लगाई जा सकेगी।

CCTV रिकॉर्डिंग छह महीने तक सुरक्षित रखने की योजना

नई SOP के अनुसार दान गिनती स्थल की CCTV रिकॉर्डिंग को लगभग छह महीने तक सुरक्षित रखा जाएगा।

इसका उद्देश्य यह है कि किसी भी शिकायत या जांच की स्थिति में रिकॉर्डिंग की मदद से पूरे मामले की जांच की जा सके।

प्रशासन का मानना है कि डिजिटल निगरानी व्यवस्था से दान प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और कर्मचारियों की जवाबदेही तय होगी।

दान गिनती का लाइव प्रसारण करने की तैयारी

प्रशासन अब दान गिनती प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने के लिए इसका लाइव प्रसारण करने की योजना पर भी काम कर रहा है।

यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो श्रद्धालु और आम लोग भी दान की गिनती प्रक्रिया को ऑनलाइन देख सकेंगे।

अधिकारियों का कहना है कि इससे मंदिर प्रशासन के प्रति भक्तों का विश्वास और मजबूत होगा।

दो महीने पहले हुई थी चोरी की घटना

जानकारी के अनुसार, करीब दो महीने पहले अंबाजी मंदिर में दान राशि से करीब 1.4 लाख रुपये की चोरी का मामला सामने आया था।

मामले में CCTV फुटेज के आधार पर कार्रवाई की गई थी। प्रशासन ने घटना को गंभीर मानते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव करने का फैसला लिया।

भक्तों की आस्था और दान की सुरक्षा पर जोर

अंबाजी मंदिर गुजरात के सबसे प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है, जहां देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

मंदिर में भक्तों द्वारा दिया गया दान धार्मिक आस्था से जुड़ा होता है। ऐसे में दान राशि की चोरी या किसी भी तरह की अनियमितता से श्रद्धालुओं की भावनाएं प्रभावित होती हैं।

प्रशासन का कहना है कि नई SOP का उद्देश्य सिर्फ चोरी रोकना नहीं, बल्कि मंदिर की व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और विश्वास बनाए रखना भी है।

देश के अन्य मंदिरों में दान सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

हाल के समय में कई बड़े धार्मिक स्थलों में दान राशि की सुरक्षा और प्रबंधन को लेकर सवाल उठे हैं।

अयोध्या राम मंदिर से जुड़े दान चोरी विवाद के बाद देशभर में मंदिरों में दान प्रबंधन व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हुई है। ऐसे में अंबाजी मंदिर प्रशासन की नई SOP को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अब देखने वाली बात होगी कि नई सुरक्षा व्यवस्था लागू होने के बाद दान प्रक्रिया कितनी पारदर्शी और सुरक्षित बन पाती है।