दिल्ली में दिनदहाड़े 16 लाख रुपये की लूट: कारोबारी के कर्मचारी को पिस्तौल दिखाकर नकदी से भरा बैग छीना, CCTV के आधार पर आरोपियों की तलाश
पूर्वी दिल्ली के गांधी नगर थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात एक सुनियोजित लूट की वारदात सामने आई है। स्कूटी सवार दो बदमाशों ने एक कारोबारी के कर्मचारी को पिस्तौल दिखाकर उससे करीब 16 लाख रुपये से भरा बैग लूट लिया और मौके से फरार हो गए। वारदात राजगढ़ कॉलोनी में उस समय हुई जब कर्मचारी नकदी लेकर दुकान पहुंचा ही था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि बदमाश कर्मचारी की गतिविधियों पर पहले से नजर रखे हुए थे और उन्होंने पूरी योजना के तहत वारदात को अंजाम दिया।
गीता कॉलोनी से ही कर्मचारी का पीछा कर रहे थे बदमाश
पुलिस के अनुसार, गांधी नगर स्थित एसडी एंटरप्राइजेज का एक कर्मचारी गीता कॉलोनी से करीब 16 लाख रुपये नकद लेकर राजगढ़ कॉलोनी स्थित दुकान की ओर जा रहा था। कर्मचारी जैसे ही दुकान के बाहर पहुंचा, पीछे से स्कूटी पर आए दो बदमाशों ने उसे रोक लिया।
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, एक बदमाश ने कर्मचारी पर पिस्तौल तान दी और उसे जान से मारने की धमकी दी, जबकि दूसरे बदमाश ने उसके हाथ में मौजूद नकदी से भरा बैग छीन लिया। पूरी घटना कुछ ही सेकंड में हुई और दोनों आरोपी स्कूटी पर सवार होकर मौके से फरार हो गए।
योजनाबद्ध तरीके से की गई वारदात
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह कोई आकस्मिक लूट नहीं बल्कि पूरी तरह सुनियोजित अपराध हो सकता है। शुरुआती जांच से संकेत मिले हैं कि आरोपी संभवतः कर्मचारी का गीता कॉलोनी से ही पीछा कर रहे थे और उन्हें पहले से यह जानकारी थी कि उसके पास बड़ी मात्रा में नकदी मौजूद है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपियों को नकदी की जानकारी कैसे मिली। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं किसी अंदरूनी व्यक्ति ने बदमाशों को सूचना तो नहीं दी थी। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
पुलिस ने शुरू किया सघन जांच अभियान
घटना की सूचना मिलते ही गांधी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की। इसके साथ ही क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज अपने कब्जे में लेकर आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाने की कोशिश शुरू कर दी गई है।
जांच टीम उन संभावित मार्गों का भी विश्लेषण कर रही है जिनसे आरोपी वारदात के बाद फरार हुए। इसके अलावा आसपास के इलाकों में लगे ट्रैफिक कैमरों और निजी प्रतिष्ठानों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि स्कूटी का रूट और आरोपियों की पहचान की जा सके।
तकनीकी साक्ष्यों पर पुलिस का फोकस
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच केवल सीसीटीवी तक सीमित नहीं है। तकनीकी साक्ष्यों, डिजिटल सर्विलांस और अन्य उपलब्ध सुरागों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। यदि आवश्यक हुआ तो आसपास के मोबाइल फोन लोकेशन डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी।
फिलहाल पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की हैं और आसपास के जिलों को भी सतर्क कर दिया गया है।
कारोबारी क्षेत्रों में नकदी ले जाने की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर दिल्ली के व्यस्त कारोबारी इलाकों में बड़ी मात्रा में नकदी के सुरक्षित परिवहन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। गांधी नगर देश के प्रमुख थोक वस्त्र बाजारों में से एक माना जाता है, जहां प्रतिदिन करोड़ों रुपये का कारोबार होता है और नकदी का आवागमन भी अधिक रहता है।
सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि बड़ी रकम लेकर अकेले यात्रा करने की बजाय सुरक्षा व्यवस्था, डिजिटल भुगतान और सुरक्षित कैश ट्रांसपोर्ट जैसी व्यवस्थाओं का उपयोग किया जाना चाहिए। हालांकि इस मामले में यह स्पष्ट नहीं है कि कर्मचारी के साथ कोई सुरक्षा व्यवस्था मौजूद थी या नहीं।
पुलिस ने लोगों से मांगी सतर्क रहने की अपील
पुलिस ने व्यापारियों और आम नागरिकों से अपील की है कि बड़ी मात्रा में नकदी लेकर आने-जाने के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें और यदि ऐसा लगे कि कोई व्यक्ति लगातार पीछा कर रहा है तो तत्काल नजदीकी पुलिस सहायता लें।
फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। घटना से जुड़े अन्य तथ्य जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
news desk MPcg