वैष्णो देवी यात्रा पर बारिश और भूस्खलन का असर: बैटरी कार व हेलीकॉप्टर सेवा अगले आदेश तक बंद, पारंपरिक मार्ग से 18 हजार श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बारिश का असर विश्व प्रसिद्ध माता वैष्णो देवी यात्रा पर भी देखने को मिला है। बुधवार को भारी वर्षा और कई स्थानों पर हुए हल्के भूस्खलन के कारण यात्रा मार्ग प्रभावित हुआ, जिसके चलते श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने एहतियातन बैटरी कार सेवा और बैटरी कार मार्ग को अगले आदेश तक बंद कर दिया। खराब मौसम के कारण कटड़ा से संचालित हेलीकॉप्टर सेवा भी पूरे दिन प्रभावित रही, जबकि भवन से भैरव घाटी के बीच संचालित रोपवे सेवा को कुछ समय के लिए रोकने के बाद शाम को दोबारा शुरू कर दिया गया।
हालांकि मौसम की चुनौतियों के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई। पारंपरिक पैदल मार्ग से शाम तक करीब 18 हजार श्रद्धालु माता वैष्णो देवी भवन के लिए रवाना हुए और दर्शन का सिलसिला लगातार जारी रहा।
लगातार बारिश से मार्ग पर आया मलबा, बढ़ा भूस्खलन का खतरा
बुधवार दोपहर तक कटड़ा और त्रिकुटा पर्वत क्षेत्र में मौसम सामान्य था, लेकिन इसके बाद अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। लगभग दो से तीन घंटे तक हुई भारी वर्षा के कारण भवन मार्ग के कई हिस्सों में कंकड़-पत्थर और मलबा आ गया। कुछ स्थानों पर हल्का भूस्खलन भी हुआ, जिससे रास्ता फिसलन भरा और जोखिमपूर्ण हो गया।
श्राइन बोर्ड और प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल निरीक्षण कराया। इसके बाद दोपहर करीब 3 बजे बैटरी कार मार्ग बंद करने का निर्णय लिया गया।
बैटरी कार सेवा अगले आदेश तक स्थगित
श्राइन बोर्ड ने स्पष्ट किया कि मौसम सामान्य होने और मार्ग की पूरी सुरक्षा जांच पूरी होने तक बैटरी कार सेवा बहाल नहीं की जाएगी।
यह लगातार दूसरा दिन है जब खराब मौसम के कारण इस सेवा पर असर पड़ा। इससे पहले मंगलवार रात तेज बारिश के चलते रात करीब 10 बजे भी बैटरी कार मार्ग बंद किया गया था। सफाई और निरीक्षण के बाद बुधवार सुबह लगभग 6 बजे इसे दोबारा खोला गया, लेकिन दोपहर की तेज बारिश ने एक बार फिर स्थिति बिगाड़ दी।
बैटरी कार सेवा बंद होने से विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग श्रद्धालुओं और छोटे बच्चों के साथ यात्रा कर रहे परिवारों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
हेलीकॉप्टर सेवा भी मौसम की भेंट चढ़ी
खराब मौसम का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा। कटड़ा से माता वैष्णो देवी भवन के लिए संचालित हेलीकॉप्टर सेवा पूरे दिन बंद रही।
दृश्यता कम होने, तेज बारिश और खराब उड़ान परिस्थितियों के कारण हेलीकॉप्टरों का संचालन सुरक्षित नहीं माना गया। श्राइन बोर्ड और संबंधित एजेंसियों ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उड़ानों को स्थगित रखा।
रोपवे सेवा कुछ घंटों बाद फिर शुरू
भवन से भैरव घाटी तक संचालित रोपवे सेवा पर भी मौसम का असर पड़ा। तेज बारिश और हवा के कारण इसे कुछ समय के लिए रोक दिया गया था।
हालांकि शाम करीब 5 बजे मौसम में सुधार होने के बाद सुरक्षा जांच पूरी कर रोपवे सेवा दोबारा शुरू कर दी गई। इससे उन श्रद्धालुओं को राहत मिली जो भैरव बाबा के दर्शन के लिए जाना चाहते थे।
पारंपरिक मार्ग से जारी रही यात्रा
बैटरी कार और हेलीकॉप्टर सेवा बंद होने के बावजूद यात्रा पूरी तरह नहीं रोकी गई।
श्रद्धालु पारंपरिक मार्ग से पैदल, घोड़े, पिट्ठू और पालकी की सहायता से लगातार भवन की ओर बढ़ते रहे। बारिश के बीच भी श्रद्धालुओं में माता के जयकारे गूंजते रहे और दर्शन का क्रम बिना रुके जारी रहा।
श्राइन बोर्ड ने यात्रा मार्ग पर आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं, पेयजल, विश्राम स्थल और सुरक्षा व्यवस्था पहले की तरह संचालित रखी।
सफाई और राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी
बारिश के बाद मार्ग पर जमा मलबा हटाने के लिए श्राइन बोर्ड ने सफाई कर्मचारियों, इंजीनियरिंग टीमों और आपदा प्रबंधन दलों को तत्काल तैनात किया।
भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण किया जा रहा है ताकि मार्ग को जल्द से जल्द पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके। अधिकारियों के अनुसार, मौसम सामान्य होने और विशेषज्ञों द्वारा सुरक्षा प्रमाणित किए जाने के बाद ही बैटरी कार मार्ग को दोबारा खोला जाएगा।
सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट
यात्रा मार्ग पर जम्मू-कश्मीर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), श्राइन बोर्ड और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके। यात्रियों से अपील की गई है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक जोखिम लेने से बचें।
18 हजार श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, आस्था बरकरार
खराब मौसम और कई सेवाएं बंद रहने के बावजूद श्रद्धालुओं की संख्या में विशेष कमी नहीं देखी गई।
श्राइन बोर्ड के अनुसार बुधवार शाम लगभग 5 बजे तक करीब 18 हजार श्रद्धालु पंजीकरण कराकर माता वैष्णो देवी भवन की ओर रवाना हो चुके थे। देर शाम तक भी श्रद्धालुओं का कटड़ा पहुंचना जारी रहा।
प्रशासन का कहना है कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जैसे ही परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल होंगी और सुरक्षा मानकों की पुष्टि हो जाएगी, बैटरी कार और हेलीकॉप्टर सेवाओं को फिर से शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा।
news desk MPcg