E20 पेट्रोल विवाद पर नितिन गडकरी की सफाई: "एथेनॉल गन्ने का रस नहीं, अल्कोहल है"; चींटियों वाले वायरल वीडियो को बताया फर्जी, बोले- शहर में माइलेज पेट्रोल जैसा
देशभर में E20 पेट्रोल को लेकर चल रही बहस और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने E20 पेट्रोल से जुड़े माइलेज विवाद, फ्यूल टैंक में चींटियां लगने वाले वायरल वीडियो और एथेनॉल को लेकर फैलाई जा रही कथित गलत जानकारियों पर सफाई दी।
गडकरी ने यह बातें ABP News को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहीं। यह इंटरव्यू 13 जुलाई 2026 को ABP News की एग्जीक्यूटिव एडिटर और पॉलिटिकल एडिटर मेघा प्रसाद ने लिया था। बातचीत में E20 पेट्रोल, एथेनॉल ब्लेंडिंग, वाहन माइलेज और सोशल मीडिया पर वायरल दावों को लेकर केंद्रीय मंत्री से सवाल किए गए।
"एथेनॉल गन्ने का रस नहीं, यह अल्कोहल है"
E20 पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए थे, जिनमें दावा किया जा रहा था कि एथेनॉल में गन्ने का रस या मिठास होती है, जिसकी वजह से कार के फ्यूल टैंक के पास चींटियां जमा हो रही हैं।
इस पर नितिन गडकरी ने इन दावों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया।
उन्होंने कहा कि एथेनॉल एक प्रकार का अल्कोहल है, गन्ने का रस नहीं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि व्हिस्की और रम जैसी चीजों में भी अल्कोहल होता है, लेकिन उनमें चींटियां नहीं लगतीं।
गडकरी ने कहा कि सोशल मीडिया पर कुछ लोग बिना वैज्ञानिक आधार के गलत जानकारी फैला रहे हैं, जिससे लोगों में भ्रम पैदा हो रहा है।
फ्यूल टैंक में चींटियों वाले वीडियो पर क्या बोले गडकरी?
कई वायरल वीडियो में दावा किया गया था कि E20 पेट्रोल के कारण गाड़ियों के फ्यूल टैंक के पास चींटियां आने लगी हैं।
गडकरी ने कहा कि इस तरह के दावों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि एथेनॉल में ऐसी कोई मिठास नहीं होती, जिससे चींटियां आकर्षित हों।
उन्होंने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली हर जानकारी को सच न मानें और तथ्यों की जांच करें।
"माइलेज घर पर सही तरीके से जांच नहीं सकते"
E20 पेट्रोल लागू होने के बाद कई वाहन मालिकों ने माइलेज कम होने की शिकायतें सोशल मीडिया पर साझा की थीं।
इस पर गडकरी ने कहा कि आम व्यक्ति अपने स्तर पर वाहन का सही माइलेज नहीं माप सकता।
उन्होंने कहा कि:
वाहन का वास्तविक माइलेज कंपनी के अधिकृत डीलर की मशीन से ही सही तरीके से जांचा जा सकता है।
गडकरी ने कहा कि केवल व्यक्तिगत अनुभव या सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर E20 पेट्रोल को लेकर निष्कर्ष निकालना सही नहीं है।
शहर में पेट्रोल जैसा माइलेज, हाईवे पर थोड़ी कमी संभव
E20 पेट्रोल के प्रदर्शन को लेकर गडकरी ने कहा कि शहरों में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल और सामान्य पेट्रोल से मिलने वाले माइलेज में ज्यादा अंतर नहीं होता।
हालांकि उन्होंने माना कि हाईवे पर माइलेज थोड़ा कम हो सकता है।
उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा कि एथेनॉल की कैलोरी वैल्यू (ऊर्जा क्षमता) पेट्रोल से कम होती है, जिसके कारण लंबी दूरी की ड्राइविंग में ईंधन दक्षता प्रभावित हो सकती है।
E20 पेट्रोल क्या है?
E20 पेट्रोल में:
80 प्रतिशत पेट्रोल
20 प्रतिशत एथेनॉल
का मिश्रण होता है।
भारत सरकार ने पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण बढ़ाने की नीति अपनाई है। इसका उद्देश्य देश की कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना और घरेलू ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देना है।
भारत ने अप्रैल 2025 में पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य हासिल किया था, जो तय समय सीमा से पहले पूरा हुआ।
एथेनॉल नीति से किसानों को फायदा: गडकरी
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एथेनॉल ब्लेंडिंग केवल ईंधन का विकल्प नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम है।
उन्होंने कहा कि एथेनॉल उत्पादन से किसानों को फायदा मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
गडकरी के अनुसार, इस नीति से:
पेट्रोलियम आयात पर खर्च कम होगा।
विदेशी मुद्रा की बचत होगी।
किसानों को अतिरिक्त बाजार मिलेगा।
पर्यावरण प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी।
"E20 से नुकसान हुआ तो कंपनी करेगी मरम्मत"
वाहन सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों पर गडकरी ने कहा कि यदि वारंटी अवधि के दौरान E20 पेट्रोल के कारण किसी वाहन में खराबी आती है तो वाहन निर्माता कंपनी और डीलर उसकी जिम्मेदारी उठाएंगे।
उन्होंने कहा कि ग्राहक समाधान से संतुष्ट नहीं होने पर उपभोक्ता अदालत में भी जा सकता है।
गडकरी ने बताया कि उनके मंत्रालय को अब तक E20 पेट्रोल के कारण वाहन खराब होने की कोई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है।
सोशल मीडिया के 53 वीडियो का किया जिक्र
गडकरी ने कहा कि E20 पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर करीब 53 वीडियो सामने आए हैं, लेकिन इनमें कई वीडियो भ्रामक जानकारी फैलाने वाले हैं।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को वास्तविक समस्या है तो वह संबंधित मंत्रालय में शिकायत दर्ज कराए, जिसकी जांच की जाएगी।
निखिल गडकरी की कंपनी को लेकर मानहानि केस की चेतावनी
इंटरव्यू के दौरान नितिन गडकरी ने अपने बेटे निखिल गडकरी की कंपनी की आय और मुनाफे से जुड़े दावों पर भी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि इंटरनेट और सोशल मीडिया पर चल रहे कई आंकड़े गलत हैं।
गडकरी ने चेतावनी दी कि यदि गलत जानकारी दोहराई गई तो वह मानहानि का मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करेंगे।
सरकार का दावा- E20 से ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी
केंद्र सरकार का कहना है कि E20 पेट्रोल भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम है। सरकार इसे आत्मनिर्भर भारत अभियान से जोड़कर देख रही है।
वहीं, वाहन मालिकों के बीच माइलेज और पुराने वाहनों पर इसके प्रभाव को लेकर चर्चा अभी भी जारी है।
फिलहाल E20 पेट्रोल को लेकर सरकार का पक्ष है कि यह सुरक्षित है और लंबे समय में देश की अर्थव्यवस्था, किसानों और पर्यावरण के लिए फायदेमंद साबित होगा।
news desk MPcg