उदयपुर में सड़क धंसी, गड्ढे में उतरी इलेक्ट्रिक कार: दुर्गा नर्सरी चौराहे पर मचा हड़कंप; 3 साल में तीसरी घटना से उठे सवाल
राजस्थान के उदयपुर शहर में सड़क धंसने की घटना ने नगर निगम की निर्माण व्यवस्था और सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोमवार शाम शहर के दुर्गा नर्सरी चौराहे पर अचानक सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया, जिसकी वजह से वहां से गुजर रही एक इलेक्ट्रिक कार (EV) गड्ढे में फंस गई।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कार का अगला हिस्सा सड़क के अंदर उतर गया, जबकि पिछला हिस्सा सड़क पर ही रह गया। हादसे के बाद इलाके में लंबा जाम लग गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।
नाले के ऊपर धंसी सड़क, EV कार के पहिए फंसे
जानकारी के अनुसार, यह घटना सोमवार शाम करीब 7 बजे की बताई जा रही है। दुर्गा नर्सरी चौराहे पर कुम्हारों का भट्टा से अशोक नगर की ओर जाने वाली सड़क पर नाले के ऊपर बना हिस्सा अचानक टूट गया।
इसी दौरान वहां से गुजर रही एक इलेक्ट्रिक कार के आगे के पहिए धंसी हुई सड़क में चले गए। अचानक हुए हादसे से कार चालक घबरा गया, लेकिन उसने समय रहते वाहन से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और यातायात प्रभावित हो गया।
पुलिस ने बैरिकेड लगाकर संभाली स्थिति
हादसे के बाद मौके पर यातायात पुलिस पहुंची और सुरक्षा के लिहाज से सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से के आसपास बैरिकेड लगाए गए।
पुलिस ने—
वाहनों की आवाजाही रोकी
मौके पर भीड़ को नियंत्रित किया
जाम को खुलवाया
क्रेन की मदद से कार को बाहर निकलवाया
यातायात पुलिस के अधिकारी और नगर निगम के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
स्थानीय लोगों ने उठाए निर्माण गुणवत्ता पर सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
लोगों का कहना है कि दुर्गा नर्सरी चौराहे पर यह पहली घटना नहीं है। पिछले तीन वर्षों में इसी रोड पर सड़क धंसने की यह तीसरी घटना बताई जा रही है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि नाले का निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया, जिसके कारण सड़क कमजोर हो गई और बार-बार ऐसी स्थिति बन रही है।
मेयर के घर के पास तक बना नाला, आगे हिस्सा छोड़ा गया
स्थानीय लोगों के मुताबिक, अशोक नगर से दुर्गा नर्सरी रोड की तरफ नाले का निर्माण किया गया था।
लोगों का आरोप है कि नाला निवर्तमान मेयर जीएस टांक के घर तक बनाया गया, लेकिन उसके आगे करीब 50 मीटर का हिस्सा छोड़ दिया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस हिस्से को भी पूरा कर दिया जाता तो शायद सड़क धंसने जैसी घटना नहीं होती।
हालांकि, इस संबंध में नगर निगम की ओर से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
नगर निगम ने जल्द काम शुरू करने की बात कही
मौके पर पहुंचे नगर निगम के अधिशाषी अभियंता अखिल गोयल ने बताया कि इस क्षेत्र में नाले के निर्माण का टेंडर हो चुका है और जल्द ही काम शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सड़क धंसने वाले हिस्से की जांच की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
तीन साल में पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
दुर्गा नर्सरी क्षेत्र में सड़क धंसने की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं।
पहली घटना: नाले का आरसीसी स्ट्रक्चर टूटा
करीब तीन साल पहले अशोक नगर मेन रोड पर उदासीन आश्रम मंदिर के बाहर पुराने नाले का आरसीसी स्ट्रक्चर टूट गया था। इसके कारण दुकानों के बाहर खड़ी गाड़ियां नाले में गिर गई थीं।
उस समय स्थानीय व्यापारियों ने नगर निगम से शिकायत की थी।
दूसरी घटना: आयड़ पुलिया के पास धंसी सड़क
दो साल पहले आयड़ पुलिया और दुर्गा नर्सरी चौराहे के पास सड़क का बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया था।
उस दौरान सड़क का करीब 100 फीट लंबा और 10 फीट चौड़ा हिस्सा कई फीट नीचे चला गया था। इसके बाद लंबे समय तक मरम्मत कार्य चला और सड़क बंद करनी पड़ी थी।
लोगों ने कहा- बड़ा हादसा टला
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार बड़ा हादसा टल गया। उनका कहना है कि अगर सड़क धंसने के समय कोई दोपहिया वाहन वहां से गुजरता तो गंभीर दुर्घटना हो सकती थी।
लोगों ने मांग की है कि शहर की अन्य कमजोर सड़कों और पुराने नालों की भी जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
जांच के बाद साफ होगी वजह
फिलहाल नगर निगम और पुलिस प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं। सड़क धंसने की असली वजह मिट्टी का कमजोर होना, नाले की संरचना में कमी या निर्माण कार्य में तकनीकी खामी रही है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
उदयपुर जैसे पर्यटन शहर में सड़क सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता को लेकर यह घटना एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
news desk MPcg