14 साल के साथी ‘Mr. टाइगर’ को परिवार ने दी इंसानी विदाई, गंगाघाट पर हुआ अंतिम संस्कार | Agra News , Dog Lovers

आगरा से एक भावनात्मक और अनोखी खबर सामने आई है, जिसने इंसान और जानवर के रिश्ते की गहराई को उजागर कर दिया है। घनश्याम दीक्षित दिल्ली से लैब्राडोर नस्ल के एक कुत्ते को अपने घर लाए थे, जिसका नाम उन्होंने प्यार से ‘टाइगर’ रखा। टाइगर बीते 14 वर्षों तक दीक्षित परिवार का अभिन्न हिस्सा रहा और उसे कभी पालतू नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य की तरह ही माना गया।

आगरा से एक भावनात्मक और अनोखी खबर सामने आई है, जिसने इंसान और जानवर के रिश्ते की गहराई को उजागर कर दिया है। घनश्याम दीक्षित दिल्ली से लैब्राडोर नस्ल के एक कुत्ते को अपने घर लाए थे, जिसका नाम उन्होंने प्यार से ‘टाइगर’ रखा। टाइगर बीते 14 वर्षों तक दीक्षित परिवार का अभिन्न हिस्सा रहा और उसे कभी पालतू नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य की तरह ही माना गया।

करीब एक माह पहले टाइगर की तबीयत अचानक बिगड़ गई, इलाज के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी। टाइगर के निधन के बाद दीक्षित परिवार ने उसे पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। आगरा के गंगाघाट पर हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार उसका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान मुंडन संस्कार भी कराया गया और 13वीं के दिन ब्रह्मभोज का आयोजन कर परंपराओं का पालन किया गया।

घनश्याम दीक्षित का कहना है कि टाइगर सिर्फ एक पालतू जानवर नहीं था, बल्कि परिवार का हिस्सा था। उनका कहना है कि “उसे पालतू कहना हमारे दिल को चोट पहुंचाता है।” उन्होंने यह भी कहा कि आज के दौर में जब इंसानी रिश्ते कमजोर होते जा रहे हैं, तब टाइगर जैसा साथ और अपनापन बहुत कुछ सिखा जाता है।

इस घटना ने समाज में पशु प्रेम और संवेदनशीलता को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। 

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