भारतीय सेना की नई मांग से टल सकती है ‘जोरावर’ लाइट टैंक की एंट्री, सुरक्षा अपग्रेड के कारण बढ़ सकता है इंतजार
भारतीय सेना के लिए तैयार किया जा रहा स्वदेशी लाइट टैंक ‘जोरावर’ अब सेना में शामिल होने में देरी का सामना कर सकता है। भारत-चीन सीमा (एलएसी) पर तैनाती के लिए डिजाइन किए गए इस टैंक को देश की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, लेकिन अब इसकी एंट्री की टाइमलाइन आगे खिसक सकती है।
सूत्रों के अनुसार, भारतीय सेना ने इस टैंक में अतिरिक्त सुरक्षा सुधारों की मांग की है, जिसके कारण इसके विकास और परीक्षण की प्रक्रिया लंबी हो सकती है। पहले इसे 2027 तक सेना में शामिल किए जाने की योजना थी, लेकिन अब इसकी समयसीमा 2028 से 2029 तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि सेना चाहती है कि ‘जोरावर’ टैंक की सुरक्षा क्षमता को और मजबूत किया जाए। इसके लिए इसे उच्च स्तर के सुरक्षा मानकों के अनुरूप अपग्रेड करने पर काम चल रहा है। यह अपग्रेड टैंक को युद्ध के दौरान अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
‘जोरावर’ लाइट टैंक को विशेष रूप से ऊंचाई वाले क्षेत्रों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के लिए डिजाइन किया गया है। इसे लद्दाख जैसे इलाकों में तैनात करने के लिए विकसित किया जा रहा है, जहां कम तापमान और दुर्गम रास्ते सैन्य संचालन को चुनौतीपूर्ण बनाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह टैंक भारतीय सेना की क्षमता को मजबूत करेगा, खासकर सीमा क्षेत्रों में जहां हल्के और तेज़-तर्रार युद्ध उपकरणों की जरूरत होती है। हालांकि, अतिरिक्त सुरक्षा मांगों के चलते इसकी एंट्री में देरी होना स्वाभाविक है।
फिलहाल, इस परियोजना पर काम जारी है और उम्मीद की जा रही है कि सभी सुधारों के बाद ‘जोरावर’ टैंक भारतीय सेना के बेड़े में शामिल होकर देश की रक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाएगा।
news desk MPcg