2023 Year of War: वैश्विक चुनौतियों में डूबी दुनिया, इजराइल-हमास युद्ध से यूक्रेन और सूडान तक विश्व में युध्द की घटनाएं

2023 Year of War: वैश्विक चुनौतियों में डूबी दुनिया, इजराइल-हमास युद्ध से यूक्रेन और सूडान तक विश्व में युध्द की घटनाएं

2023  Year of War: वैश्विक चुनौतियों में डूबी दुनिया, इजराइल-हमास युद्ध से यूक्रेन और सूडान तक विश्व में युध्द की घटनाएं

2023  Year of War:इस समय, अफ्रीका में हिंसा की घटनाएं चरम पर हैं, और दक्षिण-पूर्व एशिया में असैन्य युद्ध की चुनौती बढ़ रही है। मध्य और दक्षिण अमेरिका में मादक पदार्थों के व्यापार से होने वाली हिंसा ने भी तबाही मचा दी है। परमाणु शक्तियों के बीच तनाव बना हुआ है, जैसे कि भारत और पाकिस्तान के बीच। उत्तर कोरिया का परमाणु आयुध बढ़ रहा है और ईरान भी यूरेनियम संयंत्र को विकसित कर रहा है। 

कुछ बड़े संघर्ष:

इजराइल-हमास युद्ध

सात अक्टूबर को इजराइल-हमास युद्ध ने दोनों देशों के बीच भयावह संघर्ष की शुरुआत की, जिसमें हमास ने इजराइल पर हमले करके 1,200 से अधिक लोगों को मार डाला और 200 से अधिक को बंधक बना लिया। इसका जवाब इजराइल ने भी गाजा पट्टी पर हमले करके दिया। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने जवाबी हमलों का एक बड़ा अभियान शुरू किया।

पिछले कुछ वर्षों में पहली बार, इजराइल के सैनिक गाजा पट्टी में पहुंचे और गाजा सिटी की ओर बढ़े। इस संघर्ष में गाजा पट्टी में 18,700 से अधिक लोगों की मौत की खबरें हैं। इजराइली और फलस्तीनी लोगों की बड़ी संख्या में मौत के खिलाफ दुनियाभर में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। लेबनान के हिजबुल्ला समेत ईरान समर्थित मिलिशिया ने भी इजराइल पर हमले किए। इजराइल बार-बार हमास को समाप्त करने के अपने मकसद को दोहरा रहा है।

इजराइल-हमास युद्ध ने 2023 के आखिर में यूक्रेन पर रूस के हमलों से ध्यान थोड़ा हटा लिया था. लेकिन इससे पहले के कुछ महीनों में दोनों ही तरफ युद्ध की स्थिति में कुछ खास बदलाव नहीं हुआ था. यूक्रेन को नए सिरे से जवाबी हमला शुरू करने से पहले टैंक, हथियार और पश्चिमी देशों से प्रशिक्षण प्राप्त हुआ, जिसका उद्देश्य अज़ोव सागर तक पहुंचना माना जाता है. लेकिन यूक्रेनी सेना को रूसी सैनिकों, कई रक्षा मोर्चों, बारूदी सुरंगों और अन्य खतरों का सामना करना पड़ा, जिससे या तो धीरे-धीरे लाभ हुआ, या बिल्कुल भी लाभ नहीं हुआ.

पश्चिमी देश यूक्रेन के साथ सार्वजनिक रूप से एकजुट रहे हैं और अगले साल होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव सहित अन्य चुनाव इस बात को प्रभावित कर सकते हैं कि भविष्य में कीव को कितनी सहायता मिलेगी. रूस को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है. निजी सैन्य समूह वैग्नर के प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन द्वारा मास्को की ओर कूच करने से रूस के लिए चुनौती खड़ी हो गई थी. हालांकि प्रिगोझिन ने अपने अभियान को रोक दिया था और कुछ हफ्ते बाद एक रहस्यमय, भीषण विमान दुर्घटना में उसकी मृत्यु हो गई.

अफ्रीका में अशांति:

पूर्वी अफ्रीका के बड़े देश सूडान में अप्रैल में असैन्य युद्ध शुरू हो गया. देश की सेना और रैपिड सपोर्ट फोर्स नामक अर्द्धसैनिक बल आमने सामने थे. दोनों के बीच संघर्ष में खारतूम के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर गोलीबारी में विमानों में आग लग गई और सूडान को उसके नागरिकों को समुद्री, हवाई और जमीनी मार्ग से सुरक्षित निकालना पड़ा. इस संघर्ष में अब तक 9,000 लोग मारे जा चुके है।