हरियाणा में बीमा क्लेम के लिए रची गई ट्रक चोरी की साजिश, एक गलती ने खोल दी पूरी पोल

हरियाणा में बीमा क्लेम के लिए रची गई ट्रक चोरी की साजिश, एक गलती ने खोल दी पूरी पोल

पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हरियाणा के करनाल में ट्रक चोरी के एक मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब पुलिस जांच में सामने आया कि यह असली चोरी नहीं, बल्कि बीमा क्लेम हासिल करने के लिए रची गई एक सुनियोजित साजिश थी। इस खुलासे के बाद शिकायतकर्ता सहित दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

शिकायतकर्ता ही निकला मास्टरमाइंड

पुलिस जांच में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि जिस व्यक्ति ने ट्रक चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी, वही इस पूरी साजिश का मुख्य आरोपी निकला। आरोपी की पहचान बलबीर सिंह के रूप में हुई है, जिसने अपने साथी अमरजीत सिंह के साथ मिलकर यह फर्जी कहानी तैयार की थी।

ऐसे रची गई थी झूठी कहानी

जानकारी के अनुसार, बलबीर सिंह ने पुलिस को बताया था कि उसका ट्रक जीटी रोड स्थित एक ढाबे के पास खड़ा था, जहां से 6 मई की रात अज्ञात चोर उसे ले गए। इसी शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया था, लेकिन जांच में कहानी पूरी तरह झूठी साबित हुई।

बीमा क्लेम के लिए बनाई गई योजना

पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने मिलकर बीमा कंपनी से क्लेम हासिल करने के उद्देश्य से यह पूरी साजिश रची थी। उन्होंने ट्रक चोरी का झूठा मामला दर्ज कराकर आर्थिक लाभ उठाने की कोशिश की, लेकिन उनकी एक गलती ने पूरी योजना को उजागर कर दिया।

तकनीकी जांच से हुआ खुलासा

थाना बुटाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल्स और पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ी दर कड़ी जोड़ दी। जांच में साफ हो गया कि ट्रक वास्तव में चोरी नहीं हुआ था।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को किया गिरफ्तार

थाना बुटाना प्रभारी राजपाल सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए बलबीर सिंह और उसके साथी अमरजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों से पूछताछ जारी है और मामले की आगे की जांच की जा रही है।

सख्त कार्रवाई की तैयारी

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की धोखाधड़ी और बीमा फ्रॉड के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह की साजिश रचने की हिम्मत न कर सके।

फर्जीवाड़े पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर बीमा क्लेम से जुड़े फर्जी मामलों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और तकनीकी जांच को और मजबूत किया जा रहा है।