भोपाल में किसानों का प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी: सड़क पर बनाया दाल-बाटी, सद्बुद्धि यज्ञ किया; आज सीएम हाउस घेराव की तैयारी
मध्यप्रदेश में किसानों का आंदोलन बुधवार को भी जारी रहा। मूंग खरीदी, ई-टोकन सिस्टम और खाद वितरण व्यवस्था में सुधार समेत अन्य मांगों को लेकर नर्मदापुरम संभाग से आए किसान भोपाल में डटे हुए हैं। संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े 19 किसान संगठनों के किसान मुख्यमंत्री निवास घेराव की तैयारी कर रहे हैं।
प्रदर्शन स्थल पर किसानों ने रात बिताने के बाद बुधवार सुबह अपनी दिनचर्या शुरू की। कई किसान सड़क पर ही आराम करते नजर आए, जबकि कुछ किसानों ने दोपहर के भोजन के लिए वहीं दाल-बाटी तैयार की। किसानों ने नेताओं से भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर उनके साथ भोजन करने और बातचीत करने की अपील की।
सड़क पर बनाया खाना, हवन कर सरकार से मांगी 'सद्बुद्धि'
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकार की सद्बुद्धि के लिए हवन किया। किसानों का कहना है कि उनकी मांगों को लेकर सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए।
किसानों ने आरोप लगाया कि बढ़ती महंगाई और खेती की लागत के बीच उन्हें फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। कुछ किसानों ने आर्थिक परेशानियों का भी जिक्र किया।
प्रदर्शन में शामिल किसानों का कहना है कि वे अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखेंगे।
Gen-Z भी पहुंचा समर्थन देने
किसान आंदोलन में युवाओं की भागीदारी भी देखने को मिली। Gen-Z के कई युवा पोस्टर और बैनर लेकर प्रदर्शन स्थल पहुंचे। युवाओं ने किसानों के समर्थन में नारे लिखे और आंदोलन में भाग लिया।
इसके अलावा महिलाएं भी प्रदर्शन में शामिल हुईं और पोस्टरों पर अपनी मांगों से जुड़े संदेश लिखे।
सीएम हाउस घेराव के ऐलान के बाद सुरक्षा बढ़ी
किसानों के मुख्यमंत्री निवास घेराव के ऐलान को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। सीएम हाउस जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है।
एम्प्री के पास वीर सावरकर सेतु के पहले भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने कई मार्गों पर यातायात नियंत्रित किया है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल के साथ अन्य संसाधन भी लगाए गए हैं।
नर्मदापुरम रोड पर ट्रैफिक प्रभावित, स्कूल बंद
किसानों के प्रदर्शन का असर भोपाल के नर्मदापुरम रोड और आसपास के इलाकों में दिखाई दे रहा है। बैरिकेडिंग और रास्ते बंद होने के कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
होशंगाबाद रोड, एम्स, बंसल प्लाजा, कटारा हिल्स और आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक प्रभावित हुआ। कई लोगों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ा।
हालात को देखते हुए कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने नर्मदापुरम रोड क्षेत्र के सरकारी और निजी स्कूलों में बुधवार को अवकाश घोषित किया।
किसानों का आरोप- सुविधाएं हटाई गईं
प्रदर्शन कर रहे कुछ किसानों ने आरोप लगाया कि आंदोलन स्थल से पानी के टैंकर और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं हटा दी गई हैं। किसानों का कहना है कि इससे आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि, प्रशासन की ओर से इस आरोप पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा- किसानों से संवाद के लिए बनाई कमेटी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसान आंदोलन को लेकर कहा कि सरकार किसानों के मुद्दों के समाधान के लिए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि किसानों से बातचीत के लिए मंत्रियों की एक कमेटी बनाई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के सकारात्मक सुझावों के साथ खड़ी है, लेकिन आंदोलन के कारण आम जनता को परेशानी नहीं होनी चाहिए।
किसानों की प्रमुख मांगें
किसान संगठनों की मुख्य मांगें:
मूंग की 100 प्रतिशत सरकारी खरीदी की व्यवस्था
ई-टोकन सिस्टम में सुधार
खाद वितरण व्यवस्था को आसान बनाने की मांग
किसानों को फसल का उचित मूल्य दिलाने की मांग
प्रशासन और किसानों के बीच बातचीत रही बेनतीजा
इससे पहले मंगलवार रात प्रशासनिक अधिकारियों और किसान प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई थी। हालांकि, बैठक में कोई अंतिम समाधान नहीं निकल सका।
इसके बाद किसान नेताओं ने मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच करने का ऐलान किया।
आगे की स्थिति पर नजर
फिलहाल किसान नर्मदापुरम रोड क्षेत्र में डटे हुए हैं और मुख्यमंत्री निवास की ओर आगे बढ़ने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं, पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। अब सभी की नजर किसानों के अगले कदम और प्रशासन की कार्रवाई पर है।
news desk MPcg