एमपी कांग्रेस में बड़ा संगठनात्मक बदलाव: सभी विभाग और प्रकोष्ठ भंग, नए सिरे से संगठन तैयार करने की कवायद शुरू

एमपी कांग्रेस में बड़ा संगठनात्मक बदलाव: सभी विभाग और प्रकोष्ठ भंग, नए सिरे से संगठन तैयार करने की कवायद शुरू

 मध्य प्रदेश कांग्रेस ने संगठन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। पार्टी ने प्रदेश, जिला और ब्लॉक स्तर पर संचालित सभी विभागों और प्रकोष्ठों की इकाइयों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। यह निर्णय संगठन के पुनर्गठन की प्रक्रिया के तहत लिया गया है। पार्टी अब नए सिरे से संगठनात्मक ढांचा तैयार करने की तैयारी में है।

यह फैसला दिल्ली में चल रही कांग्रेस के ‘संगठन सृजन अभियान’ की समीक्षा बैठक के बाद लिया गया। पिछले दो दिनों से दिल्ली में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक चल रही थी, जिसमें मध्य प्रदेश कांग्रेस की संगठनात्मक स्थिति, पदाधिकारियों की सक्रियता और आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर चर्चा की गई।

प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने जारी किया आदेश

मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी ने इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी किया है। पत्र में प्रदेश कांग्रेस के सभी विभागों और प्रकोष्ठों की प्रदेश, जिला और ब्लॉक स्तर की इकाइयों को तत्काल प्रभाव से भंग करने के निर्देश दिए गए हैं।

पार्टी के इस फैसले के बाद अब सभी मौजूदा पदाधिकारी अपने पदों से मुक्त हो गए हैं। कांग्रेस जल्द ही नए सिरे से विभागों और प्रकोष्ठों का गठन करेगी।

संगठन को मजबूत करने की तैयारी

कांग्रेस नेतृत्व का फोकस संगठन को ज्यादा सक्रिय और प्रभावी बनाने पर है। पार्टी आगामी राजनीतिक चुनौतियों और चुनावी तैयारियों को ध्यान में रखते हुए नए चेहरों को जिम्मेदारी देने की तैयारी कर रही है।

माना जा रहा है कि नए संगठन में ऐसे नेताओं और कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जा सकती है, जो जमीनी स्तर पर सक्रिय हैं और पार्टी के कार्यक्रमों में लगातार भागीदारी करते रहे हैं।

प्रदेश कार्यकारिणी में भी बदलाव के संकेत

संगठन में बदलाव की प्रक्रिया केवल विभागों और प्रकोष्ठों तक सीमित नहीं रहने वाली है। मध्य प्रदेश कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मौजूदा ढांचे की भी समीक्षा की जा रही है। इसके बाद नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर फैसला लिया जा सकता है।

जिला अध्यक्षों के कामकाज की भी समीक्षा

मध्य प्रदेश कांग्रेस ने जिला अध्यक्षों के प्रदर्शन की समीक्षा भी शुरू कर दी है। पिछले साल अगस्त में नियुक्त किए गए जिला अध्यक्षों के कामकाज का मूल्यांकन किया जा रहा है।

पार्टी ने जिला अध्यक्षों को काम के आधार पर A, B, C और D कैटेगरी में बांटकर समीक्षा प्रक्रिया शुरू की है। इसमें संगठन विस्तार, कार्यकर्ताओं से संपर्क और पार्टी गतिविधियों में सक्रियता जैसे बिंदुओं को आधार बनाया जा रहा है।

करीब 6 जिला अध्यक्षों पर कार्रवाई के संकेत

समीक्षा के दौरान सबसे कमजोर प्रदर्शन वाले यानी D ग्रेड में आने वाले करीब 6 जिला अध्यक्षों को हटाने पर दिल्ली में सहमति बनने की बात सामने आई है।

इन जिला अध्यक्षों को हटाने के आदेश जल्द जारी किए जा सकते हैं। इसके बाद नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू होने की संभावना है।

पुनर्गठन के बाद बदलेगा कांग्रेस का संगठनात्मक ढांचा

मध्य प्रदेश कांग्रेस का यह फैसला संगठन को नए सिरे से खड़ा करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। पार्टी अब विभागों, प्रकोष्ठों और पदाधिकारियों की नई टीम बनाकर संगठन को मजबूत करने की तैयारी में है।

आने वाले समय में नए पदाधिकारियों की नियुक्ति और संगठन विस्तार को लेकर कांग्रेस की ओर से आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।