CAA Latest Updates: सीएए के खिलाफ 230 से अधिक याचिकाओं पर आज सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
CAA Latest Updates: सीएए के खिलाफ 230 से अधिक याचिकाओं पर आज सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली।CAA Latest Updates: केंद्र सरकार ने हाल ही में सीएए (नागरिक संशोधन कानून) को लागू किया है। इस कानून के खिलाफ कई आपत्तियाँ उठाई जा रही हैं।और इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दाखिल की गई हैं। जिसपर सुप्रीम कोर्ट में लगभग 230 ऐसी याचिकाएं है। जिसपर आज सु्नवाई की जाएगी। विरोधकों का मानना है। कि यह कानून मुस्लिम समुदाय के खिलाफ भेदभावपूर्ण होते हुए संविधान के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। यह याचिकाएं सीजेआई की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने पेश की गई थीं। जिसमें जस्टिस जेबी पारदीवाला और मनोज मिश्रा शामिल थे। यह न केवल नई है। बल्कि 2019 में भी ऐसा हुआ था। जब आईयूएमएल ने सीएए को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। उस समय भी इसे भेदभावपूर्ण बताया गया था। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इन याचिकाओं पर सवाल उठाया है। जिसके कारण 237 याचिकाएं अभी भी पेंडिंग हैं। सीजेआई ने आज 190 से अधिक मामलों की सुनवाई की जाने की घोषणा की है।
CAA कानून पर रोक लगाने की मांग
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के सीनियर ऐडवोकेट कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि एक बार जब शरणार्थी हिंदुओं को नागरिकता मिल जाएगी तो इसे वापस नहीं लिया जा सकेगा। इसलिए मामले की जल्द सुनवाई होना जरुरी है। सीएए के लागू होने के एक दिन बाद ही केरल के राजनीतिक दल आईयूएमएल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में कहा गया था। कि इस कानून पर रोक लगा देनी चाहिए।क्योंकि सीएए को लागू करने का केंद्र का कदम संदिग्ध था क्योंकि लोकसभा चुनाव से ठीक पहले ऐसा किया गया।
जानिए क्या है CAA
बता दें कि नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 में ही संसद में पास हो गया था। औऱ कानून भी बन गया था। इस कानून के तहत पाकिस्तान अफगानिस्तान और बांग्लादेश से 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आए वहां के अल्पसंख्यक शरणार्थियों को फास्ट ट्रैक तरीके से नागरिकता दी जाएगी। सरकार ने इसके लिए पोर्टल भी शुरू कर दिया है। इस कानुन के तहत गैरमुस्लिम यानी हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाइयो को भारतीय नागरिकता प्रदान की जाएगी।
Newsdesk