NEET री-एग्जाम से पहले देशभर में मेगा मॉक ड्रिल, 551 शहरों में हाई-सिक्योरिटी टेस्टिंग; 2 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (National Testing Agency) ने NEET-UG री-एग्जाम से एक दिन पहले देशभर में व्यापक स्तर पर मेगा मॉक ड्रिल आयोजित की है। इस अभ्यास का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया की सुरक्षा, पारदर्शिता और लॉजिस्टिक तैयारियों को अंतिम रूप से परखना है।
यह रिहर्सल ऐसे समय पर की जा रही है जब देशभर में NEET-UG परीक्षा में 22.79 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल होने जा रहे हैं।
551 शहरों में फुल-स्केल सुरक्षा अभ्यास
एनटीए के अनुसार, यह मॉक ड्रिल भारत के 551 शहरों और 5,500 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई है। इसके अलावा विदेशों के 14 शहरों में भी परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
सभी केंद्रों को हाई-सिक्योरिटी जोन में तब्दील किया गया है, जहां परीक्षा से जुड़े हर चरण—प्रश्नपत्र की ढुलाई से लेकर एंट्री और एग्जिट तक—का परीक्षण किया जा रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था का बहुस्तरीय परीक्षण
मॉक ड्रिल में कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को रियल-टाइम में जांचा गया, जिनमें शामिल हैं:
प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ट्रांसपोर्ट व्यवस्था
सीसीटीवी निगरानी प्रणाली
बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन
प्रवेश और फ्रिस्किंग प्रक्रिया
कंट्रोल रूम और परीक्षा केंद्रों के बीच समन्वय
इन सभी प्रक्रियाओं का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की चूक या गड़बड़ी की संभावना न रहे।
2 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात
एनटीए ने बताया कि परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया गया है। इसके लिए:
पुलिस और जिला प्रशासन सहित 2 लाख से अधिक कर्मियों की तैनाती
6,669 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति
674 शहर समन्वयकों की निगरानी व्यवस्था
हर परीक्षा केंद्र पर अलग-अलग स्तर के अधिकारी और पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं ताकि संचालन में किसी भी प्रकार की त्रुटि न हो।
परीक्षा प्रबंधन पर सख्त फोकस
एनटीए का कहना है कि इस व्यापक मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि 21 जून को होने वाली परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो।
हाल के वर्षों में परीक्षा सुरक्षा और पेपर लीक जैसे मुद्दों को देखते हुए इस बार प्रशासन ने पहले से अधिक सख्त और बहुस्तरीय निगरानी प्रणाली लागू की है।
निष्कर्ष
देशभर में आयोजित यह मेगा मॉक ड्रिल दिखाती है कि NEET-UG जैसे बड़े स्तर की परीक्षा को सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन अब “रियल-टाइम टेस्टिंग मॉडल” पर जोर दे रहा है। यह अभ्यास न केवल सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती को परखता है, बल्कि लाखों छात्रों के लिए निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
news desk MPcg