Vinesh Phogat's :विनेश फोगाट का संन्यास: भारतीय कुश्ती को बड़ा झटका, राज्यसभा में हंगामा

Vinesh Phogat's :विनेश फोगाट का संन्यास: भारतीय कुश्ती को बड़ा झटका, राज्यसभा में हंगामा

सीटीटुडे | भारत की प्रमुख महिला पहलवान, विनेश फोगाट, ने ओलंपिक 2024 में 50 किलोग्राम भार वर्ग में हिस्सा लेने से ठीक पहले, अयोग्यता के कारण कुश्ती से संन्यास की घोषणा कर दी। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम से देश में हड़कंप मच गया। विनेश का वजन 100 ग्राम अधिक होने की वजह से उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया था, जिससे उनके फाइनल में जाने का सपना चकनाचूर हो गया। 

इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। विनेश ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर भावुक पोस्ट लिखते हुए कहा, “मां, कुश्ती मुझसे जीत गई, मैं हार गई। माफ करना। आपका सपना, मेरी हिम्मत सब टूट चुके। इससे ज्यादा ताकत नहीं रही अब। अलविदा कुश्ती 2001-2024। आप सबकी हमेशा ऋणी रहूंगी।”

विनेश फोगाट के इस मुद्दे पर संसद के उच्च सदन राज्यसभा में भी जबरदस्त हंगामा हुआ। विपक्ष ने सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की और बाद में सदन से वॉकआउट कर दिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सभी से संयम बरतने की अपील की, जबकि राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ ने विपक्ष के हंगामे पर नाराजगी जताई।

क्या विनेश फोगाट को मिलेगा सिल्वर मेडल?

विनेश फोगाट ने अपनी अयोग्यता के खिलाफ कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स (सीएएस) में अपील दायर की है। सेमीफाइनल मुकाबले में 5-0 की जीत के बाद, वह फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनी थीं। विनेश और भारत की ओर से की गई अपील में कहा गया है कि उन्हें सिल्वर मेडल दिया जाए। सीएएस ने इस मामले पर अपना अंतिम निर्णय गुरुवार, 8 अगस्त की सुबह तक देने का समय मांगा है। यदि फैसला विनेश के पक्ष में आता है, तो उन्हें ओलंपिक में रजत पदक से नवाजा जाएगा।

 क्या रहेगा हरियाणा के मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विनेश फोगाट के लिए बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यदि सीएएस का फैसला विनेश के पक्ष में नहीं आता है, तो भी उन्हें ओलंपिक में रजत पदक विजेता के बराबर का सम्मान, इनाम और सुविधाएं दी जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारे लिए विनेश फोगाट एक चैंपियन हैं और उन पर पूरे भारत को गर्व है| 

विनेश फोगाट का कुश्ती से संन्यास न केवल खेल जगत के लिए एक बड़ी क्षति है, बल्कि पूरे देश के लिए एक भावनात्मक झटका भी है। अब सभी की निगाहें सीएएस के फैसले पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि क्या विनेश को उनके प्रयासों का उचित सम्मान मिल पाएगा।