विजयवाड़ा में मकर संक्रांति का जश्न : मुर्गों की लड़ाई का त्योहार

आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में आज एक मुर्गों की लड़ाई का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में दर्शकों ने भाग लिया। यह घटना मकर संक्रांति उत्सव के दौरान हो रही है, जो इस परंपरा का एक महत्वपूर्ण समय है। इस आयोजन में विजयवाड़ा और उसके आसपास के क्षेत्रों में कई बड़े और छोटे अखाड़े बनाए गए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस खेल में लगभग ₹300 करोड़ का लेन-देन होने की संभावना है। आयोजकों ने आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के निर्देशों और स्थानीय अधिकारियों की चेतावनियों की अनदेखी करते हुए इस आयोजन को सफलतापूर्वक आयोजित किया। भारत में मुर्गों की लड़ाई, जिसे तेलुगु में "कोडी पंडेम" कहा जाता है, एक प्राचीन परंपरा है जो विशेष रूप से मकर संक्रांति के समय लोकप्रिय होती है। हालांकि यह खेल भारत में अवैध है, फिर भी आंध्र प्रदेश में इसे कुछ शर्तों के तहत आयोजित करने की अनुमति दी गई है। इस वर्ष के आयोजन में दर्शकों की संख्या काफी अधिक रही, जो इस खेल की लोकप्रियता को दर्शाता है। मुर्गों की लड़ाई को देखने के लिए लोग दूर-दूर से आए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह परंपरा अभी भी स्थानीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है। यह आयोजन न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि यह स्थानीय समुदाय के लिए एक सामाजिक समारोह भी है, जहां लोग एकत्रित होकर इस परंपरा का आनंद लेते हैं।