Western Ring Road Project: इंदौर में 998 किसानों की जमीन होगी अधिग्रहित, सर्वे पूरा, पिलर मार्किंग शुरू
इंदौर की 64 किमी लंबी पश्चिमी रिंग रोड परियोजना के लिए 998 किसानों की 570 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित होगी। हातोद, देपालपुर और सांवेर तहसीलों में सर्वे पूरा, पिलर मार्किंग शुरू। किसानों को उचित मुआवजा देने के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया जल्द आगे बढ़ेगी।
इंदौर, 23 अप्रैल 2025: इंदौर जिले में शिप्रा से पीथमपुर तक प्रस्तावित 64 किलोमीटर लंबी पश्चिमी रिंग रोड परियोजना ने गति पकड़ ली है। जिले की हातोद, देपालपुर और सांवेर तहसीलों में लंबे समय से रुके सर्वे का कार्य किसानों की सहमति के बाद पूरा हो चुका है। अब सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित की जाने वाली जमीन पर पिलर मार्किंग का काम शुरू हो गया है।
सर्वे में दर्ज हुई सभी संरचनाएं
राजस्व विभाग की टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों के साथ मिलकर अधिग्रहित जमीन और उस पर मौजूद सभी निर्माणों का विस्तृत सर्वे किया। इसमें खेतों के साथ-साथ मकान, दुकानें, पेड़, कुएं, बोरिंग और पाइपलाइन जैसी संरचनाओं का भी ब्योरा तैयार किया गया। देपालपुर के एसडीएम राकेश मोहन त्रिपाठी ने बताया कि उनकी तहसील में पिलर मार्किंग का कार्य तेजी से चल रहा है।
570 हेक्टेयर जमीन होगी अधिग्रहित
इस परियोजना के लिए जिले की कुल 570.5678 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी, जिसमें 98.4979 हेक्टेयर शासकीय जमीन शामिल है। शासकीय जमीन का सीमांकन और सर्वे पहले ही पूरा हो चुका है। शेष 472.0699 हेक्टेयर जमीन 998 किसानों की है, जिसमें सांवेर तहसील के 512, हातोद के 333 और देपालपुर के 153 किसान प्रभावित होंगे। यह सड़क 26 गांवों से होकर गुजरेगी, जिसमें 864 किसानों की जमीन मुख्य मार्ग और 134 किसानों की जमीन अतिरिक्त सड़क के लिए ली जाएगी।
मुआवजे की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी
सर्वे पूरा होने के बाद अब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। एनएचएआई द्वारा नियुक्त सीएएलए अधिकारी सर्वे के आधार पर भूमि मुआवजा अधिसूचना (RRC) जारी करेंगे। इसके बाद किसानों को उनकी जमीन और संरचनाओं के लिए उचित मुआवजा राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी।
किसानों को मिलेगा उचित मुआवजा
अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना से न केवल इंदौर की यातायात व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि प्रभावित किसानों को भी उनकी जमीन का उचित मुआवजा सुनिश्चित किया जाएगा। पश्चिमी रिंग रोड के निर्माण से क्षेत्र में औद्योगिक और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
news desk MPcg