Kuno National Park: चीता निर्वा ने दी पांच शावकों को जन्म, जैव विविधता संरक्षण में बड़ी सफलता

कूनो नेशनल पार्क में चीता निर्वा ने पांच शावकों को जन्म दिया, जिससे शावकों की संख्या 19 हो गई। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस सफलता को भारत के जैव विविधता संरक्षण प्रयासों की उपलब्धि बताया। निर्वा दूसरी बार मां बनी, जबकि दो चीतों को गांधी सागर अभयारण्य भेजा गया।

Kuno National Park: चीता निर्वा ने दी पांच शावकों को जन्म, जैव विविधता संरक्षण में बड़ी सफलता

श्योपुर, मध्य प्रदेश: कूनो नेशनल पार्क में चीता निर्वा ने पांच शावकों को जन्म देकर भारत के वन्यजीव संरक्षण प्रयासों को नई ऊंचाई दी है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस खुशखबरी को अपने एक्स हैंडल पर साझा किया। इससे पहले स्थानीय समाचार पत्रों ने 26 अप्रैल को सूचना दी थी कि निर्वा का प्रसव हो चुका है, हालांकि उस समय केवल दो शावक ही दिखाई दिए थे। 

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, निगरानी टीम ने बाद में तीन और शावकों की मौजूदगी दर्ज की। इसके साथ ही कूनो नेशनल पार्क में चीता शावकों की कुल संख्या बढ़कर 19 हो गई है। वर्तमान में कूनो और गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में कुल 12 चीते मौजूद हैं।

निर्वा की दूसरी बार मातृत्व सुख की प्राप्ति

दक्षिण अफ्रीका के मेपस रिजर्व से लाई गई सात वर्षीय चीता निर्वा दूसरी बार मां बनी है। इससे पहले नवंबर 2024 में निर्वा ने दो शावकों को जन्म दिया था, लेकिन दुर्भाग्यवश उनके शव क्षत-विक्षत हालत में पाए गए थे। कूनो में अन्य चीतों ने भी शावकों को जन्म दिया है, जिनमें ज्वाला (5 शावक), आशा (3 शावक), गामिनी (4 शावक), और वीरा (2 शावक) शामिल हैं।

गांधी सागर अभयारण्य में स्थानांतरित हुए दो चीते

कूनो में चीतों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दो चीतों, प्रभाष और पावक, को गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में स्थानांतरित किया गया है। कूनो में कुछ शावक अब दो साल तक के हो चुके हैं, जबकि कई डेढ़ साल की उम्र पार कर चुके हैं। 

मुख्यमंत्री ने दी बधाई, पीएम के नेतृत्व की सराहना

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर कूनो नेशनल पार्क की टीम को बधाई दी। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, "यह भारत के जैव विविधता संरक्षण के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में हम निरंतर प्रगति कर रहे हैं।"

भारत के चीता पुनर्वास परियोजना की सफलता

कूनो नेशनल पार्क में चीतों की बढ़ती संख्या और शावकों का जन्म भारत की चीता पुनर्वास परियोजना की सफलता का प्रतीक है। यह परियोजना न केवल वन्यजीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारत की जैव विविधता को समृद्ध करने में भी योगदान दे रही है।