इटावा जेल का होगा कायाकल्प, 21 करोड़ की लागत से बनेंगी हाई सिक्योरिटी बैरक

इटावा जेल का होगा कायाकल्प, 21 करोड़ की लागत से बनेंगी हाई सिक्योरिटी बैरक

इटावा की ऐतिहासिक ब्रिटिशकालीन जिला जेल अब आधुनिक सुविधाओं से लैस होने जा रही है। जेल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर निर्माण और नवीनीकरण कार्य शुरू किए जा रहे हैं, जिन पर कुल 21 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे।

 हाई सिक्योरिटी बैरक का निर्माण

जेल में 50 बंदियों की क्षमता वाली हाई सिक्योरिटी बैरक बनाई जा रही है। इस पर करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये की लागत आएगी। यहां गंभीर अपराधों में निरुद्ध बंदियों को रखा जाएगा, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।

 पूरे परिसर का होगा कायाकल्प

जेल परिसर में बाउंड्रीवाल को ऊंचा करने, नई बैरक, सीसी रोड, कंट्रोल रूम, पुलिस चौकी, ट्यूबवेल, ओवरहेड टैंक और पाइपलाइन जैसी कई सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा आवासीय भवन, डोरमेट्री और अन्य ढांचागत सुविधाओं पर भी काम चल रहा है।

 1840 की ऐतिहासिक जेल का होगा आधुनिकीकरण

सन 1840 में स्थापित यह जिला कारागार ब्रिटिश काल की विरासत मानी जाती है। अब इसे आधुनिक सुरक्षा मानकों के अनुसार विकसित किया जा रहा है ताकि कैदियों और स्टाफ दोनों के लिए बेहतर वातावरण तैयार हो सके।

 सुरक्षा व्यवस्था होगी और सख्त

नए हाई सिक्योरिटी इंतजामों और कंट्रोल रूम के जरिए जेल की निगरानी और भी मजबूत की जाएगी। इससे संवेदनशील मामलों में बंदियों की सुरक्षा और नियंत्रण बेहतर तरीके से किया जा सकेगा।

विकास कार्यों से बदलेगा जेल का स्वरूप

करीब 21 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे इन कार्यों के बाद जिला कारागार का पूरा स्वरूप बदल जाएगा और यह अधिक सुरक्षित और आधुनिक जेलों की श्रेणी में शामिल हो जाएगी।