पीएम मोदी का न्यूजीलैंड दौरा: भारत-न्यूजीलैंड रिश्तों को मिला रणनीतिक साझेदारी का दर्जा, बोले- "हमने न्यूजीलैंड से बहुत कुछ सीखा"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों और भविष्य की साझेदारी पर विस्तार से बात की। पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने न्यूजीलैंड से बहुत कुछ सीखा है। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं को मतदान का अधिकार देने में न्यूजीलैंड की ऐतिहासिक भूमिका का उल्लेख किया और कहा कि भारत भी महिलाओं के लिए विकास और अवसरों के नए रास्ते खोल रहा है।
पीएम मोदी की यह यात्रा भारत और न्यूजीलैंड के संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। करीब 40 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का न्यूजीलैंड दौरा हुआ है। इससे पहले वर्ष 1986 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी न्यूजीलैंड गए थे।
भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को मिला रणनीतिक साझेदारी का दर्जा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद दोनों देशों ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) का दर्जा दिया।
दोनों नेताओं की मौजूदगी में कई महत्वपूर्ण समझौतों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों का उद्देश्य व्यापार, निवेश, रक्षा, शिक्षा, तकनीक, कृषि, खेल और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाना है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के रिश्ते अब नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी केवल कूटनीतिक समझौता नहीं है, बल्कि दोनों देशों के साझा भविष्य का संकल्प है।
2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य
भारत और न्यूजीलैंड ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को लगभग दोगुना करने का लक्ष्य तय किया है। दोनों देशों का लक्ष्य व्यापार को करीब 35 हजार करोड़ रुपये (NZ$7 बिलियन) तक पहुंचाने का है।
पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि न्यूजीलैंड आने वाले वर्षों में भारत में बड़े निवेश की योजना बना रहा है, जिससे रोजगार और व्यापार के नए अवसर पैदा होंगे।
FTA से व्यापार को मिलेगी नई गति
भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को दोनों देशों के संबंधों में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
इस समझौते के तहत भारत से न्यूजीलैंड जाने वाले कई उत्पादों को व्यापार में लाभ मिलेगा। टेक्सटाइल, लेदर, इंजीनियरिंग सामान और अन्य क्षेत्रों के लिए नए अवसर खुलने की उम्मीद है।
पीएम मोदी ने कहा कि इतने कम समय में FTA पर सहमति बनना दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
भारतीय समुदाय को बताया साझेदारी का मजबूत आधार
ऑकलैंड में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के रिश्तों की असली ताकत दोनों देशों के लोग हैं।
उन्होंने कहा कि ऑकलैंड से लेकर वेलिंगटन और क्राइस्टचर्च तक फैला भारतीय समुदाय दोनों देशों की साझा यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
पीएम मोदी ने कहा कि न्यूजीलैंड में रहने वाले भारतीयों ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से देश के विकास में योगदान दिया है।
उन्होंने न्यूजीलैंड में भारतीय मूल के लोगों की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि यहां भारतीय समुदाय अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रहा है।
न्यूजीलैंड से सीखा लोकतंत्र और महिलाओं का सम्मान
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में न्यूजीलैंड के लोकतांत्रिक इतिहास की सराहना की।
उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड दुनिया का पहला देश था जिसने महिलाओं को मतदान का अधिकार दिया। उन्होंने कहा कि भारत भी महिलाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें समान अवसर देने की दिशा में लगातार काम कर रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी देश की प्रगति में महिलाओं की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण होती है।
लाइब्रेरी, किताबों और पढ़ने की आदत का किया जिक्र
पीएम मोदी ने युवाओं को ज्ञान और शिक्षा से जुड़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पढ़ने की आदत व्यक्ति के विचारों को व्यापक बनाती है।
उन्होंने कहा कि किताबें केवल जानकारी का माध्यम नहीं होतीं, बल्कि वे व्यक्ति के सोचने और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करती हैं।
क्रिकेट और सांस्कृतिक रिश्तों का भी किया उल्लेख
पीएम मोदी ने भारत और न्यूजीलैंड के बीच क्रिकेट संबंधों का भी जिक्र किया।
उन्होंने न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम में भारतीय मूल के खिलाड़ियों रचिन रविंद्र और एजाज पटेल का उल्लेख करते हुए कहा कि यह दोनों देशों के बीच मजबूत लोगों के रिश्तों को दिखाता है।
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने भी क्रिकेट को दोनों देशों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी बताया।
उन्होंने भारत में अपने क्रिकेट अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में क्रिकेट के प्रति जुनून अद्भुत है।
रक्षा और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमति
भारत और न्यूजीलैंड ने रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई है।
दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, नौसैनिक अभ्यास, हाइड्रोग्राफी और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की योजना है।
इसके अलावा आतंकवाद, साइबर अपराध, मानव तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ मिलकर काम करने पर भी सहमति बनी।
शिक्षा, तकनीक और कृषि क्षेत्र में सहयोग
दोनों देशों ने शिक्षा, रिसर्च, डिजिटल तकनीक और इनोवेशन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है।
इसके अलावा कृषि, डेयरी, बागवानी, कीवी फ्रूट, सेब और शहद उत्पादन जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
भारत और न्यूजीलैंड के विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने की योजना बनाई गई है।
आतंकवाद के खिलाफ साझा रुख
भारत और न्यूजीलैंड ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख दोहराया।
दोनों देशों ने सीमा पार आतंकवाद समेत सभी प्रकार के आतंकवाद की निंदा की और आतंकियों के वित्तीय नेटवर्क और सुरक्षित ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई पर जोर दिया।
पीएम मोदी ने पुराने अनुभव को किया याद
अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने न्यूजीलैंड से जुड़े पुराने अनुभव भी साझा किए।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री बनने से पहले भी वह कई साल पहले न्यूजीलैंड आए थे। उस दौरान उन्हें वहां के लोगों से मिले प्यार और सम्मान को उन्होंने आज भी याद रखा है।
उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड के लोगों का स्नेह और अपनापन हमेशा उनके लिए विशेष रहेगा।
6 से 11 जुलाई तक तीन देशों की यात्रा पर थे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 जुलाई से 11 जुलाई तक तीन देशों की यात्रा पर थे। न्यूजीलैंड उनकी यात्रा का अंतिम पड़ाव था।
इस दौरे के दौरान उन्होंने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय बैठक की और दोनों देशों के उद्योगपतियों से भी मुलाकात की।
पीएम मोदी अब अपनी यात्रा पूरी कर भारत के लिए रवाना होंगे।
news desk MPcg