खान सर को पटना कोर्ट से बड़ी राहत: कोचिंग विवाद मामले में मिली अग्रिम जमानत, दो गार्ड और तीन स्टाफ को भी जमानत
बिहार की राजधानी पटना में चर्चित कोचिंग विवाद मामले में खान ग्लोबल स्टडीज के संस्थापक एवं निदेशक फैजल खान उर्फ खान सर को बड़ी कानूनी राहत मिली है। पटना सिविल कोर्ट ने सोमवार को उनकी अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें गिरफ्तारी से संरक्षण प्रदान किया। इसी मामले में अदालत ने खान सर के तीन अन्य स्टाफ सदस्यों को भी अग्रिम जमानत दी, जबकि पहले से न्यायिक हिरासत में बंद दो सुरक्षा गार्डों को नियमित जमानत दे दी गई।
यह मामला 2 जून 2026 की रात पटना के मुसल्लहपुर हाट क्षेत्र में हुए कथित मारपीट और फायरिंग की घटना से जुड़ा है, जिसने राज्य के कोचिंग संस्थानों के बीच प्रतिस्पर्धा और विवाद को लेकर व्यापक चर्चा बटोरी थी।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, 2 जून 2026 की रात मुसल्लहपुर इलाके में दो कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोगों के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के दौरान मारपीट, हंगामा और फायरिंग जैसी घटनाएं हुईं। घटना के बाद स्थानीय थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
शुरुआती जांच के दौरान ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद और उनके दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया था। बाद में उन्हें अदालत से जमानत मिल गई। जांच आगे बढ़ने पर खान ग्लोबल स्टडीज से जुड़े दो सुरक्षा गार्डों प्रदीप कुमार और तालेबर सिंह को भी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
वीडियो सामने आने के बाद एफआईआर में जुड़ा खान सर का नाम
जांच के दौरान एक कथित वीडियो सामने आया, जिसके आधार पर पुलिस ने फैजल खान उर्फ खान सर का नाम भी एफआईआर में शामिल किया। आरोप लगाया गया कि उनके सुरक्षा गार्डों द्वारा फायरिंग की गई थी और इस मामले में उनकी भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए।
हालांकि, खान सर ने इन आरोपों से राहत पाने के लिए अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने पहले उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई थी।
पटना सिविल कोर्ट का फैसला
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पटना सिविल कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। सोमवार को अदालत ने अपना आदेश सुनाते हुए:
फैजल खान उर्फ खान सर की अग्रिम जमानत मंजूर कर ली।
उनके तीन अन्य स्टाफ सदस्यों को भी अग्रिम जमानत दे दी।
न्यायिक हिरासत में बंद दोनों सुरक्षा गार्डों को नियमित जमानत प्रदान कर दी।
इस फैसले के बाद खान सर और उनके सहयोगियों को मामले में महत्वपूर्ण कानूनी राहत मिली है। हालांकि, जमानत मिलने का अर्थ आरोपों से बरी होना नहीं है। मामले की पुलिस जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी।
पुलिस जांच जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की विवेचना अभी पूरी नहीं हुई है। जांच के दौरान एकत्र किए गए वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कथित फायरिंग में इस्तेमाल किए गए हथियारों की वैधता और उपयोग की परिस्थितियां क्या थीं।
अग्रिम जमानत का क्या मतलब है?
अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) वह कानूनी राहत है, जिसमें किसी व्यक्ति को गिरफ्तारी की आशंका होने पर अदालत से पहले ही संरक्षण मिल जाता है। यदि जांच के दौरान गिरफ्तारी की स्थिति बनती है, तो अदालत के आदेश के अनुसार संबंधित व्यक्ति को निर्धारित शर्तों के साथ जमानत का लाभ मिलता है। इससे जांच प्रक्रिया प्रभावित नहीं होती और आरोपी को कानून के अनुसार जांच में सहयोग करना होता है।
मामले का वर्तमान स्थिति
पटना सिविल कोर्ट के ताजा आदेश के बाद खान सर, उनके तीन स्टाफ सदस्य और दोनों सुरक्षा गार्डों को राहत मिल गई है। हालांकि, अदालत का यह आदेश केवल जमानत से संबंधित है। मामले में दर्ज आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्णय ट्रायल और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा। पुलिस जांच अभी जारी है और अदालत के समक्ष आगे भी इस मामले की सुनवाई होती रहेगी।
news desk MPcg