उज्जैन के बड़नगर में प्लास्टिक गोदाम में भीषण आग: 10 घंटे बाद भी नहीं बुझी लपटें, 18 से ज्यादा दमकल वाहन तैनात; करोड़ों के नुकसान की आशंका

उज्जैन के बड़नगर में प्लास्टिक गोदाम में भीषण आग: 10 घंटे बाद भी नहीं बुझी लपटें, 18 से ज्यादा दमकल वाहन तैनात; करोड़ों के नुकसान की आशंका

मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के बड़नगर में सोमवार को एक बड़ा अग्निकांड सामने आया है। यहां बारदान और प्लास्टिक सामग्री से भरे एक गोदाम में भीषण आग लग गई, जिसने कुछ ही समय में पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी विकराल थी कि घटना के करीब 10 घंटे बाद भी उस पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं पाया जा सका।

आग बुझाने के लिए बड़नगर, उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों से दमकल की टीमें लगातार मौके पर तैनात हैं। अब तक 18 से अधिक दमकल वाहन आग पर काबू पाने के प्रयास में लगाए जा चुके हैं। प्लास्टिक और अन्य ज्वलनशील सामग्री की अधिक मात्रा होने के कारण आग लगातार भड़कती रही और राहत कार्य में काफी मुश्किलें आईं।

उज्जैन रेलवे क्रॉसिंग के पास स्थित गोदाम में लगी आग

जानकारी के अनुसार, यह घटना उज्जैन रेलवे क्रॉसिंग के पास स्थित विक्रम ट्रेडिंग कंपनी के गोदाम की है। गोदाम में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक सामग्री, बारदान और अन्य सामान रखा हुआ था।

गोदाम संचालक नरपत सिंह के मुताबिक, रविवार-सोमवार की दरमियानी रात करीब 12 बजे गोदाम में आग लगी। रात का समय होने के कारण शुरुआत में आग की जानकारी नहीं मिल सकी। करीब दो घंटे बाद जब आग का पता चला, तब तक आग काफी तेजी से फैल चुकी थी और गोदाम का बड़ा हिस्सा इसकी चपेट में आ चुका था।

इसके बाद तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी गई।

सूचना मिलने में देरी से बढ़ी आग की भयावहता

बताया जा रहा है कि आग लगने के बाद शुरुआती समय में इसकी जानकारी नहीं मिल पाई, जिसके कारण आग ने विकराल रूप ले लिया।

जब तक दमकल की टीम मौके पर पहुंची, तब तक गोदाम के अंदर रखा प्लास्टिक और बारदान पूरी तरह आग पकड़ चुका था। प्लास्टिक जैसी सामग्री में आग तेजी से फैलती है और लंबे समय तक जलती रहती है, जिससे दमकल कर्मियों को आग बुझाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

18 से ज्यादा दमकल वाहन आग बुझाने में जुटे

आग की गंभीरता को देखते हुए बड़नगर नगर पालिका और उज्जैन से दमकल वाहनों को बुलाया गया। इसके अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी फायर ब्रिगेड की मदद ली गई।

अब तक—

18 से अधिक दमकल वाहन मौके पर पहुंच चुके हैं।
कई दमकलकर्मी लगातार आग बुझाने में लगे हुए हैं।
पानी के टैंकरों और अन्य संसाधनों की मदद ली जा रही है।

दमकल विभाग की टीमें अलग-अलग हिस्सों से पानी डालकर आग को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही हैं।

करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान

गोदाम संचालक नरपत सिंह के अनुसार, आग के कारण अब तक एक करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।

हालांकि, अभी आग पूरी तरह बुझी नहीं है, इसलिए नुकसान का सही आकलन करना संभव नहीं है। आग शांत होने के बाद गोदाम में रखे सामान, मशीनरी और अन्य सामग्री की जांच के बाद वास्तविक नुकसान सामने आएगा।

गोदाम की दीवारें हुई कमजोर, गिराने की तैयारी

लगातार कई घंटों तक आग और तेज गर्मी के कारण गोदाम की संरचना को भी नुकसान पहुंचा है। गोदाम की कुछ दीवारें कमजोर हो गई हैं, जिससे हादसे का खतरा बना हुआ है।

प्रशासन और दमकल विभाग द्वारा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कमजोर हिस्सों को गिराने की तैयारी की जा रही है, ताकि राहत और बचाव कार्य को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।

शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका

प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अधिकारियों ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। जांच में यह देखा जाएगा कि—

बिजली व्यवस्था में कोई तकनीकी खराबी थी या नहीं।
गोदाम में अग्नि सुरक्षा के इंतजाम मौजूद थे या नहीं।
सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
आग लगने के पीछे कोई अन्य कारण तो नहीं था।
आसपास के क्षेत्र में फैला धुआं, लोगों में दहशत

भीषण आग के कारण आसपास के इलाके में धुएं का गुबार फैल गया। आग की ऊंची लपटें देखकर आसपास रहने वाले लोगों में भी चिंता का माहौल बन गया।

स्थानीय प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी और आसपास के लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। अभी तक किसी व्यक्ति के घायल होने या जनहानि की सूचना सामने नहीं आई है।

प्लास्टिक सामग्री बनी आग बुझाने में सबसे बड़ी चुनौती

दमकल अधिकारियों के अनुसार, प्लास्टिक और बारदान जैसी सामग्री में आग लगने के बाद उसे नियंत्रित करना बेहद मुश्किल होता है।

प्लास्टिक जलने पर—

आग तेजी से फैलती है।
लंबे समय तक धुआं निकलता रहता है।
अंदर छिपी आग को पूरी तरह बुझाने में अधिक समय लगता है।

इसी कारण कई घंटों के प्रयास के बाद भी आग पूरी तरह शांत नहीं हो सकी।

अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना के बाद शहर और औद्योगिक क्षेत्रों में मौजूद गोदामों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि ज्वलनशील सामग्री रखने वाले गोदामों में—

फायर एक्सटिंग्विशर,
आपातकालीन निकास,
बिजली वायरिंग की नियमित जांच,
आग बुझाने के पर्याप्त साधन

का होना जरूरी है।

प्रशासन अब यह भी जांच कर सकता है कि गोदाम में सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

प्रशासन और दमकल विभाग की कार्रवाई जारी

फिलहाल दमकल विभाग की टीमें आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने के लिए लगातार काम कर रही हैं। प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।

आग बुझने के बाद ही घटनास्थल की विस्तृत जांच की जाएगी और नुकसान का आकलन किया जाएगा।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, लेकिन अंतिम रिपोर्ट जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।