मुरैना में दर्दनाक सड़क हादसा: पत्थरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने ऑटो को मारी टक्कर, तीन श्रद्धालुओं की मौत; छह घायल, तीन की हालत गंभीर
मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि छह लोग घायल हो गए। हादसा माता बसैया थाना क्षेत्र के जीगनी (पाराशर की तिवारिया) के पास हुआ, जहां कथित रूप से पत्थरों से भरी तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने श्रद्धालुओं से भरे ऑटो रिक्शा को सामने से जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो के परखच्चे उड़ गए और ट्रैक्टर-ट्रॉली भी सड़क पर पलट गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे श्रद्धालु
पुलिस के अनुसार, हादसे का शिकार हुआ ऑटो रिक्शा श्रद्धालुओं को लेकर जा रहा था। बताया गया कि बानमोर क्षेत्र का एक राठौर परिवार ऑटो में सवार होकर हुराई भूमिया मंदिर दर्शन के लिए जा रहा था।
ऑटो में कुल आठ लोग सवार थे। रास्ते में जीगनी गांव के पास सामने से आ रही पत्थरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने ऑटो को टक्कर मार दी।
टक्कर के बाद ऑटो में बैठे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
मौके पर तीन लोगों की मौत
हादसे में तीन लोगों की जान चली गई। मृतकों में एक महिला और ऑटो चालक शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान—
मनोरमा (45 वर्ष), पत्नी राजेंद्र राठौर, निवासी विजयपुरा बानमोर
ऑटो चालक
एक अन्य यात्री
के रूप में की गई है।
सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोट लगने के कारण कुछ लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
पत्थरों के नीचे दबे यात्री
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई और उसमें भरे पत्थर सड़क पर फैल गए। हादसे के दौरान कुछ यात्री पत्थरों के नीचे दब गए थे।
स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद घायलों को बाहर निकाला गया और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
घायलों में तीन साल की बच्ची भी शामिल
हादसे में छह लोग घायल हुए हैं। इनमें एक तीन साल की मासूम बच्ची भी शामिल है।
घायलों को उपचार के लिए मुरैना जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, घायलों में से तीन की हालत गंभीर बनी हुई है। गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए रेफर करने की तैयारी भी की जा सकती है।
अवैध पत्थर परिवहन पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद जिले में अवैध उत्खनन और पत्थरों के परिवहन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि तेज रफ्तार में चलने वाली भारी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां अक्सर हादसों का कारण बनती हैं। खासकर पत्थर और खनिज सामग्री ले जाने वाले वाहनों की लापरवाही से सड़क सुरक्षा को खतरा पैदा होता है।
हालांकि पुलिस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली में लदा पत्थर वैध था या अवैध। मामले की जांच के बाद ही इसकी स्थिति स्पष्ट होगी।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही माता बसैया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए—
ट्रैक्टर चालक की भूमिका,
वाहन की गति,
सड़क की स्थिति,
ट्रैक्टर-ट्रॉली के दस्तावेज,
पत्थर परिवहन की अनुमति
जैसे पहलुओं की जांच की जा रही है।
परिवारों में पसरा मातम
हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिवारों में मातम छा गया। मंदिर दर्शन के लिए निकले परिवार को रास्ते में हुए इस हादसे ने गहरा सदमा दिया है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए अवैध खनन और ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठा बड़ा सवाल
मुरैना और आसपास के क्षेत्रों में भारी वाहनों से होने वाले हादसे पहले भी सामने आते रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ओवरलोडिंग, तेज गति और नियमों की अनदेखी सड़क दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बनती है।
प्रशासन के सामने चुनौती है कि ऐसे वाहनों की नियमित जांच की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
news desk MPcg