MP कैबिनेट का किसानों को बड़ा तोहफा, शून्य प्रतिशत ब्याज पर फसल ऋण योजना की नई व्यवस्था को मंजूरी
मध्य प्रदेश में किसानों को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है। बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण उपलब्ध कराने की योजना की नई शर्तों को मंजूरी दी गई।
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, अब किसानों को खरीफ और रबी फसलों के लिए अलग-अलग देय तिथि की व्यवस्था से राहत मिलेगी। सरकार ने वार्षिक एकल ऋण सीमा की व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है। इसके तहत किसानों को एक तय वार्षिक ऋण सीमा के आधार पर फसल ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
नई व्यवस्था में किसानों के लिए नगद ऋण और वस्तु ऋण की अलग-अलग उप-सीमा निर्धारित की जाएगी। किसान अपनी जरूरत के अनुसार स्वीकृत ऋण सीमा का उपयोग कर सकेंगे। योजना के तहत पहली बार ऋण लेने की तारीख से 12 महीने की अवधि तक ऋण सुविधा उपलब्ध रहेगी।
सरकार के फैसले के मुताबिक, जो किसान समय पर अपना ऋण चुकाएंगे, उन्हें अतिरिक्त ब्याज अनुदान और प्रोत्साहन का लाभ भी मिलेगा। इससे किसानों को आर्थिक रूप से मजबूती मिलेगी और खेती से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिलेगी।
कैबिनेट के इस फैसले का उद्देश्य किसानों को आसान और सुलभ तरीके से फसल ऋण उपलब्ध कराना है। सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था से ऋण प्रक्रिया को सरल बनाया जा सकेगा और किसानों को खेती के समय जरूरी आर्थिक सहायता समय पर मिल पाएगी।
मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में किसान फसल उत्पादन के लिए ऋण पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण सुविधा किसानों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सरकार की ओर से समय पर भुगतान करने वाले किसानों को प्रोत्साहन देने की व्यवस्था भी जारी रखी गई है।
कैबिनेट के इस निर्णय के बाद किसानों को फसल से जुड़ी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है। नई व्यवस्था के जरिए सरकार ने कृषि क्षेत्र को मजबूत करने और किसानों को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
news desk MPcg