NEET-UG री-एग्जाम: नागपुर के छात्र को अबू धाबी सेंटर मिलने पर NTA की सफाई, कहा- उम्मीदवार के लॉगिन से बदला गया था शहर
NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा से ठीक पहले नागपुर के एक उम्मीदवार को परीक्षा केंद्र के रूप में अबू धाबी (UAE) आवंटित किए जाने का मामला चर्चा में आ गया। सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर सवाल उठने के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने शनिवार को विस्तृत स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि उपलब्ध डिजिटल रिकॉर्ड के अनुसार परीक्षा शहर में बदलाव उम्मीदवार के अपने रजिस्टर्ड लॉगिन के माध्यम से करेक्शन विंडो के दौरान किया गया था।
मामला नागपुर के अभ्यर्थी अब्दुल्ला मोहम्मद तालिब से जुड़ा है। उनके एडमिट कार्ड में 21 जून को होने वाली NEET-UG री-एग्जाम का परीक्षा केंद्र अबू धाबी दिखाया गया था। इसके बाद छात्र और उसके परिवार ने दावा किया कि आवेदन के दौरान उन्होंने नागपुर, वर्धा और भंडारा को अपनी पसंदीदा परीक्षा शहर के रूप में चुना था और विदेशी केंद्र का चयन कभी नहीं किया।
विवाद बढ़ने के बाद NTA ने बयान जारी कर कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद दोबारा परीक्षा के लिए उम्मीदवारों को सुविधा देने के उद्देश्य से परीक्षा शहर करेक्शन विंडो दोबारा खोली गई थी, ताकि अभ्यर्थी अपनी पसंद के अनुसार शहर बदल सकें। एजेंसी के अनुसार इस विंडो का उपयोग करीब 3.2 लाख उम्मीदवारों ने किया और 99.5 प्रतिशत से अधिक उम्मीदवारों को उनकी पसंद का परीक्षा शहर आवंटित किया गया।
NTA ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि उसके वेब एक्टिविटी रिकॉर्ड बताते हैं कि संबंधित उम्मीदवार के खाते से करेक्शन विंडो के दौरान परीक्षा शहर को अबू धाबी में बदला गया था। एजेंसी के अनुसार एक ही यूजर लॉगिन से लगातार गतिविधियां दर्ज हुईं, जिनमें एक बार शहर बदलना और दो बार अबू धाबी सेंटर का प्रीव्यू देखना शामिल था।
हालांकि एजेंसी ने यह भी स्वीकार किया कि परीक्षा से ठीक 48 घंटे पहले, यानी 19 जून की शाम, उम्मीदवार की ओर से अनौपचारिक रूप से परीक्षा केंद्र बदलकर नागपुर करने का अनुरोध प्राप्त हुआ। NTA ने उम्मीदवार के हित को प्राथमिकता देते हुए इस अनुरोध को स्वीकार किया और उसका परीक्षा केंद्र नागपुर में स्थानांतरित कर दिया, ताकि वह परीक्षा से वंचित न रह जाए।
एजेंसी ने अपने बयान में कहा कि उसका उद्देश्य किसी भी अभ्यर्थी का भविष्य प्रभावित होने से बचाना है और प्रशासनिक या तकनीकी विवादों के कारण किसी उम्मीदवार की परीक्षा नहीं छूटनी चाहिए। इसी कारण समय सीमा बेहद कम होने के बावजूद केंद्र बदलने की कार्रवाई की गई।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद परीक्षा केंद्र आवंटन प्रक्रिया, करेक्शन विंडो की सुरक्षा और उम्मीदवारों के लॉगिन की सुरक्षा को लेकर भी बहस शुरू हो गई है। वहीं NTA का कहना है कि उपलब्ध तकनीकी रिकॉर्ड उसके पक्ष को स्पष्ट करते हैं और एजेंसी ने उम्मीदवार के हित में समय रहते आवश्यक सुधार भी किया।
news desk MPcg