भोपाल के ESI अस्पताल में मजदूरों का हल्ला बोल, इलाज और दवाओं की बदहाल व्यवस्था के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन

भोपाल के ESI अस्पताल में मजदूरों का हल्ला बोल, इलाज और दवाओं की बदहाल व्यवस्था के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन

राजधानी भोपाल के सोनागिरी स्थित कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) अस्पताल में शनिवार को स्वास्थ्य सेवाओं की खराब व्यवस्था के विरोध में मजदूरों और भेल के ठेका कर्मचारियों ने बड़ा प्रदर्शन किया। अस्पताल परिसर में जुटे सैकड़ों श्रमिकों ने बेहतर इलाज, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और रेफरल व्यवस्था को सुचारु करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदर्शनकारी मजदूरों का आरोप है कि अस्पताल में लंबे समय से बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है, कई जरूरी दवाएं उपलब्ध नहीं रहतीं और गंभीर मरीजों को बड़े अस्पतालों में रेफर करने की प्रक्रिया भी प्रभावित हो चुकी है। उनका कहना है कि इन कमियों का सबसे अधिक असर श्रमिक परिवारों पर पड़ रहा है, जो पूरी तरह ESI अस्पताल पर निर्भर हैं।

मजदूरों ने बताया कि वे हर महीने अपनी आय का हिस्सा ESI योजना में जमा करते हैं ताकि जरूरत पड़ने पर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा मिल सके, लेकिन अस्पताल की मौजूदा स्थिति उनकी उम्मीदों के विपरीत है। डॉक्टरों और कर्मचारियों की कमी के कारण मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है और कई बार जांच व उपचार में देरी होती है। मजबूरी में लोगों को निजी अस्पतालों और मेडिकल स्टोर का सहारा लेना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।

प्रदर्शन के दौरान दवाओं की कमी भी प्रमुख मुद्दा रही। श्रमिकों का कहना है कि डॉक्टर द्वारा लिखी गई कई आवश्यक दवाएं अस्पताल में उपलब्ध नहीं होतीं, जिसके कारण उन्हें बाहर से महंगी कीमत पर दवाएं खरीदनी पड़ती हैं। इसके अलावा गंभीर मरीजों को समय पर रेफर नहीं किए जाने से उनकी जान तक खतरे में पड़ सकती है।

यह प्रदर्शन मजदूर नेता दीपक गुप्ता के नेतृत्व में आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि अस्पताल की समस्याओं को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस सुधार नहीं हुआ। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन में विभिन्न मजदूर संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया।

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों और स्टाफ की पर्याप्त नियुक्ति, सभी आवश्यक दवाओं की नियमित उपलब्धता, जांच सुविधाओं का विस्तार और गंभीर मरीजों के लिए रेफरल व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से सुचारु करना शामिल है। मजदूरों ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं उनका अधिकार हैं और जब तक अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं होगा, उनका संघर्ष जारी रहेगा।