गोवा में दर्दनाक हादसा: दोस्तों की चेतावनी अनसुनी कर चट्टानों पर बैठा पर्यटक, तेज लहरों में बहने से मौत
गोवा के प्रसिद्ध बागा बीच पर एक दर्दनाक हादसे में कर्नाटक के बीजापुर निवासी 34 वर्षीय पर्यटक अशफाक मसली की समुद्र में डूबने से मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अशफाक ने शराब के नशे में सुरक्षा नियमों और दोस्तों की चेतावनियों को नजरअंदाज करते हुए समुद्र किनारे खतरनाक चट्टानों पर बैठने का जोखिम उठाया, जिसके बाद एक विशाल लहर उन्हें समुद्र में बहाकर ले गई।
वीडियो बनाते समय हुआ हादसा
पुलिस के अनुसार अशफाक मसली अपनी महिला मित्र के साथ छुट्टियां मनाने गोवा पहुंचे थे। दोनों ने दिनभर बागा बीच पर समय बिताया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अशफाक शराब के नशे में थे और बार-बार समुद्र के बेहद करीब स्थित चट्टानों पर जाने की कोशिश कर रहे थे।
घटना के समय उनकी महिला मित्र उनका वीडियो बना रही थी। वीडियो में अशफाक समुद्र की लहरों के बीच चट्टानों पर बैठे दिखाई देते हैं। इसी दौरान अचानक एक शक्तिशाली लहर आई और उन्हें संतुलन खोने पर मजबूर कर दिया। कुछ ही सेकंड में लहर उन्हें गहरे समुद्र में खींच ले गई।
दोस्तों ने रोका, लेकिन नहीं माने
महिला मित्र ने बताया कि उसने अशफाक को कई बार चेतावनी दी थी कि वह चट्टानों के पास न जाएं। उसने कहा कि समुद्र में उस समय लहरें बेहद ऊंची और खतरनाक थीं, लेकिन अशफाक ने किसी की बात नहीं सुनी।
स्थानीय पुलिसकर्मियों के अनुसार, दोस्तों ने भी उन्हें चट्टानों पर बैठने से मना किया था। इसके बावजूद वह समुद्र के बीच उभरी चट्टानों तक पहुंच गए और वहीं बैठ गए, जहां लगातार ऊंची लहरें टकरा रही थीं।
बचाव की कोशिशें नाकाम
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि लहरों में बहने के बाद अशफाक कुछ मिनट तक पानी में संघर्ष करते दिखाई दिए। आसपास मौजूद लोगों और मित्रों ने शोर मचाकर मदद की गुहार लगाई। सूचना मिलते ही बचाव दल सक्रिय हुआ, लेकिन समुद्र की तेज धाराओं और खराब मौसम के कारण उन्हें सुरक्षित बाहर नहीं निकाला जा सका।
कुछ समय बाद उनका शव समुद्र तट के पास बरामद किया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मानसून के दौरान पहले से जारी थी चेतावनी
गोवा सरकार द्वारा अधिकृत समुद्री सुरक्षा एजेंसी दृष्टि मरीन ने मानसून सीजन शुरू होने के साथ ही पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की थी। इसमें समुद्र के अंदर जाने, चट्टानों पर चढ़ने और ऊंची लहरों के दौरान समुद्र तट के नजदीक जाने से बचने की सलाह दी गई थी।
अधिकारियों ने बताया कि मानसून के दौरान चट्टानी क्षेत्र अत्यधिक फिसलन भरे हो जाते हैं और समुद्र में अचानक उठने वाली ऊंची लहरें लोगों को बहा सकती हैं। इसी खतरे को देखते हुए गोवा के अधिकांश समुद्र तटों पर लाल झंडे लगाए गए हैं।
वाटर स्पोर्ट्स और समुद्र में उतरने पर प्रतिबंध
राज्य प्रशासन ने खराब मौसम और समुद्री परिस्थितियों को देखते हुए मानसून अवधि में समुद्र में तैराकी, वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों और मछली पकड़ने पर प्रतिबंध लगा रखा है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार पर्यटकों से चेतावनियों का पालन करने की अपील कर रही हैं।
यह हादसा एक बार फिर साबित करता है कि समुद्र तटों पर सुरक्षा निर्देशों की अनदेखी जानलेवा साबित हो सकती है। प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि मानसून के दौरान किसी भी तरह का जोखिम न उठाएं और केवल लाइफगार्ड व सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करें।
news desk MPcg