ENG vs IND: इंग्लैंड के खिलाफ भारत की ऐतिहासिक हार के बाद गौतम गंभीर के फैसले पर उठे सवाल, दिनेश कार्तिक ने बल्लेबाजी क्रम पर जताई कड़ी नाराजगी

ENG vs IND: इंग्लैंड के खिलाफ भारत की ऐतिहासिक हार के बाद गौतम गंभीर के फैसले पर उठे सवाल, दिनेश कार्तिक ने बल्लेबाजी क्रम पर जताई कड़ी नाराजगी

इंग्लैंड के खिलाफ टी20 श्रृंखला में भारतीय टीम को करारी हार का सामना करना पड़ा है। ट्रेंट ब्रिज में खेले गए मुकाबले में भारत 202 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए केवल 76 रन पर सिमट गया और 125 रन से मैच गंवा बैठा। यह हार भारतीय पुरुष टी20 टीम की सबसे बड़े अंतर (रनों के लिहाज से) वाली हारों में दर्ज की गई। इस प्रदर्शन के बाद टीम इंडिया की रणनीति और बल्लेबाजी क्रम को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

मैच के बाद भारत के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज दिनेश कार्तिक ने टीम मैनेजमेंट, खासकर मुख्य कोच गौतम गंभीर के एक फैसले पर खुलकर नाराजगी जताई। उन्होंने लाइव कमेंट्री के दौरान बल्लेबाजी क्रम में किए गए बदलाव पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह फैसला समझ से परे था।

बल्लेबाजी क्रम पर विवाद, हर्षित राणा को भेजने पर उठे सवाल

भारतीय पारी के दौरान जब टीम शुरुआती झटकों से जूझ रही थी, तब टीम मैनेजमेंट ने ऑलराउंडर शिवम दुबे से पहले तेज गेंदबाज हर्षित राणा को बल्लेबाजी के लिए भेज दिया।

उस समय भारत ने केवल 52 रन पर 5 विकेट गंवा दिए थे और टीम को पारी संभालने की जरूरत थी। ऐसे में बल्लेबाजी क्षमता रखने वाले शिवम दुबे की जगह निचले क्रम के बल्लेबाज हर्षित राणा को भेजने का फैसला कई क्रिकेट विशेषज्ञों को हैरान कर गया।

दिनेश कार्तिक ने कमेंट्री के दौरान प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे समय में यह फैसला समझ से बाहर है। उनका मानना था कि टीम को अनुभवी बल्लेबाज की जरूरत थी, न कि एक ऐसे खिलाड़ी की जो मुख्य रूप से गेंदबाज है।

हालांकि हर्षित राणा टीम मैनेजमेंट की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके और 4 गेंदों पर केवल 2 रन बनाकर आउट हो गए। उन्हें इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जॉश टंग ने पवेलियन भेजा।

इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बनाया मजबूत स्कोर

मुकाबले में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 201 रन बनाए।

इंग्लैंड की ओर से सलामी बल्लेबाज फिल सॉल्ट ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 44 गेंदों में 70 रन बनाए। उनकी आक्रामक पारी ने इंग्लैंड को मजबूत शुरुआत दिलाई। मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने भी उपयोगी योगदान दिया, जिसके चलते मेजबान टीम 200 रन का आंकड़ा पार करने में सफल रही।

भारतीय गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में कुछ विकेट जरूर निकाले, लेकिन इंग्लैंड की रन गति को पूरी तरह रोकने में सफल नहीं हो सके।

लक्ष्य का पीछा करते हुए पूरी तरह बिखरी भारतीय बल्लेबाजी

202 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। शुरुआती ओवरों में लगातार विकेट गिरने से टीम दबाव में आ गई।

भारत के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज बड़ी साझेदारी बनाने में नाकाम रहे। विकेटों का सिलसिला लगातार जारी रहा और पूरी टीम 11.4 ओवर में 76 रन पर ऑलआउट हो गई।

भारतीय बल्लेबाज इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों और अनुशासित गेंदबाजी आक्रमण के सामने टिक नहीं सके। टीम का कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल पाया।

लगातार खराब प्रदर्शन पर बढ़ी चिंता

हालिया मुकाबलों में भारतीय टीम का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा है। बल्लेबाजी क्रम में लगातार बदलाव, मध्यक्रम की अस्थिरता और दबाव की परिस्थितियों में खराब प्रदर्शन ने टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर सवाल खड़े किए हैं।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय बल्लेबाजी क्रम में बार-बार बदलाव खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और स्पष्ट भूमिका पर असर डाल सकता है।

गौतम गंभीर की रणनीति पर चर्चा तेज

मुख्य कोच गौतम गंभीर के कार्यकाल में टीम नए खिलाड़ियों को अवसर देने और विभिन्न संयोजनों को आजमाने की रणनीति अपनाती दिख रही है। हालांकि इंग्लैंड के खिलाफ इस मुकाबले के बाद बल्लेबाजी क्रम में किए गए प्रयोग को लेकर बहस तेज हो गई है।

दिनेश कार्तिक की टिप्पणी को इसी संदर्भ में देखा जा रहा है। उन्होंने केवल बल्लेबाजी क्रम पर सवाल उठाए और यह संकेत दिया कि कठिन परिस्थितियों में अधिक अनुभवी बल्लेबाजों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए थी।

अब चौथे टी20 पर होगी नजर

श्रृंखला में पिछड़ने के बाद अब भारतीय टीम की नजर अगले मुकाबले पर होगी। दोनों टीमों के बीच चौथा टी20 मुकाबला 9 जुलाई को ब्रिस्टल में खेला जाएगा।

भारतीय टीम के लिए यह मैच बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि टीम को श्रृंखला में वापसी करनी है, तो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा। साथ ही टीम चयन और बल्लेबाजी क्रम को लेकर भी रणनीतिक फैसले अहम भूमिका निभाएंगे।

क्रिकेट प्रशंसकों की निगाहें अब इस बात पर रहेंगी कि टीम मैनेजमेंट अगले मुकाबले में किस संयोजन के साथ उतरता है और क्या भारत इस हार से सबक लेकर मजबूत वापसी कर पाता है।