देशभर में मानसून का कहर: उत्तराखंड-हिमाचल में भूस्खलन, यूपी-गुजरात में जनजीवन अस्त-व्यस्त, चारधाम यात्रा प्रभावित
देशभर में सक्रिय दक्षिण-पश्चिम मानसून ने उत्तर भारत से लेकर पश्चिमी भारत तक व्यापक तबाही मचा दी है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में बाढ़, भूस्खलन, मकान ढहने, सड़कें बंद होने और यातायात बाधित होने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। कई राज्यों में जनहानि की भी खबर है, जबकि हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
पूरे देश में फैल चुका है मानसून
आईएमडी के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरे भारत को कवर कर चुका है। उत्तर प्रदेश और आसपास बने सशक्त निम्न दबाव क्षेत्र (Well Marked Low Pressure Area) के कारण उत्तर भारत में भारी वर्षा का दौर जारी है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
उत्तराखंड सबसे अधिक प्रभावित, चारधाम यात्रा पर असर
उत्तराखंड इस समय सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में शामिल है। लगातार बारिश के चलते उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी, पौड़ी और अन्य पर्वतीय जिलों में जगह-जगह भूस्खलन हुआ है। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग समेत कई प्रमुख सड़कें मलबा आने से बंद हो गई हैं।
राज्य में 100 से अधिक संपर्क मार्ग बाधित बताए जा रहे हैं, जिससे चारधाम यात्रा प्रभावित हुई है। प्रशासन लगातार जेसीबी मशीनों की मदद से सड़कें खोलने में जुटा है, लेकिन लगातार बारिश राहत कार्यों में बाधा बन रही है।
मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, नैनीताल समेत कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। एहतियात के तौर पर कई जिलों में कक्षा 12 तक के सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।
हिमाचल प्रदेश में फ्लैश फ्लड, 75 सड़कें बंद
हिमाचल प्रदेश में भी मानसून का असर बेहद गंभीर है। किन्नौर जिले में अचानक आई बाढ़ ने लगभग 100 फुट लंबे लोहे के पुल को पानी में डुबो दिया, जिससे कई गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट गया।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार भूस्खलन, मलबा और पेड़ गिरने के कारण करीब 75 सड़कें बंद हैं। कई इलाकों में बिजली और पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों और पहाड़ी ढलानों से दूर रहने की सलाह दी है।
उत्तर प्रदेश में बारिश और आकाशीय बिजली का कहर
उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश और वज्रपात के कारण हालात चिंताजनक बने हुए हैं। विभिन्न जिलों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 19 लोगों की मौत की सूचना है।
गाजियाबाद के इंदिरापुरम में बारिश के दौरान ट्रांसफार्मर में करंट उतरने से एक सुरक्षा कर्मी की मौत हो गई। बुलंदशहर में मकान की दीवार गिरने से एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई। गाजियाबाद में जलभराव के कारण अलग-अलग हादसों में दो बच्चों की मौत हुई, जबकि पूर्वांचल के कई जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से भी कई लोगों की जान गई।
आईएमडी ने राज्य के कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है तथा कुछ जिलों में स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली-एनसीआर में जलभराव और ट्रैफिक जाम
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में लगातार बारिश के कारण सड़कों पर व्यापक जलभराव देखने को मिला। कई प्रमुख मार्गों पर घंटों लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहा। निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई।
सफदरजंग मौसम केंद्र ने पिछले 30 घंटों में 100 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार के बाद वर्षा की तीव्रता कुछ कम हो सकती है, हालांकि स्थानीय स्तर पर बारिश जारी रहने की संभावना बनी हुई है।
गुजरात में बाढ़ जैसे हालात, हजारों लोगों का रेस्क्यू
गुजरात में लगातार बारिश के चलते कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। सूरत समेत कई शहरों में जलभराव और नदी-नालों के उफान के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
बारिश से जुड़ी घटनाओं में नौ लोगों की मौत की सूचना है। प्रशासन ने निचले इलाकों से लगभग 3,900 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। राहत एवं बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं।
राजस्थान में मकान ढहे, रेल सेवाएं प्रभावित
राजस्थान में भी भारी बारिश ने नुकसान पहुंचाया है। धौलपुर में मकान ढहने से कई लोग मलबे में दब गए, जबकि अजमेर जिले के किशनगढ़ क्षेत्र में भी कच्चा मकान गिरने की घटना सामने आई।
बारिश के कारण रेलवे परिचालन भी प्रभावित हुआ है। कई ट्रेनों को रद्द किया गया है जबकि अनेक ट्रेनें देरी से चल रही हैं।
महाराष्ट्र में बाढ़ और बचाव अभियान जारी
महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में बाढ़ के दौरान एचपीसीएल के बॉटलिंग प्लांट से हजारों गैस सिलेंडर पातालगंगा नदी में बह गए। पुणे में इमारत गिरने की घटना के बाद राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) लगातार राहत एवं बचाव अभियान चला रहा है। मुंबई में भी भारी बारिश के कारण लोकल ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं तथा कई इलाकों में जलभराव दर्ज किया गया।
मध्य प्रदेश में बारिश की रफ्तार होगी धीमी
जहां देश के अधिकांश हिस्सों में भारी वर्षा जारी है, वहीं मध्य प्रदेश में अगले तीन से चार दिनों तक मानसूनी गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून ट्रफ उत्तर प्रदेश की ओर खिसकने के कारण प्रदेश में वर्षा की तीव्रता कम होगी। फिलहाल पन्ना और सतना जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि भोपाल सहित अधिकांश जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन और मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में जाने से पहले स्थानीय प्रशासन और मौसम संबंधी ताजा अपडेट अवश्य लें। चारधाम यात्रा, पहाड़ी पर्यटन स्थलों तथा नदी किनारे रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। राहत एवं बचाव दल सभी प्रभावित राज्यों में लगातार निगरानी और सहायता कार्यों में जुटे हुए हैं।
news desk MPcg