उन्नाव में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का भाजपा सरकार पर तीखा हमला, बोले- "जो गो माता को काटेगा उसका विनाश होगा"; गौ संरक्षण को लेकर उठाई कई मांगें
ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के उन्नाव दौरे के दौरान गौ संरक्षण और गोमांस व्यापार के मुद्दे पर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान गौ रक्षा के जो वादे किए गए थे, वे धरातल पर पूरी तरह लागू नहीं हुए। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में गोमांस का व्यापार जारी है और सरकार इस पर प्रभावी रोक लगाने में विफल रही है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि "जो गो माता को काटेगा उसका विनाश होगा।" उन्होंने लोगों से गौ माता के संरक्षण के लिए एकजुट होने और भविष्य में मतदान करते समय गौ रक्षा को प्राथमिकता देने की अपील भी की। साथ ही गाय को "राष्ट्र माता" घोषित करने की मांग दोहराई।
गविशिष्ट यात्रा के तहत पहुंचे उन्नाव
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपनी गविशिष्ट (गौ रक्षार्थ-धर्मयुद्ध) यात्रा के तहत शुक्रवार को उन्नाव पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले सफीपुर कस्बे के प्राचीन सिद्धपीठ मां शंकरी देवी मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इसके बाद फतेहपुर चौरासी क्षेत्र के हफीजाबाद स्थित बलखंडेश्वर मंदिर पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में साधु-संत, श्रद्धालु और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने गौ संरक्षण को सनातन धर्म की मूल भावना बताते हुए कहा कि गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आस्था का प्रतीक है।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
अपने संबोधन के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर सीधे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में जो मांस का व्यापार हो रहा है, वह सरकार के संरक्षण में हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लेते हुए भी आरोप लगाए कि गौ संरक्षण के दावों के बावजूद गोमांस व्यापार पर प्रभावी रोक नहीं लग पाई है।
उन्होंने यह भी कहा कि "जो मंदिर का पुजारी होता है, उसे बहुत कम रुपये मिलते हैं। यदि मंदिर का पुजारी ही मांस की बिक्री करेगा तो वह कैसा पुजारी है?" इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने धार्मिक मूल्यों और वर्तमान व्यवस्था पर सवाल उठाए।
इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने कोई स्वतंत्र दस्तावेज या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। खबर लिखे जाने तक केंद्र या उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से इन बयानों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
"15 करोड़ मवेशियों का मांस बेचा जा रहा है"
सभा में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने दावा किया कि वर्तमान समय में 15 करोड़ मवेशियों का मांस बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है और यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो गौ संरक्षण के उद्देश्य को गंभीर नुकसान पहुंचेगा।
हालांकि, उन्होंने इस आंकड़े का कोई आधिकारिक स्रोत या दस्तावेज सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत नहीं किया।
"जो गो माता को काटेगा उसका विनाश होगा"
अपने संबोधन में उन्होंने धार्मिक संदर्भ देते हुए कहा कि जो व्यक्ति गो माता की हत्या करेगा या उसे नुकसान पहुंचाएगा, उसका अंत निश्चित रूप से विनाश में होगा। उन्होंने कहा कि गौ रक्षा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति की पहचान है।
उन्होंने लोगों से कहा कि धर्म के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति ही अंततः सफल होता है और समाज को गौ संरक्षण के लिए मिलकर कार्य करना चाहिए।
गौ माता के नाम पर मतदान करने की अपील
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने लोगों से आगामी चुनावों में गौ संरक्षण को प्रमुख मुद्दा बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अब तक लोग सड़क, बिजली, पानी और अन्य भौतिक सुविधाओं के आधार पर मतदान करते रहे हैं, लेकिन अब समय आ गया है कि गौ माता के हित को भी मतदान का आधार बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि जनता इस विषय पर जागरूक होकर मतदान करेगी तो सरकारों को भी गौ संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने पड़ेंगे।
गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग
सभा के दौरान उन्होंने गाय को "राष्ट्र माता" घोषित करने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि इसके लिए किसी बड़े आर्थिक संसाधन की आवश्यकता नहीं है और सरकार चाहे तो तत्काल इस दिशा में निर्णय ले सकती है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि गाय भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में माता का दर्जा रखती है तो उसे कानूनी रूप से यह सम्मान देने में देरी क्यों हो रही है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार गाय को केवल एक पशु मानती है, तो समाज को इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
गौधाम और गौ संवर्धन केंद्र की घोषणा
कार्यक्रम के दौरान गौ संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई घोषणाएं भी की गईं।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बांगरमऊ विधानसभा क्षेत्र में एक गौधाम स्थापित करने की घोषणा की। इस परियोजना की जिम्मेदारी सर्वसम्मति से शशांक शेखर शुक्ला को सौंपी गई।
इसके अलावा सफीपुर विधानसभा क्षेत्र में जनसहयोग से गौ संवर्धन केंद्र एवं आशीर्वाद स्थल स्थापित करने की भी घोषणा की गई। इसकी जिम्मेदारी समाजसेवी ज्ञानेंद्र सिंह को दी गई। उन्होंने कहा कि यह केंद्र समाज के सहयोग से तैयार किया जाएगा और इसका उद्देश्य गौ सेवा तथा गौ संरक्षण को बढ़ावा देना होगा।
मां शंकरी देवी मंदिर में श्रद्धालुओं को किया संबोधित
सफीपुर स्थित सिद्धपीठ मां शंकरी देवी मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज गाय संकट में है और गोभक्तों के साथ छल हुआ है। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय गौ रक्षा के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन बाद में उन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं दिखाई देती।
उन्होंने समाज से आग्रह किया कि गौ संरक्षण को केवल सरकार पर न छोड़ें, बल्कि स्वयं भी गोशालाओं, गौधामों और गौ सेवा के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
गौ संरक्षण पर जनजागरण का आह्वान
अपने पूरे संबोधन में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गौ संरक्षण को राष्ट्रीय और सांस्कृतिक अभियान बताते हुए लोगों से व्यापक जनजागरण चलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि समाज संगठित होकर आगे आएगा तो गौ हत्या और गोमांस व्यापार पर प्रभावी रोक लगाने की दिशा में सकारात्मक बदलाव संभव है।
उन्होंने कहा कि गौ सेवा भारतीय संस्कृति की आत्मा है और इसके संरक्षण के लिए समाज, धार्मिक संस्थाओं और सरकार—सभी को मिलकर काम करना होगा।
फिलहाल सरकार की प्रतिक्रिया नहीं
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बयान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं क्योंकि उन्होंने सीधे केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक उनके आरोपों पर न तो केंद्र सरकार और न ही उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी की गई थी।
गौ संरक्षण, गोमांस व्यापार और गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर दिया गया उनका यह बयान अब राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है।
news desk MPcg