कन्नौज में महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की नई पहल: खुलेंगी 10 मॉडल प्रेरणा कैंटीन, सरकार देगी ₹2 लाख की सहायता, स्वयं सहायता समूह संभालेंगे संचालन

कन्नौज में महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की नई पहल: खुलेंगी 10 मॉडल प्रेरणा कैंटीन, सरकार देगी ₹2 लाख की सहायता, स्वयं सहायता समूह संभालेंगे संचालन

उत्तर प्रदेश में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत कन्नौज जिले में 10 मॉडल प्रेरणा कैंटीन स्थापित की जाएंगी। इन कैंटीनों का संचालन महिला स्वयं सहायता समूह (Self Help Groups - SHGs) द्वारा किया जाएगा, जिससे महिलाओं को स्थायी रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

जिला प्रशासन के अनुसार, इन कैंटीनों को ऐसे सरकारी परिसरों और सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित किया जाएगा, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। प्रत्येक कैंटीन की स्थापना के लिए सरकार ₹2 लाख का अनुदान उपलब्ध कराएगी, जबकि संचालन, प्रबंधन और लाभ का पूरा अधिकार महिला समूहों के पास रहेगा।

सरकारी परिसरों में मिलेंगे स्वच्छ और किफायती भोजन की सुविधा

योजना के तहत जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, प्रमुख तहसीलों, विकास भवन तथा अन्य सरकारी कार्यालयों के परिसर में प्रेरणा कैंटीन खोली जाएंगी। इन कैंटीनों में मरीजों के परिजन, सरकारी कर्मचारी, विद्यार्थी, आम नागरिक और दूर-दराज से आने वाले लोगों को स्वच्छ, पौष्टिक और उचित मूल्य पर भोजन एवं नाश्ता उपलब्ध कराया जाएगा।

सरकार का उद्देश्य केवल भोजन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि महिलाओं को एक सफल उद्यमी के रूप में विकसित करना भी है।

महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार का मजबूत मंच

प्रत्येक कैंटीन का संचालन क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए छह सदस्यीय महिला समिति गठित होगी, जिसमें सर्वसम्मति से अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष का चयन किया जाएगा।

शुरुआती संचालन के लिए प्रत्येक पदाधिकारी को ₹30,000 की अंश पूंजी निवेश करनी होगी। इससे महिलाओं में उद्यमिता, वित्तीय प्रबंधन और सामूहिक नेतृत्व की भावना विकसित होगी।

मुनाफे के बंटवारे की पारदर्शी व्यवस्था

योजना के तहत लाभ वितरण का स्पष्ट मॉडल तैयार किया गया है—

कुल आय का 5 प्रतिशत क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) को मिलेगा।
15 प्रतिशत राशि भविष्य के विस्तार और रखरखाव के लिए सुरक्षित रखी जाएगी।
शेष 80 प्रतिशत लाभ महिला समूह की सदस्यों के बीच वितरित किया जाएगा।

इस व्यवस्था से महिलाओं को नियमित आय के साथ भविष्य में व्यवसाय विस्तार का भी अवसर मिलेगा।

पहले चरण में इन स्थानों का चयन

प्रशासन ने पहले चरण में जिन स्थानों को मॉडल प्रेरणा कैंटीन के लिए चुना है, उनमें शामिल हैं—

विकास भवन
जिला अस्पताल
हसेरन ब्लॉक
छिबरामऊ ब्लॉक
तहसील छिबरामऊ
उमर्दा ब्लॉक

शेष चार स्थानों का चयन जिला प्रशासन द्वारा अंतिम चरण में किया जा रहा है।

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से संचालित यह मॉडल ग्रामीण महिलाओं को केवल रोजगार ही नहीं देगा, बल्कि उन्हें उद्यमी बनने का अवसर भी प्रदान करेगा। इससे महिलाओं की पारिवारिक आय बढ़ेगी, वित्तीय आत्मनिर्भरता मजबूत होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।

पिछले कुछ वर्षों में स्वयं सहायता समूहों ने बैंकिंग, डेयरी, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प और सामुदायिक उद्यमों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। प्रेरणा कैंटीन इसी मॉडल को आगे बढ़ाने का प्रयास है।

स्थानीय लोगों को भी मिलेगा लाभ

इन कैंटीनों के शुरू होने से सरकारी अस्पतालों, कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों में आने वाले लोगों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण भोजन व्यवस्था उपलब्ध होगी। इससे निजी दुकानों पर निर्भरता कम होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

प्रशासन ने शुरू की चयन प्रक्रिया

जिला ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अधिकारियों के अनुसार, महिला समूहों के चयन और प्रशिक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। चयनित समूहों को खाद्य सुरक्षा मानकों, स्वच्छता, वित्तीय प्रबंधन, डिजिटल भुगतान, ग्राहक सेवा और व्यवसाय संचालन का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा ताकि कैंटीनों का संचालन पेशेवर तरीके से किया जा सके।

योजना के सफल क्रियान्वयन के बाद इसे जिले के अन्य क्षेत्रों में भी विस्तारित किया जा सकता है। प्रशासन का मानना है कि यह पहल महिलाओं की आय बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण विकास और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनेगी।