हरिद्वार में अतिवृष्टि से मिट्टी खिसकी, दो मकान क्षतिग्रस्त; कई परिवारों को राहत शिविर में पहुंचाया गया, प्रशासन अलर्ट पर

हरिद्वार में अतिवृष्टि से मिट्टी खिसकी, दो मकान क्षतिग्रस्त; कई परिवारों को राहत शिविर में पहुंचाया गया, प्रशासन अलर्ट पर

उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच हरिद्वार से एक चिंताजनक घटना सामने आई है। गुरुवार को हुई अतिवृष्टि के कारण हरिद्वार रेलवे स्टेशन के निकट काली कमली धर्मशाला के पीछे स्थित ढलान का बड़ा हिस्सा खिसक गया, जिससे दो आवासीय भवन क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के बाद प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया। समय रहते सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।

मौसम विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों, पहाड़ी ढलानों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।

भारी बारिश से खिसकी मिट्टी, दो मकान हुए असुरक्षित

प्रशासन के अनुसार लगातार कई घंटों तक हुई मूसलाधार बारिश से पहाड़ी ढलान की मिट्टी कमजोर हो गई। गुरुवार को अचानक मिट्टी खिसकने से पास स्थित दो आवासीय भवनों की नींव प्रभावित हुई और भवनों में दरारें आ गईं। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना प्रशासन को दी, जिसके बाद राहत दल मौके पर पहुंचा।

अधिकारियों ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दोनों भवनों को तत्काल खाली कराया और वहां रह रहे सभी लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

चार अन्य भवन भी खाली कराए गए

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी (एसडीएम) हरिद्वार ने तहसील प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन अधिकारियों के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। विशेषज्ञों ने आशंका जताई कि लगातार बारिश होने पर आसपास की मिट्टी और खिसक सकती है।

इसी को ध्यान में रखते हुए पास के चार अन्य आवासीय भवनों को भी एहतियातन खाली कराया गया। इन भवनों में रह रहे परिवारों को अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो।

राहत शिविर में रहने और भोजन की पूरी व्यवस्था

प्रभावित परिवारों को पन्नालाल भल्ला इंटर कॉलेज में बनाए गए आपदा राहत शिविर में स्थानांतरित किया गया है। जिला प्रशासन ने राहत शिविर में रहने, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहायता, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की है।

इसके अतिरिक्त श्यामपुर क्षेत्र में भी एक अलग राहत शिविर बनाया गया है, जहां दो अन्य प्रभावित परिवारों को सुरक्षित रखा गया है। प्रशासन लगातार शिविरों की निगरानी कर रहा है और प्रभावित लोगों की आवश्यकताओं का आकलन किया जा रहा है।

राहत राशि देने के निर्देश

जिला प्रशासन ने तहसीलदार हरिद्वार को निर्देश दिए हैं कि आपदा राहत मानकों के तहत प्रभावित परिवारों को तत्काल अहैतुक सहायता (Immediate Relief Assistance) और अन्य अनुमन्य राहत राशि उपलब्ध कराई जाए। साथ ही भवनों के नुकसान का विस्तृत सर्वे कराया जा रहा है, ताकि क्षति का सही आकलन कर आगे की कार्रवाई की जा सके।

यदि भवन रहने योग्य नहीं पाए जाते हैं तो प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।

उत्तराखंड में लगातार बढ़ रहा भूस्खलन का खतरा

उत्तराखंड में इस समय मानसून अपने चरम पर है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई पर्वतीय जिलों में भूस्खलन, सड़क धंसने और चट्टानें गिरने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।

राज्य के कई राष्ट्रीय और संपर्क मार्ग बाधित हैं, जिससे चारधाम यात्रा भी प्रभावित हुई है। प्रशासन लगातार जेसीबी मशीनों और राहत टीमों की मदद से सड़कों को खोलने का प्रयास कर रहा है, लेकिन लगातार बारिश राहत कार्यों को चुनौती दे रही है।

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के कई जिलों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, बागेश्वर, ऊधम सिंह नगर और चंपावत समेत कई जिलों में प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

लगातार खराब मौसम को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है। जिला प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों के पास न जाने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचना देने की अपील की है।

प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें, पहाड़ी ढलानों के आसपास अनावश्यक रूप से न रुकें और अफवाहों पर ध्यान न दें। राहत एवं बचाव दल पूरी तरह सतर्क हैं और संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है।

लगातार बारिश के मद्देनज़र हरिद्वार सहित पूरे उत्तराखंड में प्रशासन अलर्ट मोड पर है और किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।