देश को 17 जुलाई को मिलेगी पहली हाइड्रोजन ट्रेन: पीएम मोदी दिखाएंगे हरी झंडी, 50 स्कूली छात्रों को मिलेगा पहला सफर करने का अवसर; जानें पूरी योजना
भारतीय रेलवे हरित और स्वच्छ परिवहन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। देश की पहली हाइड्रोजन संचालित ट्रेन का औपचारिक शुभारंभ 17 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री हरियाणा के जींद और नरवाना में विकसित अमृत भारत रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन भी करेंगे तथा कई अन्य विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह केवल एक नई ट्रेन की शुरुआत नहीं, बल्कि भारतीय रेलवे के ग्रीन ट्रांसपोर्ट मिशन, स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग और कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाने के लिए रेलवे ने स्कूली विद्यार्थियों को भी कार्यक्रम से जोड़ने की विशेष योजना बनाई है।
प्रधानमंत्री करेंगे ऐतिहासिक शुभारंभ
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को सुबह हरियाणा के जींद पहुंचेंगे। यहां से वे देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके साथ ही जींद और नरवाना रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित किए गए नए स्वरूप में राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
इसके अलावा प्रधानमंत्री प्रदेश की विभिन्न आधारभूत संरचना, परिवहन और विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन एवं शिलान्यास करेंगे।
पहली यात्रा में शामिल होंगे 50 स्कूली विद्यार्थी
भारतीय रेलवे ने इस ऐतिहासिक अवसर पर 50 स्कूली विद्यार्थियों को देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन में यात्रा कराने का निर्णय लिया है। चयनित छात्र जींद से सोनीपत तक ट्रेन में सफर करेंगे और उसी दिन वापस जींद लौटेंगे।
रेलवे का उद्देश्य नई पीढ़ी को आधुनिक रेल तकनीक, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा के महत्व से परिचित कराना है। इस यात्रा के दौरान छात्रों को ट्रेन की विशेषताओं और हाइड्रोजन तकनीक के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।
कैसे होगा विद्यार्थियों का चयन?
उत्तर रेलवे ने जींद के खंड शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर चयन प्रक्रिया शुरू करने को कहा है। इसके तहत जिले के पांच विद्यालयों में सातवीं और आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों के बीच विशेष प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
प्रतियोगिताओं के विषय निर्धारित किए गए हैं—
"मेरा विकसित रेलवे स्टेशन कैसा होगा?"
"विकसित भारत के निर्माण में मैं क्या योगदान दूंगा/दूंगी?"
इन विषयों पर आयोजित ड्राइंग प्रतियोगिता और निबंध लेखन प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा।
विजेताओं को मिलेगा विशेष सम्मान
प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में सम्मानित किए जाने की भी योजना है। इसके बाद चयनित 50 छात्रों को पहली हाइड्रोजन ट्रेन में यात्रा करने का अवसर मिलेगा।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इससे बच्चों में विज्ञान, तकनीक, पर्यावरण संरक्षण और रेलवे के प्रति रुचि बढ़ेगी।
विद्यार्थियों की सुरक्षा रहेगी सर्वोच्च प्राथमिकता
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रा के दौरान विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। प्रत्येक समूह के साथ शिक्षकों और अधिकारियों की टीम मौजूद रहेगी।
पूरी यात्रा के दौरान रेलवे सुरक्षा बल (RPF), चिकित्सा दल तथा अन्य संबंधित अधिकारी भी तैनात रहेंगे।
क्या होती है हाइड्रोजन ट्रेन?
हाइड्रोजन ट्रेन पारंपरिक डीजल इंजन की जगह हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक से संचालित होती है। इसमें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रक्रिया से बिजली उत्पन्न होती है, जिससे ट्रेन चलती है।
इस तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें डीजल नहीं जलता और कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन लगभग नहीं होता। प्रक्रिया के दौरान मुख्य उप-उत्पाद के रूप में केवल जलवाष्प (Water Vapour) निकलती है, जिससे यह पर्यावरण के लिए अपेक्षाकृत अधिक अनुकूल मानी जाती है।
हाइड्रोजन ट्रेन के प्रमुख फायदे
हाइड्रोजन आधारित रेल तकनीक के कई महत्वपूर्ण लाभ बताए जाते हैं—
कार्बन उत्सर्जन में कमी।
डीजल पर निर्भरता कम होगी।
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा।
कम ध्वनि प्रदूषण।
भविष्य की स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन प्रणाली को गति।
ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती।
इसी कारण दुनिया के कई देश धीरे-धीरे हाइड्रोजन आधारित सार्वजनिक परिवहन की ओर बढ़ रहे हैं।
भारत के लिए क्यों है महत्वपूर्ण?
भारत वर्ष 2070 तक नेट-ज़ीरो उत्सर्जन का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में काम कर रहा है। रेलवे पहले ही अपने नेटवर्क का व्यापक विद्युतीकरण कर चुका है और अब वैकल्पिक स्वच्छ ईंधन पर भी तेजी से काम कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना सफल रहती है तो भविष्य में ऐसे इंजन उन रेल मार्गों पर उपयोग किए जा सकते हैं जहां पूर्ण विद्युतीकरण संभव नहीं है या पर्यावरणीय दृष्टि से स्वच्छ विकल्प की आवश्यकता है।
अमृत भारत स्टेशन योजना को भी मिलेगी नई गति
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के दौरान जींद और नरवाना रेलवे स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित आधुनिक सुविधाओं के साथ राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा।
इस योजना के अंतर्गत स्टेशनों पर—
आधुनिक यात्री सुविधाएं,
बेहतर प्रतीक्षालय,
दिव्यांगजन अनुकूल व्यवस्था,
डिजिटल सूचना प्रणाली,
स्वच्छता,
पार्किंग,
सौंदर्यीकरण,
स्थानीय संस्कृति पर आधारित डिजाइन
जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
कार्यक्रम की तैयारियां तेज
17 जुलाई को होने वाले कार्यक्रम को लेकर हरियाणा सरकार, रेलवे प्रशासन और स्थानीय प्रशासन तैयारियों में जुटा हुआ है। सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा लगातार की जा रही है।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश संगठन और जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम की तैयारियों में सक्रिय हैं। जानकारी के अनुसार कार्यक्रम को पर्यावरण-अनुकूल (Eco-Friendly) बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
भारत की ग्रीन रेलवे की दिशा में बड़ा कदम
रेल विशेषज्ञों का मानना है कि देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। इससे स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा और भारत वैश्विक स्तर पर ग्रीन मोबिलिटी को अपनाने वाले देशों की श्रेणी में अपनी उपस्थिति और मजबूत करेगा।
यदि इस परियोजना के परिचालन परिणाम सफल रहते हैं, तो भविष्य में भारतीय रेलवे अन्य मार्गों पर भी हाइड्रोजन आधारित ट्रेनों के संचालन की संभावनाओं का विस्तार कर सकता है। यह पहल स्वच्छ ऊर्जा, आधुनिक तकनीक और सतत विकास की दिशा में भारत की दीर्घकालिक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है।
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