अयोध्या: राम मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी, ईमेल के बाद एफआईआर दर्ज

अयोध्या के राम मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। साइबर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां ईमेल के स्रोत की जांच कर रही हैं। मंदिर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और श्रद्धालुओं से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।

अयोध्या: राम मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी, ईमेल के बाद एफआईआर दर्ज

अयोध्या, 15 अप्रैल 2025: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को रविवार रात एक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें मंदिर की सुरक्षा को खतरे में डालने की बात कही गई थी। इस मामले में स्थानीय पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, धमकी भरा ईमेल अंग्रेजी भाषा में था और इसे तमिलनाडु से भेजे जाने की प्रारंभिक जानकारी मिली है। ईमेल में दावा किया गया कि यह कार्रवाई कुछ घोटालों से ध्यान भटकाने के लिए की जा रही है। ट्रस्ट ने तत्काल इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी, जिसके बाद राम जन्मभूमि थाने में मामला दर्ज किया गया।

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

इस घटना के बाद अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए गए हैं। केंद्रीय और राज्य की खुफिया एजेंसियां भी इस मामले की गहन जांच में जुट गई हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राज करण नय्यर ने बताया कि तकनीकी विशेषज्ञों की एक टीम ईमेल के स्रोत का पता लगाने में लगी है। उन्होंने कहा, "हम इस मामले को बहुत गंभीरता से ले रहे हैं और जल्द ही दोषी का पता लगाया जाएगा।"

पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां

यह पहली बार नहीं है जब राम मंदिर को निशाना बनाने की धमकी दी गई हो। इससे पहले सितंबर 2024 में भी एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया के जरिए मंदिर को उड़ाने की धमकी दी थी, जिसके बाद बिहार के भागलपुर से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा, जनवरी 2024 में उद्घाटन के समय और जून 2024 में भी इसी तरह की धमकियां सामने आई थीं, जिनमें से कुछ शरारतपूर्ण पाई गई थीं।

ट्रस्ट ने की शांति की अपील

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इस घटना पर चुप्पी साध रखी है, लेकिन सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि ट्रस्ट ने भक्तों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। मंदिर की सुरक्षा में पहले से ही कई स्तरों पर इंतजाम हैं, जिनमें सीसीटीवी निगरानी, बम निरोधक दस्ते, और विशेष सुरक्षा बल शामिल हैं।

आगे की जांच जारी

पुलिस ने बताया कि ईमेल भेजने वाले की पहचान के लिए साइबर विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि क्या यह धमकी किसी संगठन से जुड़ी है या व्यक्तिगत शरारत है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।