भोपाल में कर्ज से परेशान शेफ ने की आत्महत्या: सुसाइड नोट में सूदखोर और रिकवरी एजेंट पर प्रताड़ना के आरोप, पुलिस जांच में जुटी
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कर्ज और कथित मानसिक प्रताड़ना से जुड़ा एक दर्दनाक मामला सामने आया है। रातीबड़ थाना क्षेत्र में 37 वर्षीय एक शेफ का शव पेड़ से फंदे पर लटका मिला। मृतक की पहचान रामश्रवण पटेल के रूप में हुई है, जो नीलबड़ स्थित बृजधाम कॉलोनी का निवासी था और कोलार रोड स्थित एक निजी बंगले में शेफ के रूप में कार्यरत था।
घटनास्थल से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें मृतक ने एक निजी व्यक्ति और एक फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंट पर कर्ज चुकाने के बावजूद लगातार दबाव बनाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
कलियासोत डेम के पास पेड़ से लटका मिला शव
पुलिस के अनुसार मंगलवार देर रात रातीबड़ थाना क्षेत्र के कलियासोत डेम के समीप तेरा शटर इलाके में एक व्यक्ति के पेड़ से लटके होने की सूचना मिली थी।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतरवाया। मृतक की बाइक भी घटनास्थल पर खड़ी मिली। तलाशी के दौरान उसकी पैंट की जेब से एक हस्तलिखित सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसमें लिखे मोबाइल नंबर के आधार पर पुलिस ने परिजनों को घटना की सूचना दी।
बुधवार सुबह शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
काम पर जाने की बात कहकर घर से निकला था
परिजनों ने पुलिस को बताया कि रामश्रवण पटेल मंगलवार दोपहर रोज की तरह काम पर जाने की बात कहकर घर से निकला था।
रात तक उसके घर नहीं लौटने पर परिवार चिंतित था। इसी बीच देर रात पुलिस की ओर से सूचना मिली कि कलियासोत डेम क्षेत्र में उसका शव मिला है।
घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।
सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप
घटनास्थल से बरामद सुसाइड नोट में रामश्रवण ने अपनी आत्महत्या के पीछे कर्ज और कथित प्रताड़ना को जिम्मेदार बताया है।
नोट के अनुसार, उसने मकान निर्माण के लिए बृज पटेल नामक व्यक्ति से 3.70 लाख रुपये उधार लिए थे।
मृतक ने दावा किया है कि उसने पूरी मूल राशि वापस कर दी थी, लेकिन इसके बावजूद उससे प्रतिदिन 10 हजार रुपये ब्याज की मांग की जा रही थी।
सुसाइड नोट में यह भी आरोप लगाया गया है कि एक निजी फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंट भी लगातार उस पर भुगतान का दबाव बना रहे थे, जिससे वह मानसिक तनाव में आ गया।
ध्यान रहे कि सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस इन दावों की जांच कर रही है।
भाई का दावा- गहने गिरवी रखकर भी चुकाया कर्ज
मृतक के भाई अरुण पटेल ने बताया कि रामश्रवण ने कर्ज चुकाने के लिए परिवार के गहने तक गिरवी रख दिए थे।
इसके बावजूद कथित तौर पर तकादेदार लगातार उससे पैसे मांग रहे थे। परिवार का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से वह अत्यधिक तनाव में था और मानसिक रूप से परेशान रहने लगा था।
परिजनों का आरोप है कि आर्थिक दबाव और लगातार वसूली की वजह से उसने यह कदम उठाया।
चुनाभट्टी थाने बुलाने का भी आरोप
परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि घटना से लगभग तीन दिन पहले रामश्रवण को चुनाभट्टी थाना बुलाया गया था, जहां उसे कई घंटों तक बैठाकर कथित तौर पर कर्ज चुकाने का दबाव बनाया गया।
हालांकि पुलिस ने इस दावे से इनकार करते हुए कहा है कि फिलहाल ऐसी कोई जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है। इस पहलू की भी जांच की जाएगी यदि कोई साक्ष्य सामने आता है।
चार दिन पहले भी की थी आत्महत्या की कोशिश
रातीबड़ थाना प्रभारी रास बिहारी शर्मा के अनुसार शुरुआती जांच में आर्थिक तनाव का मामला सामने आया है।
परिजनों ने पुलिस को बताया कि घटना से लगभग चार दिन पहले भी रामश्रवण ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया था। उस समय समय रहते इलाज मिलने से उसकी जान बच गई थी।
इस जानकारी के आधार पर पुलिस मृतक की मानसिक स्थिति और हाल के घटनाक्रमों की भी जांच कर रही है।
पुलिस किन बिंदुओं पर कर रही जांच?
पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान निम्न पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा—
सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग का सत्यापन।
मोबाइल कॉल डिटेल और कॉल रिकॉर्ड का विश्लेषण।
बैंक खाते एवं वित्तीय लेन-देन की जांच।
सुसाइड नोट में जिन व्यक्तियों और संस्थाओं का उल्लेख है, उनसे पूछताछ।
कथित कर्ज, ब्याज और वसूली से जुड़े दस्तावेजों का परीक्षण।
यह पता लगाना कि कहीं अवैध वसूली या गैरकानूनी दबाव तो नहीं बनाया गया।
यदि जांच में किसी प्रकार की अवैध वसूली, धमकी या उत्पीड़न के प्रमाण मिलते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस का आधिकारिक बयान
रातीबड़ थाना प्रभारी रास बिहारी शर्मा ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है। घटनास्थल से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें कुछ लोगों पर आरोप लगाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि फिलहाल सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कर्ज और मानसिक तनाव बना चिंता का विषय
यह घटना एक बार फिर आर्थिक दबाव, कर्ज और मानसिक तनाव से जुड़े गंभीर सामाजिक मुद्दों की ओर ध्यान आकर्षित करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि आर्थिक संकट और लगातार दबाव की स्थिति में व्यक्ति को परिवार, मित्रों या पेशेवर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से समय रहते सहायता लेनी चाहिए।
फिलहाल इस मामले में पुलिस जांच जारी है और सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
news desk MPcg