इंदौर के सारांश जैन को टीम इंडिया में पहली बार टेस्ट टीम में मौका, श्रीलंका दौरे के लिए चयन; घरेलू क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन का मिला इनाम

इंदौर के सारांश जैन को टीम इंडिया में पहली बार टेस्ट टीम में मौका, श्रीलंका दौरे के लिए चयन; घरेलू क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन का मिला इनाम

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने 15 अगस्त से श्रीलंका के खिलाफ शुरू होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान कर दिया है। इस टीम की सबसे बड़ी चर्चाओं में से एक नाम मध्यप्रदेश के इंदौर निवासी 33 वर्षीय स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन का है, जिन्हें पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया है।

घरेलू क्रिकेट में लंबे समय तक लगातार शानदार प्रदर्शन करने वाले सारांश जैन को आखिरकार भारतीय टेस्ट टीम में जगह मिल गई है। क्रिकेट विशेषज्ञ इसे घरेलू क्रिकेट में निरंतर प्रदर्शन का पुरस्कार मान रहे हैं। यदि उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका मिलता है तो वह भारतीय टेस्ट क्रिकेट में अपना पदार्पण करेंगे।

वर्षों की मेहनत के बाद मिला टीम इंडिया का बुलावा

सारांश जैन पिछले कई वर्षों से मध्यप्रदेश की रणजी टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। उन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है।

हाल ही में श्रीलंका दौरे पर इंडिया-ए की ओर से दूसरे चार दिवसीय मुकाबले में उन्होंने नाबाद 70 रन बनाए और 6 विकेट लेकर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। इसी प्रदर्शन ने राष्ट्रीय टीम के दरवाजे उनके लिए खोल दिए।

प्रथम श्रेणी क्रिकेट में शानदार रिकॉर्ड

सारांश जैन का प्रथम श्रेणी क्रिकेट रिकॉर्ड उनके ऑलराउंड कौशल को दर्शाता है।

फर्स्ट क्लास करियर (अब तक)

मैच: 54
रन: 2,223
विकेट: 188

एक स्पिन ऑलराउंडर के रूप में यह प्रदर्शन भारतीय घरेलू क्रिकेट में उन्हें लगातार मजबूत दावेदार बनाता रहा है।

इंदौर के विजय क्लब से शुरू हुआ सफर

सारांश जैन का जन्म इंदौर में हुआ। उन्होंने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत शहर के प्रसिद्ध विजय क्लब से की।

इसी क्लब में उन्होंने मध्यप्रदेश और भारतीय बल्लेबाज रजत पाटीदार सहित कई खिलाड़ियों के साथ अभ्यास किया। जूनियर क्रिकेट से लेकर रणजी ट्रॉफी तक उन्होंने लगातार अपने खेल में सुधार किया और घरेलू क्रिकेट में मजबूत पहचान बनाई।

पिता से मिली क्रिकेट की विरासत

सारांश जैन क्रिकेट परिवार से आते हैं। उनके पिता सुबोध जैन भी मध्यप्रदेश की ओर से रणजी ट्रॉफी खेल चुके हैं।

सुबोध जैन का सपना भारत के लिए खेलना था, लेकिन वह राष्ट्रीय टीम तक नहीं पहुंच सके। अब बेटे सारांश के टीम इंडिया में चयन के साथ परिवार का वह सपना पूरा होता नजर आ रहा है।

संघर्षों से भरा रहा परिवार का सफर

सारांश जैन का क्रिकेट सफर केवल मैदान तक सीमित नहीं रहा।

परिवार ने कई कठिन परिस्थितियों का सामना किया। उनके पिता लंबे समय तक कैंसर से जूझते रहे, लेकिन उन्होंने बेटे का मनोबल कभी टूटने नहीं दिया।

वहीं, परिवार के बड़े बेटे ने भी अपने क्रिकेट करियर को पीछे छोड़कर सारांश के सपनों को पूरा करने में सहयोग किया। परिवार के त्याग और सारांश की मेहनत का परिणाम अब राष्ट्रीय टीम में चयन के रूप में सामने आया है।

श्रीलंका दौरे पर मिल सकता है टेस्ट डेब्यू

भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी।

पहला टेस्ट: 15 अगस्त, गॉल
दूसरा टेस्ट: 23 अगस्त, कोलंबो (SSC)

यदि टीम संयोजन में जगह मिलती है तो सारांश जैन इसी दौरे पर अपना पहला टेस्ट मैच खेल सकते हैं।

भारतीय टीम में कई अहम खिलाड़ी शामिल

श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टीम की कमान शुभमन गिल को सौंपी गई है, जबकि केएल राहुल उपकप्तान होंगे।

टीम में जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन को शामिल किया गया है, लेकिन दोनों की उपलब्धता उनकी फिटनेस पर निर्भर करेगी। वहीं नीतीश कुमार रेड्डी चोट के कारण टीम का हिस्सा नहीं हैं, जबकि वॉशिंगटन सुंदर हैमस्ट्रिंग इंजरी के चलते पहला टेस्ट नहीं खेल पाएंगे।

बल्लेबाजी और गेंदबाजी संयोजन

भारतीय बल्लेबाजी क्रम में ज्यादा बदलाव नहीं किया गया है।

ओपनर: केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल
नंबर-4: शुभमन गिल
विकेटकीपर: ऋषभ पंत
रिजर्व विकेटकीपर: ध्रुव जुरेल

स्पिन विभाग में रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव और मानव सुथार शामिल हैं, जबकि तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी जसप्रीत बुमराह (फिटनेस के अधीन), मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा संभालेंगे।

श्रीलंका के खिलाफ भारत का रिकॉर्ड मजबूत

भारत और श्रीलंका के बीच अब तक 17 टेस्ट सीरीज खेली जा चुकी हैं।

भारत ने जीतीं: 10
श्रीलंका ने जीतीं: 3
ड्रॉ: 4

श्रीलंका ने भारत के खिलाफ आखिरी टेस्ट सीरीज 2008 में जीती थी। यानी पिछले करीब 18 वर्षों से वह भारत को टेस्ट सीरीज में नहीं हरा पाया है।

मध्यप्रदेश क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि

सारांश जैन का चयन केवल उनके व्यक्तिगत करियर की उपलब्धि नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश क्रिकेट के लिए भी गर्व का विषय माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में मध्यप्रदेश से कई खिलाड़ियों ने भारतीय टीम तक पहुंच बनाई है और सारांश का चयन इस क्रम को आगे बढ़ाता है।

घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए भी यह चयन एक सकारात्मक संदेश माना जा रहा है कि लंबी अवधि तक निरंतर अच्छा प्रदर्शन अंततः राष्ट्रीय स्तर पर अवसर दिला सकता है।

अब सभी की नजरें 15 अगस्त से शुरू होने वाली भारत-श्रीलंका टेस्ट सीरीज पर होंगी, जहां सारांश जैन के अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण की संभावना बनी हुई है।